हैलीकॉप्टर से प्रदेशभर में कैलाश विजयवर्गीय की सभाएं, शाम को इंदौर में प्रचार, जानें किस बयान ने बढ़ाई सक्रियता
Vikram Jain | Oct 29, 2023, 24:00 IST
हैलीकॉप्टर से प्रदेशभर में कैलाश विजयवर्गीय की सभाएं, शाम को इंदौर में प्रचार, जानें किस बयान ने बढ़ाई सक्रियता
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने चुनाव के लिए दौरा तेज कर दिया है, विजयवर्गीय के तूफानी दौरे पूरे प्रदेश में चर्चाओं में बने हुए हैं।
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर में टिकट मिलने के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का बयान था कि मैं चौंक गया, नाम देखकर मुझे तो हैलीकॉप्टर से पूरे प्रदेश में हर दिन पांच सभाएं करना थी और तीन सभाएं कार से। कुछ दिन विजयवर्गीय विधानसभा एक में रणनीति बनाने से लेकर सभी को एकजुट करने में जुटे रहे और अब वह फिर से रंग में लौट आए हैं और दिन में हैलीकॉप्टर से लेकर कार से वह सभाएं करने जा रहे हैं तो वहीं शाम होते-होते वह इंदौर में एक के बाद एक समाज, कार्यकर्ताओं की बैठक और सभाएं कर रहे हैं। वह बीजेपी के स्टार प्रचारकों की सूची में भी शामिल है। इन तूफानी दौरों को अब उनके बयान- मैं खाली विधायक बनने के लिए नहीं आया हूं, पार्टी कुछ बड़ी जिम्मेदारी देगी, से जोड़ा जा रहा है।
इस बार भूमिका केवल मालवा-निमाड़ तक सीमित नहीं
विजयवर्गीय के तूफानी दौरे इस पर पूरे प्रदेश में चर्चाओं में बने हुए हैं। इसके पहले वह जनआशीर्वाद यात्रा में पूरे प्रदेश में सक्रिय हुए और अब चुनाव प्रचार में वह पूरे प्रदेश का एक से दूसरा कोना छान रहे हैं। बीते सात दिनों में ही वह जबलपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन, राजगढ़ से लेकर दर्शन के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ तक हो आए हैं। इस दौरान उन्होंने विविध जिलों में चुनावी सभा, रैली करने के साथ ही कार्यकर्ताओं की बैठक ली है और साथ ही कई प्रत्याशियों के नामांकन रैली में शामिल हुए। वहीं नागदा-खचरौद पर असंतुष्टों और बागियों को समझाइश के लिए बैठक भी की है। यानि हर तरह की भूमिका वह पूरे प्रदेश स्तर पर निभा रहे हैं। सामान्य तौर पर पहले विजयवर्गीय मालवा-निमाड़ की 66 सीटों पर फोकस करते थे लेकिन इस बार उनकी भूमिका प्रत्याशी बनने के बाद भी बड़े स्तर पर हो गई है।
इंदौर में हर दिन आठ-दस सभाएं
उधर इंदौर में उनके प्रचार कार्यक्रम की भागदौड़ संभाल रहे योगेश मेहता बताते हैं कि उनके उनके प्रत्याशी बनने के बाद से ही विधानसभा एक में हर समाज, हर वार्ड से उन्हें बुलाने की मांग आ रही है। इसलिए पहले से ही सभी का शेड्यूल बनाया जा रहा है। रोज आठ से दस कार्यक्रम तय होते हैं, जो शाम से आचार संहिता का ध्यान रखते हुआ रात तक चलते हैं, वहीं जब वह दिन में इंदौर में होते हैं तो फिर दिन में भी कार्यक्रम रखे जा रहे हैं।
इन दौरों को उनके बयानों से भी जोड़ा जा रहा
कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव प्रचार के दौरान कई तरह के बयान सामने आ चुके हैं जो इन दौरों से जोड़ी जा रही है।
1. मैं भोपाल से इशारा करूंगा और काम हो जाएगा
2. मैं खाली विधायक बनने के लिए नहीं आया हूं, पार्टी और कुछ बड़ी जिम्मेदारी मुझे देगी
3. जब से मैं उम्मीदवार घोषित हुआ है अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
4. नड्डा जी ने कहा बनाना तो कुछ और चाहता था (राष्ट्रीय महासचिव फिर बनने पर)
कमलनाथ-दिग्विजय सिंह की नूराकुश्ती है
उधर विजयवर्गीय ने कमनलाथ और दिग्विजय सिंह को लेकर कहा कि यह नूराकुश्ती है वह कार्यकर्ताओं को बेवकूफ बना रहे हैं। उन्हें एक-दूसरे के टिकट काटना है, कुछ कमलनाथ को अपने लोगों के और कुछ दिग्विजय सिंह को अपने लोगों को काटकर नए लोगों को देना है। दोनों नूराकुश्ती कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में बीजेपी को लेकर अंडरकरंट है और दो तिहाई बहुमत से सरकार बन रही है।
इस बार भूमिका केवल मालवा-निमाड़ तक सीमित नहीं
विजयवर्गीय के तूफानी दौरे इस पर पूरे प्रदेश में चर्चाओं में बने हुए हैं। इसके पहले वह जनआशीर्वाद यात्रा में पूरे प्रदेश में सक्रिय हुए और अब चुनाव प्रचार में वह पूरे प्रदेश का एक से दूसरा कोना छान रहे हैं। बीते सात दिनों में ही वह जबलपुर, सीधी, सिंगरौली, उज्जैन, राजगढ़ से लेकर दर्शन के लिए केदारनाथ, बद्रीनाथ तक हो आए हैं। इस दौरान उन्होंने विविध जिलों में चुनावी सभा, रैली करने के साथ ही कार्यकर्ताओं की बैठक ली है और साथ ही कई प्रत्याशियों के नामांकन रैली में शामिल हुए। वहीं नागदा-खचरौद पर असंतुष्टों और बागियों को समझाइश के लिए बैठक भी की है। यानि हर तरह की भूमिका वह पूरे प्रदेश स्तर पर निभा रहे हैं। सामान्य तौर पर पहले विजयवर्गीय मालवा-निमाड़ की 66 सीटों पर फोकस करते थे लेकिन इस बार उनकी भूमिका प्रत्याशी बनने के बाद भी बड़े स्तर पर हो गई है।
इंदौर में हर दिन आठ-दस सभाएं
उधर इंदौर में उनके प्रचार कार्यक्रम की भागदौड़ संभाल रहे योगेश मेहता बताते हैं कि उनके उनके प्रत्याशी बनने के बाद से ही विधानसभा एक में हर समाज, हर वार्ड से उन्हें बुलाने की मांग आ रही है। इसलिए पहले से ही सभी का शेड्यूल बनाया जा रहा है। रोज आठ से दस कार्यक्रम तय होते हैं, जो शाम से आचार संहिता का ध्यान रखते हुआ रात तक चलते हैं, वहीं जब वह दिन में इंदौर में होते हैं तो फिर दिन में भी कार्यक्रम रखे जा रहे हैं।
इन दौरों को उनके बयानों से भी जोड़ा जा रहा
कैलाश विजयवर्गीय के चुनाव प्रचार के दौरान कई तरह के बयान सामने आ चुके हैं जो इन दौरों से जोड़ी जा रही है।
1. मैं भोपाल से इशारा करूंगा और काम हो जाएगा
2. मैं खाली विधायक बनने के लिए नहीं आया हूं, पार्टी और कुछ बड़ी जिम्मेदारी मुझे देगी
3. जब से मैं उम्मीदवार घोषित हुआ है अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
4. नड्डा जी ने कहा बनाना तो कुछ और चाहता था (राष्ट्रीय महासचिव फिर बनने पर)
कमलनाथ-दिग्विजय सिंह की नूराकुश्ती है
उधर विजयवर्गीय ने कमनलाथ और दिग्विजय सिंह को लेकर कहा कि यह नूराकुश्ती है वह कार्यकर्ताओं को बेवकूफ बना रहे हैं। उन्हें एक-दूसरे के टिकट काटना है, कुछ कमलनाथ को अपने लोगों के और कुछ दिग्विजय सिंह को अपने लोगों को काटकर नए लोगों को देना है। दोनों नूराकुश्ती कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में बीजेपी को लेकर अंडरकरंट है और दो तिहाई बहुमत से सरकार बन रही है।
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