भगवान जगन्नाथ स्वामी क्यों खा रहे दलिया-खिचड़ी, इधर... रथ यात्रा की तैयारी शुरू
Jitendra Shrivastava | Jun 29, 2024, 22:33 IST
Lord Jagannath Swami
मध्यप्रदेश के दमोह स्थित जगदीश स्वामी मंदिर के पुजारी पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग ने बताया कि भगवान का बीमार होना यह सब परंपरा का हिस्सा है, जिसे पुरातन काल से निभाया जा रहा है। किवदंती है कि भगवान अपने भक्त की सेवा करने स्वयं पहुंचे थे...
BHOPAL. दमोह में भगवान जगनाथ स्वामी अभी बीमार हैं, लेकिन उनकी रथयात्रा की तैयारियां शुरू हो गई है। शहर के दो मंदिरों से भगवान की रथयात्रा निकाली जाती है, जिसमें पुरैना तालाब के पास स्थित भगवान जगदीश स्वामी मंदिर से और दूसरी हनुमानगढ़ी मंदिर से निकलती है। प्राचीन परंपरा अनुसार भगवान जगन्नाथ स्वामी बीमार चल रहे हैं, जो मंदिरों में छह जुलाई तक शयन मुद्रा में लीन हैं। इस दौरान उनको केवल भगवान को दलिया, खिचड़ी और मूंग की दाल सहित हल्के खाद्य पदार्थों का भोग लगाया जा रहा है।
दमोह में सात जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई है। प्राचीन परंपरा अनुसार भगवान जगन्नाथ स्वामी बीमार चल रहे हैं, जो मंदिरों में छह जुलाई तक शयन मुद्रा में लीन हैं। इस दौरान उनको केवल भगवान को दलिया, खिचड़ी और मूंग की दाल सहित हल्के खाद्य पदार्थों का भोग लगाया जा रहा है। वैद्यराज भी मंदिर आकर भगवान की नाड़ी देखकर जड़ी-बूटियां दे रहे हैं। इसी के साथ भगवान छह जुलाई को पूर्ण रूप से स्वस्थ होंगे। सात जुलाई को भगवान जगन्नाथ भाई बलदाऊ व बहिन सुभद्रा के साथ सुसज्जित रथ में शहर का भ्रमण करेंगे। साथ ही अपने भक्तों को दर्शन देकर हालचाल जानेंगे।
ये खबर भी पढ़ें...
MP में शिक्षकों की मनमानी , घंटों देरी से पहुंचते हैं स्कूल , छात्रों की पढ़ाई चौपट
उड़ीसा के पुरी के जगन्नाथ स्वामी मंदिर के साथ देशभर के सभी जगन्नाथ स्वामी मंदिरों मे ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा से आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तक भगवान जगन्नाथ स्वामी बीमार रहते हैं एवं आषाढ़ शुक्ल द्वितीया रथ दोज को भगवान अपने भाई बलभद्र बहिन सुभद्रा के साथ रथ पर सवार होकर भ्रमण के लिए निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देते हैं, इसके पीछे एक कथा है। जगदीश स्वामी मंदिर के पुजारी पंडित नर्मदा प्रसाद गर्ग ने बताया कि भगवान का बीमार होना यह सब परंपरा का हिस्सा है, जिसे पुरातन काल से निभाया जा रहा है। पुजारी ने कथा सुनाते हुए कहा कि उड़ीसा प्रांत के जगन्नाथ पुरी में माधवदास नामक भगवान के परम भक्त रहते थे। एक बार माधवदास को अतिसार का रोग हो गया। वह इतने दुर्बल हो गए कि उठ-बैठ नहीं पा रहे थे, पर जब तक इनसे बना तब तक ये अपना कार्य स्वयं करते थे और सेवा किसी से लेते भी नहीं थे। तब श्री जगनाथ जी स्वयं सेवक बनकर इनके पर पहुंचे और माधव दास की सेवा करने लगे। जब माधवदास जी को होश आया, तब उन्होंने तुरंत पहचान लिया की यह तो मेरे प्रभु ही हैं।
भगवान जगनाथ स्वामी अभी बीमार हैं, लेकिन उनकी रथयात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के दो मंदिरों से भगवान की रथयात्रा निकाली जाती है। जिसमें पुरैना तालाब के पास स्थित भगवान जगदीश स्वामी मंदिर से एवं दूसरी हनुमानगढ़ी मंदिर से निकलती है। यात्रा के पूर्व रथों को नई पेंटिंग करके सजाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
7 जुलाई को भगवान भक्तों के हालचाल जानेंगे
ये खबर भी पढ़ें...
MP में शिक्षकों की मनमानी , घंटों देरी से पहुंचते हैं स्कूल , छात्रों की पढ़ाई चौपट
भगवान का बीमार होना परंपरा का हिस्सा
रथों को नई पेंटिंग कर सजाया जा रहा है
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari