मध्य प्रदेश में युवा चेहरों पर दांव लगाएगी कांग्रेस, बड़े-बुजुर्ग मार्गदर्शन मंडल में!
Sourabh Bhatnagar | Jun 08, 2025, 14:58 IST
madhya-pradesh-congress-organization-creation-campaign
कांग्रेस मध्यप्रदेश में संगठन सृजन अभियान के तहत युवा जिला अध्यक्षों का चयन करेगी, साथ ही जातिगत संतुलन और पार्टी के मजबूत पक्षों पर ध्यान देगी।
कांग्रेस पार्टी की संगठन सृजन प्रक्रिया के तहत 165 ऑब्जर्वर्स की आज रविवार को एक ऑनलाइन मीटिंग आयोजित की गई। इस मीटिंग में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस मीटिंग में पार्टी के अगले कदमों पर चर्चा की गई, जिनमें विशेष रूप से जिला अध्यक्ष के चयन प्रक्रिया पर जोर दिया गया।
बता दें कि अब दिल्ली और भोपाल से नियुक्त किए गए ऑब्जर्वर्स की एक तीन सदस्यीय टीम हर जिले में जाकर जिला और ब्लॉक अध्यक्षों के नामों की तलाश करेगी। साथ ही कांग्रेस के मजबूत और कमजोर पक्षों की जानकारी जुटाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पार्टी के संगठन को मजबूत करना है, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति में सुधार हो सके।
प्रदेश प्रभारी ने बताया कि जिला अध्यक्ष के चयन में जातिगत संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। हर जिले से पैनल में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, और महिला प्रतिनिधियों के नाम शामिल किए जाएंगे। इस पैनल का आधार जातिगत डेटा होगा, जो पिछले महीने राहुल गांधी की बैठक में सभी ऑब्जर्वर्स को दिया गया था।
मीटिंग में यह सवाल भी उठाया गया कि यदि कोई नेता पार्टी में दो साल पहले शामिल हुआ है, तो क्या वह जिला अध्यक्ष पद की दावेदारी कर सकता है। हरीश चौधरी ने स्पष्ट किया कि जिला अध्यक्ष के लिए दावेदारी करने वाले नेताओं को कम से कम पांच साल का पार्टी में सक्रिय योगदान होना चाहिए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी नेता के खिलाफ चुनावी गड़बड़ियों या भितरघात की शिकायतें हैं, तो ऐसे नेताओं को जिला अध्यक्ष के पैनल में नहीं रखा जाएगा।
पीसीसी और एआईसीसी के पर्यवेक्षक अपने आवंटित जिलों में यात्रा करेंगे और वहां की पूरी गोपनीय रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट में संगठन की मजबूती, चुनावों में जीत-हार के कारण और जिला अध्यक्ष के लिए नामों का पैनल शामिल होगा। इस रिपोर्ट को सीधे मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल को भेजा जाएगा।
पूर्व मंत्री और सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि जिले के आवंटन में पक्षपात किया गया है और कुछ नेताओं को उनके पसंदीदा जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। इस पर हरीश चौधरी ने कहा कि पीसीसी ऑब्जर्वर्स की सूची एआईसीसी से तैयार की गई थी और यदि कहीं अंतर दिखाई देता है, तो इसके लिए वह जिम्मेदार हैं।
कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि संगठन सृजन अभियान के दौरान युवा कांग्रेस के चुनाव भी कराए जाएं, लेकिन हरीश चौधरी ने कहा कि इस विषय पर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और पार्टी के इलेक्शन कमीशन से बात की जाएगी।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
बता दें कि अब दिल्ली और भोपाल से नियुक्त किए गए ऑब्जर्वर्स की एक तीन सदस्यीय टीम हर जिले में जाकर जिला और ब्लॉक अध्यक्षों के नामों की तलाश करेगी। साथ ही कांग्रेस के मजबूत और कमजोर पक्षों की जानकारी जुटाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पार्टी के संगठन को मजबूत करना है, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति में सुधार हो सके।
45 साल से कम उम्र के युवा नेता होंगे जिला अध्यक्ष
हरीश चौधरी ने कहा, हमारा उद्देश्य युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना है। जिला अध्यक्ष के लिए हमें ऐसे नामों का चयन करना है जिनकी उम्र 35 से 45 वर्ष के बीच हो। अगर कोई सशक्त वरिष्ठ नेता अपनी दावेदारी प्रस्तुत करता है, तो उसे विशिष्ट परिस्थितियों में शामिल किया जा सकता है, लेकिन राहुल गांधी की सोच के अनुसार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष युवा, तकनीकी-फ्रेंडली और सोशल मीडिया पर सक्रिय होना चाहिए। चौधरी की इन बातों से अब सवाल उठता है कि युवा चहरों को सामने लाने वाली कांग्रेस में बड़े-बुजुर्ग यानी सीनियर नेताओं का क्या होगा। क्या उन्हें मार्गदर्शन मंडल में डालने की तैयारी है?
जिला अध्यक्ष के चयन में जातिगत संतुलन
पार्टी में नए नेताओं की दावेदारी
चुनावी गड़बड़ियों पर कड़ी निगरानी
पर्यवेक्षकों की यात्रा और गोपनीय रिपोर्ट
जिले आवंटन में विवाद
संगठन सृजन अभियान के दौरान युवाओं का चुनाव
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman