लिव इन रिलेशनशिप पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए क्या कह दिया कोर्ट ने
Sandeep Kumar | Apr 07, 2024, 12:10 IST
PIC
मध्य प्रदेश में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं की अच्छी खबर है। हाईकोर्ट ने महिलाओं के हक में एक बड़ा फैसला सुनाया है। किसी पुरुष के साथ काफी लंबे समय तक रिश्ते में रहने वाली महिला...
BHOPAL. लिव-इन रिलेशनशिप ( liv-in relationship ) में महिलाओं के अधिकारों को मान्यता देते हुए कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ( Madhya Pradesh High Court ) ने अपने एक निर्णय में कहा कि एक पुरुष के साथ काफी समय तक रहने वाली महिला अलग होने पर भरण-पोषण की हकदार है, भले ही वे कानूनी रूप से विवाहित न हों। हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता के केस की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया, जिसने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे उस महिला को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता देने की आवश्यकता थी, जिसके साथ वह लिव-इन रिलेशनशिप में था।
ये खबर भी पढ़िए...खजुराहो लोकसभा का दंगल : BJP को नहीं मिलेगा वॉकओवर, नामांकन खारिज होने के बाद जानें INDIA गठबंधन का प्लान
लिव इन रिलेशनशिप को लेकर देश भर की कोर्ट और कई मंचों पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर प्रकरण लंबित है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के इस फैसले से लिविंग रिलेशन में महिलाओं के अधिकारों को मान्यता मिली है। बहरहाल हाई कोर्ट ने लिविंग रिलेशनशिप से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए एक हम आदेश पारित किया है जिसमें कहा है कि ब्रेकअप के बाद महिला गुजारा-भत्ता की हकदार है, भले ही उसका वैवाहिक वैधानिक तरीके से होने का साक्ष्य मौजूद न हो।
ये खबर भी पढ़िए...Lok sabha election 2024 : मध्य प्रदेश की इन सीटों पर हैं एक नाम वाले कई कैंडिडेट, जानें कौन हैं वो प्रत्याशी
मामला लिव इन रिलेशन से जुड़ा हुआ था और महिला का एक बच्चा भी है। लिहाजा हाई कोर्ट ने इस पर निर्णय फैसला सुनाते हुए कहा कि भले ही महिला विवाह साबित करने में सफल न रही हो लेकिन दोनों के बीच संबंध थे यह सबूत पर्याप्त है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चा इस बात का सबूत है कि दोनों के बीच रिश्ते पति-पत्नी जैसे ही थे। हाई कोर्ट जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने बालाघाट जिला न्यायालय के गुजारा भत्ता दी जाने के पारित आदेश की पुष्टि करते हुए चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
ये खबर भी पढ़िए...MP लोकसभा चुनावः 29 सीटों पर तस्वीर साफ, जानिए किसका मुकाबला किसके साथ
बालाघाट में रहने वाले शैलेश कुमार कई सालों तक एक महिला के साथ लिव इन रिलेशन में रहा। दोनों का एक बच्चा भी हैं। किसी कारणवश दोनों अलग हो गए तो महिला ने बालाघाट पुलिस में शिकायत की और बताया कि शादी का झांसा देकर पत्नी की तरह रखा। महिला ने बालाघाट जिला कोर्ट में गुजारे-भत्ते के लिए आवेदन किया। महिला ने कोर्ट को बताया कि कई सालों तक पति-पत्नी की तरह रहें, उनका एक बच्चा भी हैं। बाद में शादी से इंकार कर दिया, लिहाजा उसे जीवन-यापन के लिए गुजारा भत्ता दिए जाए। बालाघाट जिला कोर्ट ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया तो शैलेश ने हाईकोर्ट में बालाघाट कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि कोर्ट के समक्ष महिला ने मंदिर में शादी किए जाने और पत्नी के तौर रहने की बात कही है लेकिन वह इसके साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं कर पाई है।
ये खबर भी पढ़िए...ग्वालियर कलेक्ट्रेट की महिला कर्मचारी ने तहसीलदार पर लगाए गंभीर आरोप
ये खबर भी पढ़िए...खजुराहो लोकसभा का दंगल : BJP को नहीं मिलेगा वॉकओवर, नामांकन खारिज होने के बाद जानें INDIA गठबंधन का प्लान
लिव इन रिलेशन में रहने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी
लिव इन रिलेशनशिप को लेकर देश भर की कोर्ट और कई मंचों पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर प्रकरण लंबित है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के इस फैसले से लिविंग रिलेशन में महिलाओं के अधिकारों को मान्यता मिली है। बहरहाल हाई कोर्ट ने लिविंग रिलेशनशिप से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए एक हम आदेश पारित किया है जिसमें कहा है कि ब्रेकअप के बाद महिला गुजारा-भत्ता की हकदार है, भले ही उसका वैवाहिक वैधानिक तरीके से होने का साक्ष्य मौजूद न हो।
ये खबर भी पढ़िए...Lok sabha election 2024 : मध्य प्रदेश की इन सीटों पर हैं एक नाम वाले कई कैंडिडेट, जानें कौन हैं वो प्रत्याशी
हाईकोर्ट ने ये कहा...
मामला लिव इन रिलेशन से जुड़ा हुआ था और महिला का एक बच्चा भी है। लिहाजा हाई कोर्ट ने इस पर निर्णय फैसला सुनाते हुए कहा कि भले ही महिला विवाह साबित करने में सफल न रही हो लेकिन दोनों के बीच संबंध थे यह सबूत पर्याप्त है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चा इस बात का सबूत है कि दोनों के बीच रिश्ते पति-पत्नी जैसे ही थे। हाई कोर्ट जस्टिस जीएस अहलूवालिया की एकलपीठ ने बालाघाट जिला न्यायालय के गुजारा भत्ता दी जाने के पारित आदेश की पुष्टि करते हुए चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
ये खबर भी पढ़िए...MP लोकसभा चुनावः 29 सीटों पर तस्वीर साफ, जानिए किसका मुकाबला किसके साथ
यह था पूरा मामला
बालाघाट में रहने वाले शैलेश कुमार कई सालों तक एक महिला के साथ लिव इन रिलेशन में रहा। दोनों का एक बच्चा भी हैं। किसी कारणवश दोनों अलग हो गए तो महिला ने बालाघाट पुलिस में शिकायत की और बताया कि शादी का झांसा देकर पत्नी की तरह रखा। महिला ने बालाघाट जिला कोर्ट में गुजारे-भत्ते के लिए आवेदन किया। महिला ने कोर्ट को बताया कि कई सालों तक पति-पत्नी की तरह रहें, उनका एक बच्चा भी हैं। बाद में शादी से इंकार कर दिया, लिहाजा उसे जीवन-यापन के लिए गुजारा भत्ता दिए जाए। बालाघाट जिला कोर्ट ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया तो शैलेश ने हाईकोर्ट में बालाघाट कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि कोर्ट के समक्ष महिला ने मंदिर में शादी किए जाने और पत्नी के तौर रहने की बात कही है लेकिन वह इसके साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं कर पाई है।
ये खबर भी पढ़िए...ग्वालियर कलेक्ट्रेट की महिला कर्मचारी ने तहसीलदार पर लगाए गंभीर आरोप
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA