मान्यता के बिना स्टेट लैब में रुकी खाद्य पदार्थों के सैंपलों की जांच
Sanjay Sharma | Jun 09, 2025, 22:12 IST
राज्य प्रयोगशाला ईदगाह हिल्स भोपाल Photograph: (THE SOOTR)
मध्य प्रदेश खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की एनएबीएल यानी नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज मान्यता छिन गई है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की एनएबीएल यानी नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज मान्यता छिन गई है। अधिकारियों की लापरवाही से भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित स्टेट लैब की मान्यता का नवीनीकरण नहीं हुआ है। अब प्रयोगशाला अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सैंपल टेस्ट और कैलिब्रेशन के योग्य नहीं रह गई है। मान्यता छिनने के बाद अब प्रयोगशाला द्वारा जारी की जाने वाली मिलावटी खाद्य सामग्री की रिपोर्ट अधिकृत नहीं रह गई है। वहीं प्रदेश भर से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा भेजे जाने वाले सैंपलों का परीक्षण भी अटक जाएगा।
भोपाल के ईदगाह हिल्स क्षेत्र में स्टेट लैब में खाद्य पदार्थों के साथ ही औषधियों से संबंधित सैंपलों का परीक्षण किया जाता है। मिलावट की आशंका या अमानक दवा होने की आशंका पर लिए जाने वाले सैंपलों को यहां भेजा जाता है। पहले से ही स्टेट लैब में जांच अधिकारियों की कमी है इसके कारण हजारों की संख्या में सैंपलों की जांच रिपोर्ट महीनों तक तैयार नहीं हो पा रही है। अब एनएबीएल मान्यता छिनने की वजह से जांच ठप्प हो जाएगी और मिलावट से संबंधित प्रकरण महीनों तक लंबित रह सकते हैं।
ये खबरें भी पढ़िए :
IIT भिलाई ने फ्रांस के बाद अब जर्मनी की यूनिवर्सिटी से किया MOU
एमपी पुलिस परीक्षा घोटाला: ग्वालियर-चंबल में नकल माफिया एक्टिव, साल्वर गैंग पर बड़ा खुलासा
दरअसल राज्य स्तरीय प्रयोगशाला को खाद्य एवं औषधीय सैंपलों के परीक्षण और रिपोर्ट जारी करने के लिए नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेटरीज से मान्यता लेना होती है। इस मान्यता का सालाना नवीनीकरण भी जरूरी होता है। नवीनीकरण न होने की स्थिति में स्टेट लैब द्वारा तैयार सैंपल रिपोर्ट की वैधानिकता पर सवाल उठाए जा सकते हैं। इस साल 20 मई 2025 से पहले प्रयोगशाला की मान्यता का नवीनीकरण कराया जाना था। यहां फैली भर्राशाही और अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। नतीजा 20 मई को नवीनीकरण का समय बीतने के बाद अधिकारियों को एनएबीएल मान्यता की सुध आई। हांलाकि तब तक देर हो चुकी थी।
ये खबरें भी पढ़िए :
दो प्यार करने वालों के बीच तीसरा आया...! जंगल में BF ने गर्लफ्रेंड के साथ किया रेप
MP Weather Alert : MP में आग बरसा रहा सूरज! 7 शहरों में पारा 45 डिग्री के पार
अब एनएबीएल की मान्यता के बिना स्टेट लैब के वैज्ञानिक अधिकारी खाद्य एवं औषधीय सैंपलों का परीक्षण कर उनकी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पा रहे हैं। उनके द्वारा 20 मई के बाद सैंपलों की जांच कर तैयार की जानी वाली परीक्षण रिपोर्ट भी अधिकृत नहीं रह गई हैं। जहां एक ओर प्रयोगशाला में मान्यता के बिना परीक्षण रुक गया है वहीं जिलों से लगातार सैंपल यहां पहुंच रहे हैं। इनका नियमित परीक्षण नहीं होने के कारण लगातार जांच रिपोर्ट का भार बढ़ रहा है। राज्य स्तरीय प्रयोगशाला की मान्यता की अनदेखी को लेकर अब शासन ने खाद्य औषधि प्रशासन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया है। वहीं अधिकारी गलती को छिपाने का रास्ता तलाश रहे हैं।
अनियमितताओं से घिरी प्रयोगशाला
ये खबरें भी पढ़िए :
IIT भिलाई ने फ्रांस के बाद अब जर्मनी की यूनिवर्सिटी से किया MOU
एमपी पुलिस परीक्षा घोटाला: ग्वालियर-चंबल में नकल माफिया एक्टिव, साल्वर गैंग पर बड़ा खुलासा
नवीनीकरण कराया भूल गए अफसर
ये खबरें भी पढ़िए :
दो प्यार करने वालों के बीच तीसरा आया...! जंगल में BF ने गर्लफ्रेंड के साथ किया रेप
MP Weather Alert : MP में आग बरसा रहा सूरज! 7 शहरों में पारा 45 डिग्री के पार
परीक्षण रुका, सैंपलों का भार बढ़ा
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj