इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय का CM की दावेदारी की ओर इशारा, बोले- सिर्फ विधायक बनने नहीं आया, पार्टी और भी बड़ी जवाबदारी देगी
Jitendra Shrivastava | Oct 04, 2023, 24:00 IST
इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय का CM की दावेदारी की ओर इशारा, बोले- सिर्फ विधायक बनने नहीं आया, पार्टी और भी बड़ी जवाबदारी देगी
कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को एक कार्यकर्ता और आमजन को संबोधित करते हुए अप्रत्यक्ष तौर पर मुख्यमंत्री पद के दावेदार की ओर इशारा कर दिया।
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान ने बीजेपी में हलचल मचा दी है। उन्होंने बुधवार को एक कार्यकर्ता और आमजन को संबोधित करते हुए अप्रत्यक्ष तौर पर मुख्यमंत्री पद के दावेदार की ओर इशारा कर दिया। उन्होंने खुलकर कहा कि विश्वास दिलाता हूं की प्रदेश में बीजेपी की सरकार फिर से बनने वाली है और मैं यहां खाली विधायक बनने के लिए नहीं आया हूं। मेरे को और भी बड़ी जवाबदारी पार्टी की ओर से मिलेगी और जब बड़ी जवाबदारी मिलेगी तो बड़ा काम भी करूंगा। इस दौरान पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, दीपक टीनू जैन व अन्य उपस्थित थे।
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नड्डा बोले थे बनाना तो कुछ और चाहता था
विजयवर्गीय का इस तरह का बयान पहली बार नहीं आया है। जब प्रदेश में सीएम और प्रदेशाध्यक्ष पद पर चेहरे बदलने की सुगबुगाहट चली और इसी दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दो माह पहले उन्हें दोबारा राष्ट्रीय महासचिव बनाया तब विजयवर्गीय ने कहा था कि नड्डा जी बोले मैं आपको बनाना तो कुछ और चाहता था पर अभी यही ठीक है।
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दूसरी सूची में एक से ज्यादा सीएम के दावेदार
उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने इस बार सीएम शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। अमित शाह साफ कह चुके हैं कि सीएम कौन होगा यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। इस बार चेहरा केवल कमल का फूल है। पीएम नरेंद्र मोदी के उद्बोधन में भी बात कमल के निशान की ही हो रही है। वहीं दूसरी सूची में विजयवर्गीय के साथ सात सांसदों को टिकट दिया है जिसमें तीन केंद्रीय मंत्री है। यह सभी दिग्गज नेता है और सीएम के दावेदारों में इनका नाम हमेशा चलता रहा है। इसमें विजयवर्गीय के साथ नरेंद्र तोमर, प्रहलाद पटेल, फग्गनसिंह कुलस्ते, राकेश सिंह जैसे नेता शामिल है। वरिष्ठ बीजेपी नेता सत्यनारायण सत्तन भी कह चुके हैं कि दो-तीन नहीं पांच-पांच सीएम के दावेदार है। वहीं अभी अगली सूची में ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीडी शर्मा जैसे नाम भी आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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सुरजेवाला भी लगा चुके हैं शिवराज को निपटाने के आरोप
कांग्रेस के रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को ही प्रेस क्लस में कहा कि शिवराज सिंह चौहान को तो सभी ने मिलकर निपटा दिया है। नरेंद्र तोमर हो, प्रहलाद पटेल हो या विजवर्गीय हो, मोदी दरबार से छुट्टी करा दी। फिर शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्लान बनाया कि हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे। उन्होंने प्लान कर इन सभी को टिकट दिलवा दिया। बीजेपी में तो बीजेपी में कुनबा घानी (सिर फुटव्वल) चल रहा है।
शुक्ला पर बोले- पिता की कमाई है उनकी खुद की नहीं
वहीं विजयवर्गीय ने कार्यकर्ता व आमजन को संबोधित करते हुए संजय शुक्ला की कमाई पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि उनकी खुद की कमाई नहीं है वह तो पिता की कमाई है जो वह दे रहे हैं। किसी ने कहा कि पांच लाख दे रहे हैं, मैंने कहा कि ले लो, पांच नहीं दस मांगो वह दस भी देंगे। एक ने साड़ी बताई, मैंने कहा बहन, मां बोलते हो तो ऐसी साड़ी तो दो जो परिवार में देते हो। जो भी दे ले लों, लेकिन करना वही जो करना है, बीजेपी को जिताना है। हमने विकास किया है विकास करेंगे। कांग्रेस के कमलनाथ गरीबों के लिए काम नहीं करते हैं वह महिलाओं को आयटम बोलते हैं क्या ऐसे सीएम बनाने चाहिए, नहीं तो फिर बीजेपी को वोट देना है।
शुक्ला 170 करोड़ की संपत्ति के मालिक
उल्लेखनीय है कि शुक्ला सबसे अमीर विधायकों में से एक हैं, उनकी शपथपत्र में घोषित संपत्ति 170 करोड़ से ज्यादा की है। हाल ही में विजयवर्गीय ने उनके घर पर जाकर उनके स्वर्गीय पिता पंडित विष्णुप्रसाद शुक्ला की फोटो पर माला-फूल अर्पित किए थे। वह जनसंघ जमाने के बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे हैं।
शुक्ला लगा चुके राजनीतिक हत्या के आरोप
शुक्ला इसके पहले विजयवर्गीय पर राजनीतिक हत्या के आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि बेटे आकाश की उन्होंने राजनीतिक तौर पर बलि ले ली, हत्या कर दी, मैं भी उनके पुत्र समान हूं, मेरे भी राजनीतिक हत्या कर रहे हैं। उधर विजयवर्गीय टिकट होने के बाद कह चुके हैं कि चुनाव लड़ने की मंशा नहीं थी, अपन अब बड़े नेता हो गए हैं, कहां हाथ जोड़ने जाएंगे। अपने को हैलीकॉप्टर से जाना था और सभाएं करना थी।
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नड्डा बोले थे बनाना तो कुछ और चाहता था
विजयवर्गीय का इस तरह का बयान पहली बार नहीं आया है। जब प्रदेश में सीएम और प्रदेशाध्यक्ष पद पर चेहरे बदलने की सुगबुगाहट चली और इसी दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दो माह पहले उन्हें दोबारा राष्ट्रीय महासचिव बनाया तब विजयवर्गीय ने कहा था कि नड्डा जी बोले मैं आपको बनाना तो कुछ और चाहता था पर अभी यही ठीक है।
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दूसरी सूची में एक से ज्यादा सीएम के दावेदार
उल्लेखनीय है कि बीजेपी ने इस बार सीएम शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। अमित शाह साफ कह चुके हैं कि सीएम कौन होगा यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। इस बार चेहरा केवल कमल का फूल है। पीएम नरेंद्र मोदी के उद्बोधन में भी बात कमल के निशान की ही हो रही है। वहीं दूसरी सूची में विजयवर्गीय के साथ सात सांसदों को टिकट दिया है जिसमें तीन केंद्रीय मंत्री है। यह सभी दिग्गज नेता है और सीएम के दावेदारों में इनका नाम हमेशा चलता रहा है। इसमें विजयवर्गीय के साथ नरेंद्र तोमर, प्रहलाद पटेल, फग्गनसिंह कुलस्ते, राकेश सिंह जैसे नेता शामिल है। वरिष्ठ बीजेपी नेता सत्यनारायण सत्तन भी कह चुके हैं कि दो-तीन नहीं पांच-पांच सीएम के दावेदार है। वहीं अभी अगली सूची में ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीडी शर्मा जैसे नाम भी आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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शुक्ला पर बोले- पिता की कमाई है उनकी खुद की नहीं
वहीं विजयवर्गीय ने कार्यकर्ता व आमजन को संबोधित करते हुए संजय शुक्ला की कमाई पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि उनकी खुद की कमाई नहीं है वह तो पिता की कमाई है जो वह दे रहे हैं। किसी ने कहा कि पांच लाख दे रहे हैं, मैंने कहा कि ले लो, पांच नहीं दस मांगो वह दस भी देंगे। एक ने साड़ी बताई, मैंने कहा बहन, मां बोलते हो तो ऐसी साड़ी तो दो जो परिवार में देते हो। जो भी दे ले लों, लेकिन करना वही जो करना है, बीजेपी को जिताना है। हमने विकास किया है विकास करेंगे। कांग्रेस के कमलनाथ गरीबों के लिए काम नहीं करते हैं वह महिलाओं को आयटम बोलते हैं क्या ऐसे सीएम बनाने चाहिए, नहीं तो फिर बीजेपी को वोट देना है।
शुक्ला 170 करोड़ की संपत्ति के मालिक
उल्लेखनीय है कि शुक्ला सबसे अमीर विधायकों में से एक हैं, उनकी शपथपत्र में घोषित संपत्ति 170 करोड़ से ज्यादा की है। हाल ही में विजयवर्गीय ने उनके घर पर जाकर उनके स्वर्गीय पिता पंडित विष्णुप्रसाद शुक्ला की फोटो पर माला-फूल अर्पित किए थे। वह जनसंघ जमाने के बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे हैं।
शुक्ला लगा चुके राजनीतिक हत्या के आरोप
शुक्ला इसके पहले विजयवर्गीय पर राजनीतिक हत्या के आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि बेटे आकाश की उन्होंने राजनीतिक तौर पर बलि ले ली, हत्या कर दी, मैं भी उनके पुत्र समान हूं, मेरे भी राजनीतिक हत्या कर रहे हैं। उधर विजयवर्गीय टिकट होने के बाद कह चुके हैं कि चुनाव लड़ने की मंशा नहीं थी, अपन अब बड़े नेता हो गए हैं, कहां हाथ जोड़ने जाएंगे। अपने को हैलीकॉप्टर से जाना था और सभाएं करना थी।
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