खंडवा में जंगी प्रदर्शन, फसलों की MSP को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों किसान, निकाली आक्रोश रैली

Vikram Jain | Sept 11, 2024, 21:14 IST
Share
Khandwa farmers demanded increase in MSP of crops
Khandwa farmers demanded increase in MSP of crops

खंडवा में संयुक्त कृषक संगठन के आह्वान पर किसानों ने आक्रोश रैली निकालकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। हजारों किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से रैली निकालते हुए सभी फसलों के दाम बढ़ाने और सोयाबीन की एमएसपी 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल करने मांग की है।

शेख रेहान@ Khandwa. मध्यप्रदेश में अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सोयाबीन की खरीदी की जाएगी। केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश की मोहन सरकार के 4 हजार 892 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। लेकिन इसको लेकर किसानों में नाराजगी देखने को मिल रही है। खंडवा में सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6 हजार रुपए करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और आक्रोश रैली। (Khandwa Kisan Rally)

किसानों ने निकाली आक्रोश रैली

खंडवा में बुधवार को किसानों का आक्रोश देखने को मिला। यहां फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने को लेकर किसानों ने आक्रोश रैली निकाली। संयुक्त कृषक संगठन के आह्वान पर 200 से ज्यादा गांव के हजारों किसानों ने ट्रैक्टर- ट्रॉली और बाइक लेकर शहर में रैली निकाली। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को लेकर किसानों की रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां संयुक्त कृषक संगठन ने पीएम मोदी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

फसलों का खरीदी मूल्य बढ़ाने की मांग

किसानों की मांग है कि जल्द ही सोयाबीन की फसल आने वाली है, आवक बढ़ने पर सोयाबीन के भाव और कम हो जाएंगे। इससे किसानों को अपनी लागत भी निकलना मुश्किल हो जाता है। सरकार को सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) 6 हजार रुपए से ज्यादा तय करें ताकि किसानों इसका लाभ मिले।

https://thesootr.com/state/madhya-pradesh/cm-mohan-yadav-garbhkal-the-sootr-survey-6952867


महंगाई और लागत बढ़ी लेकिन रेट नहीं

किसानों का कहना है कि सरकार ने जो सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4 हजार 892 तय किया है, यह कम है। किसानों को इससे ज्यादा तो लागत लग रही है। पिछले कुछ सालों में कितनी महंगाई बढ़ी है, उसकी तुलना में फसलों के भाव नहीं बढ़े है। 2012 में जो सोयाबीन का भाव था आज भी भी वही भाव में फसल बिक रही है। किसानों ने सोयाबीन का रेट 6 हजार रूपए, मक्का 2500 रूपए, कपास 10 हजार रुपए और गेहूं 3500 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग की है।

ये खबर भी पढ़ें... मध्‍य प्रदेश में MSP पर होगी सोयाबीन की खरीदी, सीएम मोहन यादव ने जताया केंद्र सरकार का आभार

फसलों का खरीदी मूल्य बढ़ाने की मांग

संयुक्त किसान संगठन के नेताओं का कहना है कि पूरे देश में सोयाबीन का रेट पिछले 15 साल से स्थिर है। कृषि लागत डीजल, खाद, रासायनिक कीटनाशक मजदूरी और महंगाई बढ़ी लेकिन सोयाबीन के भाव नहीं बढ़े हैं, साल 2012 में जो सोयाबीन का भाव था 2024 में आज भी वही भाव बिक है। इन 12 साल में सोयाबीन की लागत डबल हो गई है। लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि नहीं हुई है।

किसान नेताओं ने की यह मांग

किसान नेताओं का कहना है कि किसानों को फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है और यह फसल घाटे का सौदा साबित होती जा रही है। प्रति एकड़ किसान को लगभग 10 से 15 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। हमारी मांग है कि केंद्र सरकार सोयाबीन का समर्थन मूल्य पर खरीद कर उस पर 10 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बोनस राशि सीधे किसानों के खाते में डाली जाए। जिससे हमें सोयाबीन के 6 हजार रुपए से ज्यादा भाव मिल सके।

किसानों यह भी मांगें रखी की फसल बीमा नीति में संशोधन कर खेत को इकाई माना जाए, औसत उत्पादन 3 साल का किया जाए। सेटेलाइट सर्वे प्रणाली किसानों को स्वीकार नहीं है, इसलिए रेंडम प्लॉट पद्धति और नेत्राकंन सर्वे प्रणाली ही रखा जाए। 2018 से लेकर 2023/24 खरीफ सीजन में हुए फसल बीमा घोटाले की जांच कराई जाए।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • खंडवा न्यूज
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य
  • minimum support price
  • खंडवा किसान मांग
  • Khandwa Farmers protest
  • Khandwa farmer demand
  • Khandwa Kisan Rally
  • खंडवा किसान आंदोलन
  • सोयाबीन एमएसपी बढ़ाने की मांग
  • खंडवा में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर निकले किसान
  • फसलों का खरीदी मूल्य बढ़ाने की मांग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं