इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को झटका, मुआवजा नहीं लेने वाले किसान की जमीन लेने पर लगी रोक
Sanjay Gupta | May 20, 2026, 15:04 IST
indore ujjain greenfield corridor mp high court stay
सिंहस्थ 2028 के नजरिए से अहम इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कारिडोर को झटका लगा है। इंदौर हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है उनकी जमीन अभी नहीं ली जाए।
इंदौर-उज्जैन के बीच बन रहे अहम 48 किमी लंबे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को झटका लगा है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर ने किसानों की याचिका पर सुनवाई करते हुए इसमें निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत जिन किसानों ने मुआवजा राशि नहीं ली है, उनसे जमीन नहीं ली जा सकेगी। यह फोरलेन सड़क इंदौर के पितृ पर्वत से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर तक है। इंदौर में इसके लिए लगभग 650 करोड़ का मुआवजा अवार्ड पारित हुआ है।
अधिवक्ता पूनम महाजन ने बताया कि योजना में हातोद तहसील इंदौर के ग्राम सागवाल की 16.496 हेक्टेयर जमीन भी है। किसान अधिग्रहण के विरोध में हैं। उन्होंने ही यह याचिका लगाई है।
किसानों का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन ने 13 फरवरी 2026 को सुनवाई में कहा था कि जमीन अधिग्रहण कानून के सभी अधिनियमों का पालन होगा। इसका पालन नहीं हो रहा है। जमीन अधिग्रहण का प्रयास किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने कार्रवाई रोकने की मांग की थी।
वहीं सुनवाई के दौरान शासन ने कहा कि याचिका करने वालों में से कुछ किसान मुआवजा ले चुके हैं। कुछ और मुआवजा लेने के लिए तैयार हैं। इस पर कोर्ट ने माना कि याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।
यदि इस दौरान जमीन पर कब्जा ले लिया जाता है, तो फिर याचिकाओं का कोई मतलब नहीं रहेगा। इसलिए जिन्होंने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीन पर स्थिति यथावत रखी जाए।
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इसके तहत जिन किसानों ने मुआवजा राशि नहीं ली है, उनसे जमीन नहीं ली जा सकेगी। यह फोरलेन सड़क इंदौर के पितृ पर्वत से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर तक है। इंदौर में इसके लिए लगभग 650 करोड़ का मुआवजा अवार्ड पारित हुआ है।
इसलिए हुआ फैसला...
किसानों का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन ने 13 फरवरी 2026 को सुनवाई में कहा था कि जमीन अधिग्रहण कानून के सभी अधिनियमों का पालन होगा। इसका पालन नहीं हो रहा है। जमीन अधिग्रहण का प्रयास किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने कार्रवाई रोकने की मांग की थी।
कुछ किसान ले चुके मुआवजा
यदि इस दौरान जमीन पर कब्जा ले लिया जाता है, तो फिर याचिकाओं का कोई मतलब नहीं रहेगा। इसलिए जिन्होंने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीन पर स्थिति यथावत रखी जाए।
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