हवाई कनेक्टिविटी का मामला पहुंचा हाईकोर्टः MP सरकार ने एयर ऑपरेटर्स से मंगवाए आवेदन
Neel Tiwari | Aug 28, 2025, 17:54 IST
Photograph: (The Sootr)
जबलपुर में हवाई कनेक्टिविटी की कमी से वकीलों और आम लोगों को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने में समस्या हो रही है। अब मध्यप्रदेश सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए विमान सेवा बढ़ाने के लिए RFP जारी किया है।
JABALPUR. जबलपुर में फ्लाइट्स की कम संख्या को लेकर हाईकोर्ट में उपभोक्ता मंच के द्वारा दायर जनहित याचिका में अब एक फाइनल ईयर लॉ स्टूडेंट ने भी इंटरवेंशन याचिका दाखिल की है। इसमें चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की डिविजनल बेंच को बताया गया कि वकीलों और वादियों को इंदौर और ग्वालियर बेंचों तथा सुप्रीम कोर्ट (दिल्ली) में सुनवाई के लिए पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है। इन स्थानों के बीच हवाई संपर्क इतना खराब हो गया है कि न्यायालय में समय पर पहुंचना लगभग असंभव हो गया है।
हस्तक्षेप याचिका में छात्र पार्थ श्रीवास्तव की ओर से सीनियर एडवोकेट आदित्य सांघी ने बताया कि जबलपुर का एयर कनेक्टिविटी बेहद कमजोर है। जबलपुर में सिर्फ 9 उड़ानें उपलब्ध हैं, वहीं भोपाल जैसे शहर को 50 उड़ानें मिल रही हैं। कोर्ट को यह बताया गया कि “भोपाल को 50 उड़ानें मिली हुई हैं, जबकि हमें केवल 9 और वो भी रात और दोपहर के अजीब समय में”।
याचिका में और भी गंभीर मुद्दे उठाते हुए बताया गया कि कम कनेक्टिविटी होने के कारण न तो वकील सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली हाईकोर्ट में समय पर पहुंच पाते हैं, न ही जबलपुर हाईकोर्ट बेंचों में पूरी कार्यवाही कर पाते हैं। सुबह जबलपुर से खुले उड़ान से पहुंचने पर भी शाम 4 बजे ही न्यायालय में पहुंचना संभव होता है, जिससे पूरा दिन बर्बाद हो जाता है।
ये भी पढ़ें... MPPSC को लेकर हाईकोर्ट इंदौर की अहम टिप्पणी, इसी से उठे सवाल फिर रिजल्ट और अंक क्यों नहीं बताए जा रहे
इस मामले पर डिप्टी एडवोकेट जनरल विवेक शर्मा ने बताया कि विमान सेवा के लिए एविएशन डायरेक्टोरेट ने एक request for proposal (RFP) जारी किया गया है। साथ ही एयरलाइन ऑपरेटरों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ, इंटर ग्लोब एविएशन लिमिटेड के एडवोकेट सिद्धार्थ शर्मा को पिछली सुनवाई में कोर्ट ने निर्देश देकर कहा था कि वे एक एफिडेविट प्रस्तुत करें। इस एफिडेविट में उड़ानों की व्यवहार्यता (viability) का आंकलन, जबलपुर से इंदौर और दिल्ली/मुंबई के कनेक्टिंग फ्लाइट्स में यात्रियों की संख्या का डेटा शामिल हो।
इसे हाई कोर्ट में जमा करने के लिए जेट एयरवेज को संचालित करने वाली कंपनी इंटर ग्लोब एवियशन लिमिटेड की ओर से समय मांगा गया है। अब इस मामले की सुनवाई 9 सितंबर को तय की गई है। तब सीलबंद लिफाफे में एयरलाइन कंपनी अपना कमर्शियल डेटा प्रस्तुत करेगी और सरकार भी जारी किए गए टेंडर की स्थिति कोर्ट में बताएगी।
ये भी पढ़ें... MP News: प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश, क्षिप्रा नदी उफान पर, सड़कें और मंदिर डूबे, भोपाल में गरज-चमक के साथ झमाझम बरसा पानी
इस PIL से यह भी खुलासा हो रहा है कि कम फ्लाइट्स और बड़े शहरों को डायरेक्ट फ्लाइट ना होना न सिर्फ वकीलों को, बल्कि आम नागरिकों को भी कोर्ट पहुंचने सहित व्यवसायियों को भी बहुत कठिनाइयों से गुज़रना पड़ रहा है। न्यायपालिका के सहज, निर्बाध और समयबद्ध संचालन के नजरिए से भी यह समस्या गंभीर है।
ये भी पढ़ें... 27% ओबीसी आरक्षणः MPPSC ने पुराना एफिडेविट वापस लेने सुप्रीम कोर्ट से की गुहार, बिना शर्त माफी भी मांगी
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
फाइनल ईयर लॉ स्टूडेंट ने किया है हस्तक्षेप
याचिका में और भी गंभीर मुद्दे उठाते हुए बताया गया कि कम कनेक्टिविटी होने के कारण न तो वकील सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली हाईकोर्ट में समय पर पहुंच पाते हैं, न ही जबलपुर हाईकोर्ट बेंचों में पूरी कार्यवाही कर पाते हैं। सुबह जबलपुर से खुले उड़ान से पहुंचने पर भी शाम 4 बजे ही न्यायालय में पहुंचना संभव होता है, जिससे पूरा दिन बर्बाद हो जाता है।
ये भी पढ़ें... MPPSC को लेकर हाईकोर्ट इंदौर की अहम टिप्पणी, इसी से उठे सवाल फिर रिजल्ट और अंक क्यों नहीं बताए जा रहे
4 पॉइंट्स में समझें पूरी खबर...कम फ्लाइट्स का मुद्दा: जबलपुर में हवाई कनेक्टिविटी की कमी के कारण वकील और आम लोग इंदौर, ग्वालियर, और दिल्ली जैसे शहरों में स्थित न्यायालयों तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबलपुर में केवल 9 फ्लाइट्स हैं, जबकि भोपाल जैसे शहर में 50 फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। जनहित याचिका और हस्तक्षेप: इस मुद्दे को लेकर उपभोक्ता मंच द्वारा दायर जनहित याचिका में फाइनल ईयर लॉ स्टूडेंट पार्थ श्रीवास्तव ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि कम फ्लाइट्स के कारण न्यायालयों में समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया है, और कोर्ट में कार्यवाही में देरी हो रही है। सरकार और कोर्ट का प्रयास: सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए एक Request for Proposal (RFP) जारी किया है, जिसके तहत एयरलाइन ऑपरेटरों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके अलावा, कोर्ट ने एयरलाइंस से जबलपुर से इंदौर और दिल्ली/मुंबई के कनेक्टिंग फ्लाइट्स के यात्री आंकड़ों का एफिडेविट पेश करने को कहा है। वकीलों और नागरिकों की कठिनाइयां: कम फ्लाइट्स और डायरेक्ट कनेक्टिविटी की कमी से न सिर्फ वकीलों, बल्कि सामान्य नागरिकों और व्यवसायियों को भी न्यायालय तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। यह समस्या न्यायपालिका के निर्बाध और समयबद्ध संचालन के लिए भी गंभीर है। |
नेशनल और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जारी हुआ RFP
दूसरी तरफ, इंटर ग्लोब एविएशन लिमिटेड के एडवोकेट सिद्धार्थ शर्मा को पिछली सुनवाई में कोर्ट ने निर्देश देकर कहा था कि वे एक एफिडेविट प्रस्तुत करें। इस एफिडेविट में उड़ानों की व्यवहार्यता (viability) का आंकलन, जबलपुर से इंदौर और दिल्ली/मुंबई के कनेक्टिंग फ्लाइट्स में यात्रियों की संख्या का डेटा शामिल हो।
इसे हाई कोर्ट में जमा करने के लिए जेट एयरवेज को संचालित करने वाली कंपनी इंटर ग्लोब एवियशन लिमिटेड की ओर से समय मांगा गया है। अब इस मामले की सुनवाई 9 सितंबर को तय की गई है। तब सीलबंद लिफाफे में एयरलाइन कंपनी अपना कमर्शियल डेटा प्रस्तुत करेगी और सरकार भी जारी किए गए टेंडर की स्थिति कोर्ट में बताएगी।
ये भी पढ़ें... MP News: प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश, क्षिप्रा नदी उफान पर, सड़कें और मंदिर डूबे, भोपाल में गरज-चमक के साथ झमाझम बरसा पानी
कम फ्लाइट से हर कोई है परेशान
ये भी पढ़ें... 27% ओबीसी आरक्षणः MPPSC ने पुराना एफिडेविट वापस लेने सुप्रीम कोर्ट से की गुहार, बिना शर्त माफी भी मांगी
FAQ
- जबलपुर की एयर कनेक्टिविटी के मुद्दे पर क्या जनहित याचिका दायर की गई है?
हां, जबलपुर में एयर कनेक्टिविटी की कमी के कारण वकील और आम लोग न्यायालयों तक पहुंचने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। इस पर एक जनहित याचिका दायर की गई थी जिसमें लॉ स्टूडेंट ने हस्तक्षेप किया और फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाने की मांग की। मध्यप्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मध्यप्रदेश सरकार ने एयर कनेक्टिविटी सुधारने के लिए विमान सेवा कंपनियों से आवेदन आमंत्रित करने हेतु एक Request for Proposal (RFP) जारी किया है। इसके तहत एयरलाइन कंपनियों से कनेक्टिविटी बढ़ाने के उपायों पर विचार किया जाएगा।- जबलपुर में फ्लाइट्स की कमी से वकीलों और आम लोगों पर क्या असर पड़ा है?
जबलपुर में फ्लाइट्स की कमी के कारण वकीलों और आम नागरिकों को दिल्ली, मुंबई, और इंदौर जैसे शहरों में न्यायालयों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इस वजह से न्यायिक कार्यों में देरी हो रही है और समय पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
मध्यप्रदेश स्टेट बार काउंसिल में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय, 15 नवंबर को होगा मतदान
By Neel Tiwari
दिवाली से पहले साय सरकार का तोहफा, कर्मचारियों-पेंशनरों का DA 2% बढ़ा, नवंबर से मिलेगा फायदा
By VINAY VERMA
भाजपा युवा मोर्चा की किस्तों में नियुक्तियां: 11 महीने बाद 19 जिलाध्यक्ष घोषित, पांच जिलों में महामंत्री के नाम गायब
By Ramanand Tiwari
भोपाल में पूर्व मंत्री अजय विश्नोई के बंगले में फिर चोरी, विधायक ने खुद पकड़ा, सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाला लड़का निकला चोर
By Amresh Kushwaha
MP में आदिवासी वोटों को लेकर सियासी हलचल तेज! BJP का 66 और कांग्रेस का 90 सीटों पर फोकस
By Ramanand Tiwari
Live |मकान में चोरी की वारदात का खुलासा, आखिरकार जवाहर सर्किल पुलिस ने जयपुर से पकड़ा आरोपी
By
एमपी में आयुष से आरोग्य अभियान की तैयारी, एआई से स्वास्थ्य जांच की योजना, आयुष किट के मानक अधूरे
By Ramanand Tiwari