भागीरथपुरा में पहुंचे कांग्रेसी नेता, पटवारी और उमंग सिंघार बोले-17 से ज्यादा मौत हुई, महापौर इस्तीफा दें

जीतू पटवारी और उमंग सिंघार इंदौर के भागीरथपुरा में पहुंचे। पुलिस ने 10 लोगों को ही जाने की अनुमति दी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार मौतों का आंकड़ा छुपा रही है।

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Sanjay Gupta
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Indore. भागीरथपुरा में गंदे पानी के कांड में 17 लोगों की मौत के बाद कांग्रेस नेता एक बार फिर मौके पर पहुंचे। लेकिन इसके पहले ही पूरा एरिया पुलिस छावनी बन गया था। सैंकड़ों पुलिस बल मौके पर लगा दिया गया और बैरिकेंडिग कर दी गई।

इस दौरान कांग्रेसी नेताओं से पुलिस की जमकर बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष विधानसभा उमंग सिंघार से तो लगभग झड़प हो गई। इस पर सिंघार ने कहा कि बीजेपी कितना भी जोर लगा ले, उन्हें पीड़ितों से मिलने से नहीं रोक सकती है।

जीतू पटवारी ने कहा कि पुलिस रोक देती है, मिलने नहीं देती, सच को दबाया जा रहा है। सांसद लापता है। महापौर इस्तीफा दें। पटवारी और सिंघार बोले कि मौतों का आंकड़ा छिपाया जा रहा, 17 से ज्यादा मौते हुई है। 

Congress leaders reached Bhagirathpura

दो लाख केवल चार लोगों को दिया

जीतू पटवारी एक मृतक के परिजन से मिले और उनसे पूछा कि कितना मुआवजा दिया। उन्होंने कहा कि दो लाख का चेक दिया। वहीं आसपास के लोगों ने बताया कि केवल चार लोगों को ही दो-दो लाख का चेक रेडक्रास सोसायटी से दिया गया है। बाकी को नहीं दिया गया है, जबकि 17 मरे हैं। भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई

इस पर पटवारी ने कहा कि यह राशि बहुत कम है, जहां सरकार की गलती होती है एक-एक करोड़ देती है। राशि से मौत का दुख दूर नहीं होता है, लेकिन राशि तो मिलना चाहिए। पटवारी ने कहा कि जल्द ही राहुल गांधी जी भी आ रहे हैं और वह मुलाकात करेंगे। 

पटवारी का कहना है-

पटवारी ने मीडिया से कहा कि 17 मौत नहीं हुई, उससे ज्यादा हुई है। परिजनों ने जो बताया और जो खबरें आ रही थी वह सभी सत्य है। केवल 17 नहीं और भी मौतें हुई है, कई लोग यहां से चले गए थे। यह शहर बदनाम हुआ है। यहां के लोग साल भर से परेशान थे, लेकिन नगर निगम कोई ध्यान नहीं दिया। यह महापौर की ड़्यूटी थी, उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। 

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पुलिस ने क्या बोलकर रोका रास्ता

एडिशनल डीसीपी रामस्नेही मिश्रा ने कहा कि अभी इस क्षेत्र में कई अन्य जरूरी काम, सेवाएं दी जा रही है। मेडिकल टीम आई हुई है, पानी की सप्लाई हो रही है। ऐसे में बेवजह भागीरथपुरा में जाने पर रोक है और बैरेिकेडिंग की गई है। कोई भी जबरदस्ती हुई तो गिरफ्तारी की जाएगी।

Congress leaders reached Bhagirathpura

परिजनों से मिले और जाना हाल

लंबी बहस के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ सिंघार, सज्जन सिंह वर्मा, शोभा ओझा, चिंटू चौकसे, रीना बौरासी, सचिन यादव व गिनती के कुल 10 नेताओं को भागीरथपुरा में जाने की मंजूरी दी गई। बाकी सभी को पुलिस ने रोक दिया। मौके पर सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेसी पहुंच गए थे।

Congress leaders reached Bhagirathpura

इन सभी को बाहर रोक दिया गया। पटवारी ने भी घोषणा करते हुए कुछ को ही साथ में आने के लिए कहा और बाकी को वहीं बाहर रूकने के लिए कहा गया। इसके बाद सभी चिन्हित नेता परिजनों से मिले और घटना के बारे में जानकारी ली।

यह हादसा नहीं लापरवाही का नतीजा है

इंदौर में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सिंघार ने कहा कि यह हाल है तो फिर सवाल उठता है कि इंदौर के अधिकारी कैसे लगातार सफाई का अवार्ड ला रहे थे। उन्होंने कहा कि ये आकस्मिक दुर्घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक लापरवाही, देरी और संवेदनहीन शासन का परिणाम है।

यह हादसा नहीं, लापरवाही से हुई मौत है। मुख्य पेयजल पाइपलाइन के ऊपर बिना सेप्टिक व्यवस्था के शौचालय बना हुआ था। महीनों से गंदे पानी की शिकायतें अधिकारियों, जलप्रदाय विभाग और मेयर हेल्पलाइन तक की जाती रहीं। 

ढाई साल तक दबा रखी टेंडर की फाइल: सिंघार 

ढाई साल तक दबा रहा पाइपलाइन टेंडर। 25 नवंबर 2022 मेयर-इन-काउंसिल संकल्प क्रमांक 106 के तहत नई पेयजल पाइपलाइन का निर्णय हुआ और 30 जनवरी 2023 संकल्प संबंधित विभागों को भेजा गया। फिर 30 जुलाई 2025 को 2.4 करोड़ का टेंडर जारी हुआ। टेंडर जारी होने के बाद भी लगभग 5 महीने तक कुछ नहीं हुआ।

अधिकारियों का निलंबन जवाबदेही नहीं, डैमेज कंट्रोल है। इंदौर लगातार 8 बार देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा। साल 2025 में भी शीर्ष स्थान पर रहा। निगम का बजट 8 हजार करोड़ है। फिर ही साफ पानी नहीं है।

स्वच्छता पुरस्कार आज जनता के लिए कटु व्यंग्य बन चुका है। साल 2012–2023 के ड्रेनेज घोटाले में करोड़ों के फर्जी बिल पास किए गए। पीड़ितों को दो लाख की सहायता किसी की जान की कीमत नहीं हो सकती। यह मुआवजा नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही से बचने का प्रयास है। एक करोड़ तक मुआवजा मिलना चाहिए। उमंग सिंघार के साथ विधायक सचिन यादव, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे मौजूद थे।

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