/sootr/media/media_files/2026/03/02/cyber-crime-2026-03-02-11-49-11.png)
News In Short
- मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम के मामले बढ़े, लेकिन समाधान में कमी आई है।
- 2024 में साइबर क्राइम के 974 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 443 हल हुए हैं।
- 2025 में 1106 मामले दर्ज हुए, लेकिन समाधान केवल 425 का हुआ है।
- जबलपुर और भोपाल में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले सबसे अधिक रहे हैं।
- सरकार ने साइबर क्राइम को रोकने के लिए 33 हजार 31 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया है।
News In Detail
मध्य प्रदेश में साइबर क्राइम और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले पिछले दो सालों में काफी बढ़ गए हैं। यह सरकार के आंकड़ों से साफ हो रहा है कि मामले बढ़ने के बावजूद उनकी जांच और समाधान में कमी आई है।
साइबर क्राइम के मामले बढ़े
साल 2024 और 2025 में साइबर क्राइम के मामलों में भारी वृद्धि हुई है, लेकिन हल होने वाले मामलों की संख्या में कमी देखी गई। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 2024 में कुल 974 साइबर क्राइम के मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से 443 मामलों का ही समाधान हुआ है।
वहीं, 2025 में यह संख्या बढ़कर 1106 हो गई, लेकिन सिर्फ 425 मामलों को ही हल किया जा सका। इसका मतलब यह है कि 2025 में मामले बढ़े, लेकिन समाधान की दर घट गई।
जबलपुर और भोपाल में ऑनलाइन धोखाधड़ी ज्यादा
राज्य के साइबर पुलिस मुख्यालय से पेश आंकड़ों के मुताबिक, जबलपुर और भोपाल में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले सबसे अधिक रहे हैं। जबलपुर में 2024 में 112 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या घटकर 101 रह गई।
वहीं, भोपाल में 2024 में 80 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 63 हो गए। बावजूद इसके, इन दोनों शहरों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी आई है, लेकिन राज्यभर में साइबर क्राइम के मामले बढ़े हैं।
साइबर क्राइम को नियंत्रित करने के लिए कदम
राज्य सरकार ने साइबर क्राइम और ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी पर नियंत्रण पाने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने विधानसभा में बताया कि मध्य प्रदेश राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय ने अब तक 338 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
इनमें 33 हजार 31 पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया। इसके अलावा, कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से नियमित रूप से पुलिस और अन्य कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जा रही है।
साइबर जागरूकता अभियान का महत्व
साइबर अपराध को रोकने और लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य सरकार ने 28 हजार 157 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इनमें 2 करोड़ 18 लाख 36 हजार 78 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई है।
इसके अलावा, राज्य सरकार सोशल मीडिया के माध्यम से भी साइबर जागरूकता अभियान चला रही है। साथ ही रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड्स, मेलों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर्स, बैनर और वीडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
ये खबरें भी पढ़ें...
साइबर ठगों के खिलाफ सख्त एक्शन, 30 करोड़ की प्रॉपर्टी होगी कुर्क, जानें पूरा मामला
भोपाल में साइबर फ्रॉड का आतंक, कुछ दिनों में ही करोड़ों की ठगी, तीन दिन में 45 एफआईआर
मन की बात : पीएम मोदी बोले- साइबर ठगी से रहें सावधान, पासवर्ड बदलने को बनाएं अपनी आदत
साइबर पंजीकरण से घर बैठे लोन और लीज डीड समेत 75 दस्तावेजों का होगा रजिस्ट्रेशन
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us