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इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई 17 मौतों के बाद अब द सूत्र को महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कुछ माह पहले का एक वीडियो मिला है। यह वीडियो महापौर के भागीरथपुरा में दो करोड़ के काम के भूमिपूजन के दौरान का है।
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इसमें मंच पर पार्षद कमल वाघेला भी हैं। इस दौरान मंच से महापौर ने भागीरथपुरा को अच्छे काम का सर्टिफिकेट बांटा और भागीरथपुरा के कामों का गुणगान किया।
भागीरथपुरा में तीन साल में 10 करोड़ के काम हुुए
महापौर ने नगर निगम के अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे होने के बाद, हुए इस आयोजन में भागीरथपुरा की जमकर तारीफ की। महापौर ने कहा कि यहां पर आपके पार्षद ने तीन साल में 24 सड़कें बनवाई हैं। हर एक की लागत 10 लाख है यानी 2.40 करोड़ की सड़कें बनी हैं।
इसके पहले यहां इतनी ही लागत की ड्रेनेज लाइन और इतनी ही लागत की पानी की लाइन भी डाली गई है। यानी पार्षद कमल वाघेला ने तीन साल में 10 करोड़ के काम करा दिए। इसका मतलब एक साल में तीन करोड़ का काम हुआ।
भागीरथपुरा को मैं अच्छे काम का सर्टिफिकेट देता हूं
महापौर ने कहा कि- मेयर होने के नाते मैं यहां अच्छे काम का सर्टिफिकेट देता हूं। सभी पार्षदों को जिनके यहां बस्तियां आती है। उन्हें भागीरथपुरा आकर देखना चाहिए किस तरह का काम हुआ है। पार्षद हमेशा आपके काम के लिए फॉलो करते हैं और मैंने भी कभी इनका काम नहीं रोका। 10 करोड़ के काम हो गए हैं, दो-तीन करोड़ का अभी भूमिपूजन हो रहा है। दो साल अभी कार्यकाल के बचे हैं। पांच करोड़ के और काम होंगे।
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कमल वाघेला की जमकर की तारीफ
इस पूरे घटनाक्रम में घिरे पार्षद वार्ड 11 कमल वाघेला की भी महापौर ने मंच से जमकर तारीफ की थी। इसमें कहा था कि वाघेला संगठन के व्यक्ति है महामंत्री भी रहे हैं। यह नाम के समान कोमल बी है और बाघ भी। कोई इन्हें परेशान करेगा तो यह उन्हें ठीक कर देंगे।
भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई
यहीं की फाइल पांच महीने तक अटकी रही
उल्लेखनीय है कि यहां की ही पानी की लाइन बदलने की दो करोड़ 40 लाख की फाइल उलझी रही। अगस्त में टेंडर हुए लेकिन इसके बाद इन्हें खोला ही नहीं गया और ना ही वर्क ऑर्डर हुए। जब 29 दिसंबर को मामला सामने आया, इसके बाद यह टेंडर ओपन हुए।
इसके चलते पुरानी 40 फीसदी वाटर सप्लाई लाइन जो समय पर बदलना थी वह बदली ही नहीं। उधर इस कांड के बाद महापौर ने कह दिया कि अधिकारी सुनते नहीं और ऐसे में मैं काम नहीं कर सकता हूं। भागीरथपुरा कांड | इंदौर नगर निगम
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