जमीन की डील में साजिश और धोखाधड़ी में फंसी नेहा पच्चीसिया, FIR दर्ज

Neel Tiwari | Aug 20, 2026, 20:19 IST
Share
सीएसपी नेहा
सीएसपी नेहा

कटनी CSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों पर जमीन सौदे को लेकर FIR दर्ज हुई है। जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल की जांच के बाद पुलिस ने BNS की धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच में जमीन की कीमत, बैंक ट्रांजेक्शन और खरीददार की आर्थिक क्षमता पर गंभीर सवाल उठे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • शिकायत की जांच ASP अनु बेनीवाल ने की, रिपोर्ट के बाद FIR के निर्देश हुए।
  • CSP नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
  • जांच रिपोर्ट के मुताबिक 82.86 लाख की गाइडलाइन वैल्यू वाली जमीन 18.20 लाख में रजिस्टर्ड हुई।
  • मारूफ के खाते में रजिस्ट्री वाले दिन 15 लाख पहुंचे, जिनमें 10 लाख और 5 लाख की रकम क्षितिज से जुड़े खातों से आई।
  • CSP पर पहले हत्या की जांच में लापरवाही और ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली के आरोपों की भी जांच हो चुकी है।

जमीन की डील से शुरू हुआ मामला, अब CSP समेत तीन पर FIR

कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक यानी CSP नेहा पच्चीसिया एक बार और गंभीर विवाद में घिर गई हैं। जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े आरोपों की जांच के बाद उनके खिलाफ कुठला थाने में FIR दर्ज की गई है। FIR में नेहा पच्चीसिया के साथ क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी को आरोपी बनाया गया है।

मामला भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 61, 198, 199, 308(7) और 318(4) के तहत दर्ज किया गया है। इनमें आपराधिक साजिश, लोक सेवक द्वारा कानून की अवहेलना और चोट पहुंचाने की मंशा, जबरन वसूली से जुड़े प्रावधान तथा धोखाधड़ी जैसे आरोप शामिल हैं।

शिकायत में आरोप, पुलिस जांच में बैंक ट्रांजेक्शन तक पहुंची

मामले की शुरुआत आकाश उर्फ रमेश लोधी की शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसके पिता रमेश लोधी पर दबाव बनाकर ग्राम कन्हवारा की जमीन की रजिस्ट्री 15 अप्रैल 2026 को मारूफ अहमद हनफी के नाम कराई गई। शिकायतकर्ता का दावा था कि जमीन का सौदा 1.07 करोड़ में तय हुआ था, लेकिन उसके पिता को केवल 15 लाख रुपये का चेक मिला। बाकी 92 लाख रुपए नहीं दिए गए।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि CSP ने रमेश लोधी को अपने घर पर दो दिन रखा और सरकारी वाहन से रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया। ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं, जिनकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई हुई है।



82 लाख की जमीन 18.20 लाख में बिकी

जांच रिपोर्ट में जमीन की रजिस्ट्री और सरकारी गाइडलाइन मूल्य का मिलान किया गया। रिपोर्ट के अनुसार रमेश लोधी की खसरा नंबर 2618/1 की जमीन का गाइडलाइन मूल्य 82 लाख 86 हजार 930 रु. था। इसके बावजूद रजिस्ट्री में जमीन का मूल्य 18 लाख 20 हजार रु. बताया गया। इसमें 15 लाख चेक और 3.20 लाख नकद दिए जाने का उल्लेख मिला। जांच रिपोर्ट ने इस अंतर को मामले का महत्वपूर्ण तथ्य माना। रिपोर्ट के मुताबिक जमीन की वास्तविक कीमत और रजिस्ट्री में दर्ज रकम के बीच बड़ा अंतर सामने आया।

रजिस्ट्री वाले दिन 15 लाख कहां से आए

जांच में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी जमीन के खरीददार मारूफ अहमद हनफी के बैंक खाते से सामने आई। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट की जांच की तो 15 अप्रैल 2026 को मारूफ के खाते में 15 लाख रु. जमा हुए। इसमें 10 लाख रु. शाइन पार्टनर्स के खाते से और 5 लाख रु. क्षितिज राज बारापत्रे के खाते से आए थे। जांच में शाइन पार्टनर्स का बैंक खाता भी क्षितिज राज बारापत्रे से जुड़ा पाया गया। दोनों खातों में एक ही PAN दर्ज होने की बात रिपोर्ट में सामने आई है। पुलिस ने इन्हीं बैंक ट्रांजेक्शन को जमीन सौदे की कड़ी से जोड़कर देखा।

खरीदार के खाते में पहले नहीं थी रकम

जांच रिपोर्ट के अनुसार मारूफ अहमद हनफी के खाते में जमीन खरीदने से पहले पर्याप्त रकम नहीं थी। रिपोर्ट में उसके बैंक खाते की एक साल की जानकारी का हवाला देते हुए बताया गया कि 11 जुलाई 2025 को खाते में सिर्फ 3,036 रु. थे और 1 जुलाई 2026 को 1,61,516 रुपए। जांच अधिकारी ने माना कि जमीन खरीदने के लिए आवश्यक रकम उसके पास पहले से मौजूद नहीं थी। इसके बजाय रजिस्ट्री के दिन ही 15 लाख रु. दूसरे खातों से उसके खाते में आए। इसी आधार पर जांच रिपोर्ट में क्षितिज राज बारापत्रे की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

जांच रिपोर्ट में CSP की भूमिका संदिग्ध

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षितिज राज बारापत्रे को CSP नेहा पच्चीसिया का करीबी, संबंधी या पार्टनर बताया गया और जमीन खरीद में उसकी रकम लगने की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक हत्या के मामले में आरोपी रमेश लोधी की जमीन की बिक्री उसी अवधि में हुई, जब उसके खिलाफ अपराध की जांच चल रही थी।

जांच अधिकारी ने आरोप लगाया कि रमेश पर दबाव बनाकर जमीन कम कीमत पर खरीदने की प्रक्रिया कराई गई और इसमें नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज बारापत्रे तथा मारूफ अहमद हनफी के बीच सांठगांठ की संभावना मिली। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। हालांकि FIR और जांच रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण अभी बाकी है।

परिवार पर बनाया झूठे मामले का दबाव

शिकायत में आकाश लोधी ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता रमेश लोधी के जेल में रहने के दौरान जमीन का नामांतरण खरीददार के पक्ष में कराया गया। शिकायत के अनुसार रमेश ने जमीन वापस अपने नाम दर्ज कराने के लिए शिकायत और आवेदन दिए थे।

आकाश का आरोप था कि इन शिकायतों के बाद परिवार के लोगों पर दबाव बनाया गया और उसके पिता तथा जीजा को भी हत्या के मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। जांच रिपोर्ट में इन आरोपों के साथ जमीन के दस्तावेज, नामांतरण और बैंक रिकॉर्ड से जुड़े तथ्यों की जांच किए जाने का उल्लेख है।

भोपाल से जबलपुर शिकायत, फिर हुई जांच

शिकायत पहले सतर्कता शाखा भोपाल के माध्यम से जबलपुर जोन भेजी गई। इसके बाद ADGP/IGP जबलपुर जोन ने मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी। अनु बेनीवाल ने दस्तावेजों, बैंक खातों और संबंधित तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी।

18 अगस्त 2026 को जबलपुर जोन कार्यालय से कटनी पुलिस अधीक्षक को आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद कटनी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कुठला थाने में FIR दर्ज की गई। इस तरह शिकायत से शुरू हुआ मामला अब औपचारिक आपराधिक जांच में पहुंच गया है।

पहले से दो मामलों में चर्चा में थीं CSP नेहा पच्चीसिया

नेहा पच्चीसिया के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब वह पहले से दो अलग आरोपों को लेकर जांच के दायरे में थीं। जुलाई में एक ट्रांसपोर्टर ने वाहन चेकिंग के दौरान 30 हजार रु. मांगने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद उनके ड्राइवर को निलंबित किया गया और उनके क्षेत्र से तीन थानों का प्रभार वापस लिया गया था। बाद में मामले की जांच जबलपुर भेजकर ASP अनु बेनीवाल को दी गई।

हत्या के मामले में चालान में देरी का आरोप

इसके साथ ही कुठला थाना क्षेत्र के एक हत्या मामले में निर्धारित अवधि में चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने को लेकर भी CSP की भूमिका पर सवाल उठे थे। अगस्त की शुरुआत में नेहा पच्चीसिया ने जांच अधिकारी के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। जांच के दौरान कई लोगों के बयान लिए गए थे।

अब जमीन सौदे की FIR में आगे की जांच अहम

नई FIR में पुलिस के सामने अब जमीन की रजिस्ट्री, रकम के वास्तविक भुगतान, बैंक ट्रांजैक्शन, नामांतरण प्रक्रिया और शिकायत में लगाए गए दबाव के आरोपों की विस्तृत जांच की चुनौती है। खास तौर पर 15 अप्रैल को मारूफ के खाते में पहुंचे 15 लाख रुपये और उनके स्रोत को जांच का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।

FIR दर्ज होना आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं है। अब विवेचना में पुलिस को दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह तय करना होगा कि जमीन सौदे में तीनों आरोपियों की वास्तविक भूमिका क्या थी।

ये खबरें भी पढ़ें...

कटनी CSP नेहा पच्चीसिया को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, याचिका खारिज

जिस CSP नेहा पच्चीसिया से छीने तीन थाने, उन पर हत्या के आरोपी ने लगाए सनसनीखेज आरोप

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर FIR दर्ज

कटनी बनेगा एमपी का नया खनिज हब, 150 हेक्टेयर सोना-चांदी ब्लॉक ऑक्शन के लिए तैयार

Tags:
  • जबलपुर
  • FIR
  • शिकायत
  • आरोप
  • जमीन
  • अनु बेनीवाल
  • CSP नेहा पच्चीसिया
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान