बैतूल में आदिवासियों ने किया बांध परियोजना का विरोध, झारखंड के पत्थलगढ़ी अधिकार आंदोलन का असर
Ravi Singh | Aug 11, 2024, 18:22 IST
PESA law dam project rejected
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बांध बन रहा था जिसका विरोध करते हुए आदिवासी ग्रामीणों ने क्षेत्र में एक बांध निर्माण परियोजना को खारिज किया है। जो में झारखंड में हुए पत्थलगढ़ी अधिकार आंदोलन की याद दिलाता है।
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बांध बन रहा था जिसका विरोध करते हुए आदिवासी ग्रामीणों ने क्षेत्र में एक बांध निर्माण परियोजना को खारिज किया है, जो झारखंड में हुए पत्थलगढ़ी अधिकार आंदोलन की याद दिलाता है। आदिवासी ग्रामीणों ने पत्थर की पट्टिकाएं लगा दी हैं। बांध बैतूल शहर से बहने वाली माचना नदी पर बनने वाला था।
स्थानीय लोगों ने इस परियोजना का विरोध किया है, क्योंकि इससे तीन पंचायत क्षेत्र शीतलझारी, सेहरा और झारकुंड जलमग्न हो सकते हैं। पूरे इलाके में पानी भर जाने के बाद किसान खेती कहां करेंगे। जिससे किसानों को खेत छोड़ना पड़ सकता है और हजारों किसान विस्थापित हो जाएंगे। साल 2023 में भी स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर अधिकारियों को एक ज्ञापन दिया था।
जहां बांध बन रहा है वहां पेसा अधिनियम के तहत अधिसूचित हो गया है। इस अधिनियम में ग्राम सभाओं को जंगलों में प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के बारे में निर्णय ले सकते हैं उनको ये अधिकार होता है। वहीं बात करें शीतलझारी पंचायत की तो माचना नदी पर बांध परियोजना से उनको परेशानी हो सकती है, ग्रामीणों ने बांध बनाने से इनकार कर दिया है। शीतलझारी पंचायत के सरपंच धनराज सिंह इवने का कहना है कि पेसा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, हमारी ग्राम सभा ने प्रस्तावित बांध के निर्माण को खारिज किया है। वहीं पेसा अधिनियम अनुसार ऐसा कोई भी कार्य ग्रामसभा की सहमति के बिना नहीं किया जा सकता है। इसी को लेकर गांव में शिला पट्टिका लगा दी गई है।
ये खबर भी पढ़ें...
बांग्लादेश में हिंसा के बीच शेख हसीना ने तोड़ी चुप्पी, अमेरिका पर लगाया बड़ा आरोप
परियोजना से प्रभावित किसी भी ग्राम पंचायत ने इसे मंजूरी नहीं दी है। इस योजना से हमारे किसानों की बहुत सारी ज़मीन डूब में आ जाएगी और कई पेड़ और पारंपरिक पूजा स्थल भी पानी में डूब जाएंगे।'
बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का कहना है कि यह परियोजना स्थानीय लोगों फायदा पहुंचा सकती है, और अभी तक हमने किसी विरोध का पता नहीं चला है। मैं इसकी जांच करवाऊंगा।
पत्थलगढ़ी आंदोलन झारखंड के खूंटी जिले में हुआ था, इसमें आदिवासियों ने विशेष रूप से क्षेत्र पर अपने अधिकारों का दावा करते हुए एक आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था। पत्थरगढ़ी शब्द का अर्थ पत्थर तराशना होता है, आदिवासियों के लिए पत्थरों पर आदेश उकेरना परंपरा होती है। जैसा कि बाहर के लोंगों का गांव में प्रवेश पर करने पर मनाही होती है।
हजारों किसान विस्थापित सकते हैं
पेसा अधिनियम और ग्राम सभा का निर्णय
ये खबर भी पढ़ें...
बांग्लादेश में हिंसा के बीच शेख हसीना ने तोड़ी चुप्पी, अमेरिका पर लगाया बड़ा आरोप
किसी भी ग्राम पंचायत ने नहीं दी मंजूरी
अधिकारियों का क्या कहना है
पत्थरगढ़ी आंदोलन कब हुआ
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari