एमपी बजट 2026-27 पर कमलनाथ का हमला: बोले- वादे गायब, जनता निराश
Ramanand Tiwari | Feb 18, 2026, 16:46 IST
kamalnath budget attack 2026 mp
मध्य प्रदेश बजट 2026-27 को लेकर सियासी घमासान बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बजट पर सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चुनावी वादे बजट में कहीं नजर नहीं आए।
मध्य प्रदेश बजट 2026-27 को लेकर सियासी घमासान और बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस बजट को जनता से विश्वासघात बताया है।
कमलनाथ का कहना है कि चुनाव से पहले किए गए बड़े वादे बजट भाषण में कहीं नजर नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आंकड़ों और घोषणाओं की लंबी लिस्ट पेश की, लेकिन आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ठोस प्रावधान नहीं दिखे।
कमलनाथ ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने बातों के बताशे बनाए हैं। जनहित के मुद्दे साफ नजरअंदाज हुए हैं। उनका कहना है कि बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं से जुड़े चुनावी वादों का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है।
कमलनाथ ने याद दिलाया कि नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने कई बड़े वादे किए थे। उनका दावा है कि ढाई साल बाद भी इन वादों को बजट में जगह नहीं मिली है।
किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगा। किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। साथ ही लाड़ली बहन योजना में 3 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपए में मिलेगा। कमलनाथ का आरोप है कि इन चारों घोषणाओं पर बजट में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि पिछले बजट में की गई घोषणाओं का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पुरानी घोषणाएं क्यों पूरी नहीं हुईं?उनकी प्रगति रिपोर्ट क्या है।
कमलनाथ ने केंद्र सरकार से मिलने वाले करों की हिस्सेदारी का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि अगले पांच साल में 50 हजार करोड़ रुपए कम मिलने की आशंका जताई गई है। इस कमी से निपटने की सरकार की रणनीति क्या है, यह बजट में स्पष्ट नहीं किया गया।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की संयुक्त योजनाओं में भी चालू वित्त वर्ष के दौरान मध्य प्रदेश को हजारों करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश हितों की रक्षा करने में कमजोर दिख रही है। उनका आरोप है कि सरकार केंद्र के दबाव में काम कर रही है। प्रदेश के हितों को मजबूती से नहीं रख पा रही है।
मध्य प्रदेश बजट 2026-27 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सरकार इसे विकासोन्मुखी और संतुलित बता रही है। वहीं विपक्ष इसे वादा-खिलाफी और जनविरोधी बजट करार दे रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बजट प्रावधान जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं। जनता को इसका वास्तविक लाभ कितना मिलता है।
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कमलनाथ का कहना है कि चुनाव से पहले किए गए बड़े वादे बजट भाषण में कहीं नजर नहीं आए। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आंकड़ों और घोषणाओं की लंबी लिस्ट पेश की, लेकिन आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर ठोस प्रावधान नहीं दिखे।
मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है। वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है।
नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की…
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) February 18, 2026
बातों के बताशे, जनहित गायब
चुनावी वादे जो बजट में नहीं दिखे
प्रमुख वादे इस प्रकार थे
पुराने बजट की घोषणाओं का क्या हुआ?
केंद्र से कम फंड पर सरकार की रणनीति क्या?
केंद्रीय योजनाओं की राशि भी अटकी?
केंद्र की कठपुतली वाला आरोप
बजट पर सियासत तेज
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