माधव राष्ट्रीय उद्यान के बाद रातापानी बना MP का 9वां टाइगर रिजर्व
Raj Singh | Dec 03, 2024, 08:17 IST
RAPTAPANI TIGER RESEVE
मध्य प्रदेश का रातापानी अभ्यारण्य अब राज्य का 9वां टाइगर रिजर्व बन गया है। प्रदेश की मोहन सरकार ने 2 दिसंबर 2024 को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। पिछले दिन ही माधव नेशनल पार्क को भी टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था।
मध्यप्रदेश का रातापानी अभ्यारण्य अब राज्य का 9वां टाइगर रिजर्व बन गया है। प्रदेश की मोहन सरकार ने 2 दिसंबर 2024 को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। बता दें कि इससे पहले रविवार को केंद्रीय सरकार ने शिवपुरी जिले के माधव नेशनल पार्क को प्रदेश का 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया था।
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करीब 1300 वर्ग किलोमीटर में होगा
माधव नेशनल पार्क MP का 8वां टाइगर रिजर्व घोषित, कौन से हैं 7 पार्क
रातापानी टाइगर रिजर्व के बनने से न केवल बाघों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि यह क्षेत्र पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगा। टाइगर रिजर्व बनने से स्थानीय समुदाय को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे, खासकर पर्यटन उद्योग के माध्यम से। ईको-टूरिज्म के द्वारा ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार होगा। इसके साथ ही रातापानी टाइगर रिजर्व को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना है, और भोपाल को 'टाइगर राजधानी' के रूप में जाना जाएगा।
भारत में 2022 की गणना के अनुसार, मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या 785 है, जो 2018 में 526 थी। मध्यप्रदेश में अब तक 7 टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, संजय दुबरी, और नौरादेही थे। अब रातापानी और माधव नेशनल पार्क के टाइगर रिजर्व बनने से यह संख्या 9 हो गई है, जिससे मध्यप्रदेश को 'टाइगर स्टेट' का दर्जा और मजबूत हुआ है।
माधव नेशनल पार्क में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मधुमक्खियों का हमला
साल 2022 की गणना के मुताबिक, भारत में बाघों की संख्या 3 हजार 682 है, जबकि साल 2018 में इनकी संख्या 2 हजार 967 थी। बाघों की संख्या में सालाना 6 फीसदी की वृद्धि हो रही है। बता दें कि हर चार साल में बाघों की संख्या गिनी जाती है, जिससे संरक्षण प्रयासों की प्रभावशीलता को मापा जा सकता है।
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करीब 1300 वर्ग किलोमीटर में होगा रातापानी टाइगर रिजर्व
रातापानी टाइगर रिजर्व का कुल रकबा 1271.465 वर्ग किलोमीटर होगा, जिसमें से कोर क्षेत्र का रकबा 763.812 वर्ग किलोमीटर और बफर क्षेत्र का रकबा 507.653 वर्ग किलोमीटर है। यह क्षेत्र रायसेन और सीहोर जिलों में फैला हुआ है। इसके बफर क्षेत्र में 9 गांव शामिल हैं, जिनमें झिरी बहेड़ा, जावरा मलखार, देलावाड़ी, सुरई ढाबा, पांझिर, कैरी चौका, दांतखो, साजौली और जैतपुर शामिल हैं। हालांकि, इन गांवों को कोर क्षेत्र में नहीं शामिल किया गया है।
रातापानी को टाइगर रिजर्व बनाने का उद्देश्य
एमपी में बाघों की संख्या करीब 800
माधव नेशनल पार्क में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मधुमक्खियों का हमला
भारत में बाघों की संख्या कितनी?
FAQ
- रातापानी टाइगर रिजर्व की स्थिति कहां है?
यह रिजर्व मध्यप्रदेश के रायसेन और सीहोर जिलों में स्थित है। - टाइगर रिजर्व बनने से स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?
स्थानीय लोगों को ईको टूरिज्म के माध्यम से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी जीवनशैली में सुधार होगा। - मध्यप्रदेश में अब कितने टाइगर रिजर्व हैं?
अब मध्यप्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व हैं, जिसमें रातापानी और माधव नेशनल पार्क का नाम भी जुड़ गया है। - भारत में कुल कितने बाघ हैं?
साल 2022 की गणना के अनुसार, भारत में कुल 3682 बाघ हैं।
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