जबलपुर यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला: India नहीं अब डिग्री पर लिखा होगा Bharat
Sanjay Dhiman | Jun 21, 2026, 22:51 IST
Photograph: (the sootr)
जबलपुर की रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने डिग्री, मार्कशीट और सभी दस्तावेजों में India की जगह Bharat लिखने का फैसला किया है। यह देश के पहले सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है।
जबलपुर की रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने अपने सभी दस्तावेजों में India की जगह Bharat लिखने का फैसला किया है। यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने इस पर प्रस्ताव पास किया। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति को भी President of Bharat कहकर बुलाया गया। यूनिवर्सिटी का दावा है कि वह देश के पहले सरकारी संस्थानों में से एक है जिसने यह बदलाव किया। यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 1(1) की भावना पर आधारित है।
मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में एक बड़ा बदलाव हुआ है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) ने अपने दीक्षांत समारोह से पहले एक ऐतिहासिक फैसला लिया। यूनिवर्सिटी ने तय किया कि अब डिग्री, मार्कशीट और हर सरकारी कागज पर India नहीं, बल्कि Bharat लिखा जाएगा।
यह फैसला अचानक नहीं आया। यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने बाकायदा एक प्रस्ताव पास किया। उसके बाद से यह बदलाव लागू हो गया।
यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर राजेश वर्मा ने खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह बदलाव देश के संविधान की भावना से प्रेरित है।
वर्मा ने बताया कि भारत का संविधान अनुच्छेद (Article) 1(1) में साफ लिखता है। वहाँ लिखा है कि India, that is Bharat, राज्यों का संघ होगा। इसी संवैधानिक आधार पर यूनिवर्सिटी ने यह कदम उठाया। उन्होंने G20 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान President of Bharat और Prime Minister of Bharat जैसे शब्द पूरे देश में चर्चा में आए थे।
सिर्फ डिग्री ही नहीं, यूनिवर्सिटी ने बाकी चीजें भी बदली हैं। दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र, बैनर और पोस्टर सब पर Bharat लिखा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी कार्यक्रम में President of Bharat के रूप में संबोधित किया गया। यूनिवर्सिटी का नाम भी अब Rani Durgavati Vishwavidyalaya, Jabalpur, MP, Bharat लिखा जाता है।
इस बार का दीक्षांत समारोह कई मायनों में खास रहा। राष्ट्रपति ने 66 गोल्ड मेडल में से 20 मेडल खुद छात्रों को दिए। इस समारोह में 156 पीएचडी (PhD) डिग्रियाँ दी गईं। तीन डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (D Litt – Doctor of Literature) और एक डॉक्टर ऑफ साइंस (D Sc – Doctor of Science) की डिग्री भी प्रदान की गई। साथ ही एक मानद डॉक्टरेट भी दी गई।
RDVV का दावा है कि वह देश के उन पहले सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है जिसने Bharat शब्द वाली डिग्री जारी की है। कुछ अधिकारियों के मुताबिक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई अन्य संस्थानों ने भी सरकारी पत्राचार में Bharat लिखना शुरू कर दिया है। यह एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।
यह कोई नया विवाद नहीं है। भारत में India और Bharat के नाम को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। संविधान में दोनों नाम मान्य हैं। लेकिन हाल के वर्षों में सरकारी स्तर पर Bharat शब्द को बढ़ावा देने की कोशिशें तेज हुई हैं। RDVV का फैसला इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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जबलपुर से उठा बड़ा कदम
यह फैसला अचानक नहीं आया। यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने बाकायदा एक प्रस्ताव पास किया। उसके बाद से यह बदलाव लागू हो गया।
VC ने बताई वजह
वर्मा ने बताया कि भारत का संविधान अनुच्छेद (Article) 1(1) में साफ लिखता है। वहाँ लिखा है कि India, that is Bharat, राज्यों का संघ होगा। इसी संवैधानिक आधार पर यूनिवर्सिटी ने यह कदम उठाया। उन्होंने G20 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान President of Bharat और Prime Minister of Bharat जैसे शब्द पूरे देश में चर्चा में आए थे।
क्या-क्या बदला RDVV में
दीक्षांत समारोह में क्या हुआ खास
देश में पहला सरकारी संस्थान
India बनाम Bharat की बहस
FAQ
- जबलपुर यूनिवर्सिटी ने India की जगह Bharat क्यों लिखा?
यूनिवर्सिटी ने एग्जीक्यूटिव काउंसिल का प्रस्ताव पास करने के बाद यह बदलाव किया। इसकी वजह संविधान का अनुच्छेद 1(1) है जिसमें India को Bharat कहा गया है। G20 के दौरान भी इस बदलाव की नींव पड़ी थी। - क्या यह बदलाव सिर्फ डिग्री पर हुआ है?
नहीं, यह बदलाव डिग्री के साथ-साथ मार्कशीट, निमंत्रण पत्र, बैनर, पोस्टर और सभी सरकारी पत्राचार में किया गया है। राष्ट्रपति को भी President of Bharat कहकर संबोधित किया गया। - क्या अन्य यूनिवर्सिटीज भी ऐसा कर रही हैं?
हां, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई संस्थान सरकारी पत्राचार में Bharat लिखना शुरू कर चुके हैं। RDVV का दावा है कि वह ऐसा करने वाले पहले सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है।
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