SIR विवाद पर जीतू पटवारी का वार : प्रशासन को बताया सत्ता की कठपुतली, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
BHOPAL. मध्यप्रदेश में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में सरकार और प्रशासन दोनों पर तीखा हमला बोला है।
प्रशासन पर खुलेआम पक्षपात का आरोप
जीतू पटवारी ने लिखा कि चुनाव आयोग के बाद अब प्रशासन भी सत्ता के इशारों पर नाचता दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक सरकारी तंत्र का यह झुकाव लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए खतरनाक संकेत है।
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दतिया कलेक्टर के आदेश पर सवाल
जीतू पटवारी ने लिखा कि चुनाव आयोग के बाद अब प्रशासन भी सत्ता के इशारे पर काम कर रहा है। दतिया कलेक्टर ने SIR के नाम पर भाजपा के कई पदाधिकारियों को बीएलओ का सहयोगी बना दिया है।
यह आदेश सत्ता के दबाव की सबसे बड़ी मिसाल है। भाजपा सरकार इसे संवैधानिक प्रक्रिया मानती है, लेकिन यह असल में पार्टी के एजेंडे को लागू करने का एक तरीका बन गया है।
SIR को भाजपा के रंग में रंगने की कोशिश लोकतंत्र का अपमान है। कांग्रेस ने इसे कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस का कहना है कि वह इस प्रयास को सफल नहीं होने देगी। वह हर मतदाता के अधिकार की रक्षा के लिए पूरी तरह सजग रहेगी।
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SIR को बताया भाजपा का एजेंडा
पटवारी ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार एसआईआर को संवैधानिक प्रक्रिया बता रही है। असल में SIR पार्टी का एजेंडा लागू करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार संवैधानिक व्यवस्थाओं पर राजनीतिक रंग चढ़ाना लोकतंत्र का अपमान है।
मतदाताओं के अधिकार की रक्षा करेंगे: कांग्रेस
कांग्रेस ने साफ किया है कि वह भाजपा की इस “चाल” को कामयाब नहीं होने देगी। पार्टी का कहना है कि हर मतदाता के अधिकार की रक्षा के लिए वह पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की मनमानी का विरोध जारी रहेगा।