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Photograph: (the sootr)
JABALPUR. जबलपुर के पहले फाइव स्टार होटल हिल्टन गार्डन इन में प्रशासन ने अचानक जांच की। इस निरीक्षण ने होटल के बड़े और चमकदार दावों की पोल खोलकर रख दी है।
यह मशहूर इंटरनेशनल स्टैंडर्ड होटल बुनियादी सुरक्षा मानकों पर भी पूरी तरह फेल हुआ। होटल ने लोगों को अंतर्राष्ट्रीय सेवा और हाई स्टैंडर्ड फूड का झूठा भरोसा दिया था। निरीक्षण टीम ने किचन की खराब हालत देखी, जिससे उनका फाइव स्टार दावा खारिज हो गया।
इंटरनेशनल फूड का दावा, मिला बासी खाना और गंदगी
Restaurant खुद को इंटरनेशनल डिलाइट्स का केंद्र बताता है, पर सच्चाई बिल्कुल अलग थी। निरीक्षण में यहां तीन दिन पुरानी ग्रेवी मिली, जो शायद कई ग्राहकों को परोसी गई होगी।
कटे हुए बासी प्याज को भी इस्तेमाल के लिए बचाकर रखा गया था। एक दिन पुराना आटा भी मिला, जिससे फाइव स्टार की रोटियां ग्राहकों को खिलाई जाती थीं। कई खाद्य पदार्थ बिना एक्सपायरी डेट के भी वहां रखे हुए पाए गए। अधिकारियों ने वेज फ्रीजर की जांच की, तो उसमें चिकन रखा हुआ देखकर सब हैरान थे।
शाकाहारी फ्रिज में चिकन मिलना होटल की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह बड़ी चूक किसी भी सामान्य होटल में माफ नहीं की जा सकती है। यह तो एक फाइव स्टार इंटरनेशनल ब्रांड का मामला है, जो अस्वीकार्य है।
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जबलपुर के फाइव स्टार होटल के निरीक्षण को ऐसे समझें
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पैसों से प्रीमियम, गुणवत्ता में लोकल ढाबों से भी बदतर
फूड स्टोर में घुन लगे सूखे आम, होटल की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल हैं। फ्रीजर में बिना 'यूज-बाय डेट' वाली आइसक्रीम भी रखी हुई मिली। बिना लेबल के लोकल मसाले और शक्कर मिलना भी होटल की लापरवाही दिखाता है।
साफ है कि होटल सिर्फ प्रीमियम दाम वसूलता है पर गुणवत्ता बिल्कुल नहीं देता। जबलपुर जिला प्रशासन ने मौके पर ही इन सभी खराब वस्तुओं को नष्ट करवा दिया। साथ ही, प्रशासन ने सभी जरूरी फूड सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है।
फायर सेफ्टी और स्टाफ ट्रेनिंग में भी निकली गंभीर कमियां
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि फायर फाइटिंग पैनल ऑटो मोड में नहीं था। अग्निशमन यंत्र कई जगह गायब थे। ट्रीटमेंट प्लांट में अप्रशिक्षित लोग काम कर रहे थे। कर्मचारियों को ESIC और श्रम कानूनों के अनुसार अधिकार नहीं मिल रहे थे। यह लापरवाही किसी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती थी।
अंतरराष्ट्रीय होटल का दावा, लेकिन नियमों की उड़ाई धज्जियां
बाहरी चमक और ब्रांडेड नाम के बावजूद हिल्टन ने फूड क्वालिटी और सुरक्षा मानकों को अनदेखा किया। यहां औचक निरीक्षण के लिए प्रशासन की एक बड़ी टीम पहुंची थी। टीम में कार्यपालिक दंडाधिकारी मौसमी केवट और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता थे।
आबकारी निरीक्षक आशीष जैन और पुलिस उप निरीक्षक नितिन पांडे भी टीम में शामिल थे। अधिकारियों ने होटल की हालत पर हैरानी जताई और इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन कहा। अधिकारियों ने बताया कि मिली अनियमितताओं पर प्रकरण बनाकर कानूनी कार्रवाई होगी।
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‘फाइव स्टार’ का बोर्ड, लेकिन क्वालिटी में ‘नो स्टार’
हिल्टन गार्डन इन, जो शहर के लिए गर्व का प्रतीक माना जाता था, अब संदेह के घेरे में है। ऊंची कीमत, इंटरनेशनल ब्रांड, महंगे मेन्यू, लेकिन किचन में मिली हालत ने होटल की “फाइव स्टार इमेज” को बड़ा झटका दिया है।
प्रशासन अब अन्य बड़े होटलों की भी जांच करेगा। शहर के लोगों को सुरक्षित और गुणवत्ता वाला भोजन सुनिश्चित किया जा सके।
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