एलएन मालवीय : लोक निर्माण विभाग के पूर्व एनसी अखिलेश अग्रवाल और चीफ इंजीनियर संजय खांडे जा सकते हैं जेल ?
Jitendra Shrivastava | Jul 23, 2024, 23:25 IST
thesootr
मध्यप्रदेश पीडब्ल्यूडी को भ्रष्टाचार और धांधली का सबसे बड़ा अड्डा बनाने में सबसे अहम योगदान देने वाले दोनों अफसरों की जोड़ी ने ऐसा कमाल दिखाया है जिसने विभाग के महान भ्रष्ट रहे कलाकारों को भी चकरा दिया है...
BHOPAL. मध्यप्रदेश पीडब्ल्यूडी में रिटायर होने के बाद एमपीआरडीसी के ईएनसी बनकर बैठे अखिलेश अग्रवाल और पीडब्ल्यूडी की ब्रिज निर्माण इकाई में चीफ इंजीनियर रहे संजय खांडे कभी भी जेल की सीखचों के पीछे पहुंच सकते हैं। पीडब्ल्यूडी को भ्रष्टाचार और धांधली का सबसे बड़ा अड्डा बनाने में सबसे अहम योगदान देने वाले दोनों अफसरों की जोड़ी ने ऐसा कमाल दिखाया है जिसने विभाग के महान भ्रष्ट रहे कलाकारों को भी चकरा दिया है। उनके इस कारनामे ने सरकार को पूरे 2 करोड़ रुपए का चूना लगा दिया।
इस करामात को अंजाम देने के लिए अखिलेश अग्रवाल और संजय खांडे की जोड़ी ने केन्द्र और राज्य सरकार के नियम तक बदल डाले। दोनों अधिकारियों ने सरकारी धन मे सेंध लगाकर चहेती ठेकेदार कंपनी को बेजा लाभ पहुंचाकर भारी वसूली से अपना घर भरा। इस चमत्कार की एक शिकायत पर लोकायुक्त जांच शुरू हो गई है जो जल्दी ही उनकी जेल यात्रा करा सकती है। दरअसल पीडब्ल्यूडी ने ग्वालियर में बनाए गए 92 पुलों का डाटा कलेक्शन और वर्तमान स्थिति जानने के लिए 3 सितंबर 2021 को एक टेण्डर निकाला था। टेण्डर में प्रत्येक पुल के लिए तीन लाख रुपए के हिसाब से 2 करोड़ 76 लाख रुपए की दर निर्धारित करके प्रस्ताव बुलाए गए। इस काम के लिए तीन ठेकेदार कंपनियों ने टेण्डर भरा। इनमें फरीदाबाद की एंजिल्स इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्राईवेट लिमिटेड ने भोपाल की एसोसिएट कंपनी इनोविस कंसलटेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ इस काम के लिए 3 करोड़ 25 लाख रुपए की दर भरी, तो मुम्बई की टीपीएफ इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने इस काम के लिए 2 करोड़ 70 लाख रुपए मांगे।
टेण्डर में भाग लेने वाली तीसरी ठेकेदार कंपनी भोपाल की एलएन मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड ने 2 करोड़ 30 लाख रुपए में यह काम करने को तैयार हो गई। इससे क्यूसीबीएस प्रक्रिया से हुए टेण्डर में फाइनेंशियल बीड में सबसे कम रेट देने वाली एलएन मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड ने बाजी मार ली, लेकिन रुपयों के लालच में ईएनसी और चीफ इंजीनियर की जुगल जोड़ी ने टेक्निकल बीड में सबसे ज्यादा 3 करोड़ 25 लाख रुपए का रेट भरने से फाइनेंशियल बीड में तीसरे नंबर पर आई चहेती फरीदाबाद की कंपनी को पहले नंबर एक पर लाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय, योजना आयोग और राज्य सरकार द्वारा टेण्डर के लिए निर्धारित नियम को ही बदल डाले। उन्होंने 244 करोड़ रुपए की लागत वाले इन 92 पुलों के लिए 2 प्रतिशत टर्नओवर होने और बुलाए टेण्डर के 40 प्रतिशत मूल्य के प्रोजेक्ट के काम के अनुभव का नियम ही रद्द कर दिया। इसकी जगह दोनों ने इस टेण्डर के लिए 100 करोड़ रुपए का टर्नओवर होने और 30-30 करोड़ रुपए के दो प्रोजेक्ट के काम का अनुभव होने की नियम विरुद्ध नई शर्त जोड़ दी।
अग्रवाल और खांडे की इस चालबाजी के कारण टेण्डर में सबसे ज्यादा रेट भरने वाली फरीदाबाद की एजिस इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्राईवेट लिमिटेड और उसकी एसोसिएट कंपनी इनोविस कंसलटेंटस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने दो अन्य ठेकेदार कंपनियों को पछाड़ दिया। उन्होंने कंपनी से आठ ऐसे “की पर्सन” के बायोडाटा भी जमा करवा दिए जो अन्य प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे और जिनके अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी थे। फिर ईएनसी और चीफ इंजीनियर ब्रिज “की पर्सन” का फर्जीवाड़ा नजरअंदाज करते हुए इन दो आधारों पर कंपनी को टेक्निकल बीड में 100 में से 100 नंबर देकर पहले नंबर पर ले आए और उसे 2 करोड़ 76 लाख रुपए का टेण्डर 3 करोड़ 25 लाख रुपए में देकर अंजाम तक पहुंचा दिया। फरीदाबाद की ठेकेदार कंपनी पर इस बेची गई मेहरबानी के बाद भी दोनों अफसरों की कृपा बरसना बंद नहीं हुई और उन्होंने विभिन्न प्रावधानों का इस्तेमाल करके कंपनी को 4 करोड़ 22 लाख रुपए का भुगतान करवा दिया।
टेण्डर में आए सबसे निचले रेट 2 करोड़ 30 लाख रुपए में हो जाने वाला काम करीब दोगुनी कीमत पर कराकर सरकारी खजाने से 2 करोड़ रुपए की लूट करने वाले ईएनसी अखिलेश अग्रवाल के रिटायर होने के बाद भी चीफ इंजीनियर ब्रिज संजय खांडे की मेहरबानियां इस कंपनी पर कम नहीं हुई। इसके चलते उन्होंने 6 अप्रैल 2023 को एक रिटायरमेंट की कगार पर बैठे अधिकारी से अनुभव प्रमाण पत्र जारी करवा दिया। इसमें एजिस इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्राईवेट लिमिटेड और उसकी एसोसिएट भोपाल की कंपनी इनोविस कंसलटेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ज्वाइंट वेंचर में यह काम करने की बात कही गई है। जबकि ज्वाइंट वेंचर में काम करने के लिए दो कंपनियों में 50-50 के अनुपात में अनुभव और टर्नओवर होना अनिवार्य है जो भोपाल की सहयोगी कंपनी इनोविस कंसलटेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास आज भी नहीं है। इसके अलावा विभाग में टेण्डर पाने वाली कंपनी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों में शामिल दोनों कंपनियों के MOU में भी उसे सहयोगी कंपनी बताया गया है। इतना ही नहीं खांडे ने अनुभव प्रमाण पत्र में पुलों की संख्या बढ़ाकर 102 कर दी। उन्होंने फरीदाबाद की कंपनी द्वारा डाटा कलेक्शन और पुलों की वर्तमान स्थिति जानने का काम करने की जगह सुपरविजन और क्वालिटी कंट्रोल का काम करने की बात प्रमाणित करके किए गए काम की प्रकृति बदलने से भी परहेज नहीं किया।
इस गोलमाल का पूरा कच्चा चिट्ठा तमाम दस्तावेजों के साथ लोकायुक्त तक पहुंच गया है। इसमें तत्कालिक ईएनसी अखिलेश अग्रवाल, प्रभारी चीफ इंजीनियर ब्रिज संजय खांडे एंजिल्स इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के एमडी संदीप गुलाटी, कंपनी सेक्रेटरी विवेक आनंद, डायरेक्टर आबू श्याम, इनोविस कंसलटेंटस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अंकित डागा , मयूरी डागा और मैनेजर तहसीन खान को मुख्य आरोपी बताया गया है। पीडब्ल्यूडी के दो वरिष्ठ अफसरों के प्रमाणिक कमाल से लोकायुक्त के जांचकर्ता भी चकरा गए हैं। उन्होंने तेजी से मामले को संज्ञान में लेकर भारी दबाव के बावजूद अपनी छानबीन शुरू कर दी है जिसके पूरा होते ही अग्रवाल और खांडे सहित अन्य आरोपी हथकड़ी मे नजर आ सकते हैं।
लोकायुक्त जांच के बाद दोनों को जल्द हो सकती है जेल
एलएन मालवीय इन्फ्रा 2.30 करोड़ में काम को तैयार हो गई
100 में से 100 नंबर देकर 2.76 करोड़ का टेंडर 3.25 करोड़ में दिया
खांडे ने अनुभव प्रमाण पत्र में पुलों की संख्या बढ़ाकर 102 की
फर्जीवाड़े देखकर लोकायुक्त के जांचकर्ता भी चकरा गए
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari