MP के स्कूलों में शिक्षा की लड़ाई, बिना बिजली और शिक्षक के कैसे होगी पढ़ाई

Amresh Kushwaha | Jul 16, 2025, 12:57 IST
Share
madhya-pradesh-school-enrollment-decline-infrastructure-issues
madhya-pradesh-school-enrollment-decline-infrastructure-issues

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है। इसने मध्य प्रदेश के स्कूलों की शिक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं प्रदेश के स्कूलों की कई खामिया सामने आई है...

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बुनियादी सुविधाएं गंभीर संकट में हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) ने हाल ही में यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडाइस) रिपोर्ट (UDISE Report) जारी की है। इसके मुताबिक, प्रदेश के स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षक नहीं हैं, और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। इस रिपोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर हालत का पर्दाफाश किया है।

ये खबर भी पढ़िए...सरकारी स्कूल में बच्चों से धान बिनवाया... परिजनों ने स्कूल में जड़ा ताला

बुनियादी सुविधाओं की कमी

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में न तो छात्रों के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक हैं, न ही बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, फर्नीचर और शौचालय जैसी सुविधाएं। रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश के 9 हजार 500 स्कूलों में बिजली नहीं है। वहीं 12 हजार स्कूलों में केवल एक शिक्षक ही मौजूद है। यह संख्या ऐसे स्कूलों की है जहां शिक्षकों की कमी गंभीर रूप से महसूस की जा रही है। इसके कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।

प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा में गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, मप्र की प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा में बहुत सुधार की आवश्यकता है। सकल नामांकन दर (Gross Enrollment Ratio - GER) और नेट नामांकन दर (Net Enrollment Ratio - NER) दोनों ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों से काफी नीचे हैं।

MP में स्कूलों की खस्ता हालत पर एक नजर...

  • मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक और बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
  • प्रदेश के 9,500 स्कूलों में बिजली नहीं है, और 12,000 स्कूलों में केवल एक शिक्षक मौजूद है।
  • प्राथमिक शिक्षा में सकल नामांकन दर 78.9% और नेट नामांकन दर 64.3% है, जबकि उच्च माध्यमिक शिक्षा में यह क्रमशः 62% और 25.7% है।
  • सरकार ने सरकारी स्कूलों में शौचालय, पेयजल, और मरम्मत कार्यों के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति दी है।
  • लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डीएस कुशवाह ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए निरंतर प्रयासों का संकल्प लिया है।

प्राथमिक शिक्षा में गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर सकल नामांकन दर 78.9% और नेट नामांकन दर 64.3% है, जो चिंताजनक है। इसका मतलब है कि एक बड़ा वर्ग शिक्षा से वंचित है या तो स्कूल छोड़ चुका है।

ये खबर भी पढ़िए...स्कूल चले हम अभियान का पहला चरण फेल, सरकारी स्कूलों में बच्चों को प्रवेश नहीं दिला रहे पेरेंट्स

उच्च माध्यमिक शिक्षा में स्थिति और खराब

उच्च माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर स्थिति और भी अधिक विकट है। यहां सकल नामांकन दर 62% और नेट नामांकन दर केवल 25.7% है। यह दर्शाता है कि बच्चे हाई स्कूल स्तर तक पहुंचने से पहले ही शिक्षा छोड़ देते हैं, या फिर उच्च शिक्षा की ओर कदम नहीं बढ़ाते।

प्रदेश में शिक्षा सुधार की दिशा में कदम

मध्यप्रदेश सरकार ने इन समस्याओं से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी जिलों में स्थित सरकारी स्कूलों के लिए शौचालय, पेयजल, और मरम्मत कार्य के लिए 50-50 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, लगातार व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और शिक्षा के स्तर को बेहतर किया जा सके।

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक डीएस कुशवाह (DS Kushwaha) ने कहा कि, हम प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग | Madhya Pradesh schools | Union Ministry Of Education | MP News



Tags:
  • MP News
  • Madhya Pradesh
  • MP
  • Madhya Pradesh schools
  • मध्य प्रदेश
  • शिक्षा मंत्रालय
  • मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग
  • ministry of education
  • सरकारी स्कूल
  • Union Ministry Of Education
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय
अर्नब के बाद मुरासु का अटैक, एमपी में 5 नवंबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट, CG में भी दिखेगा असर, जानें राजस्थान के हाल

By Aman Vaishnav

अर्नब के बाद मुरासु का अटैक, एमपी में 5 नवंबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट, CG में भी दिखेगा असर, जानें राजस्थान के हाल
जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा

By Ramanand Tiwari

जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा
प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास कर छोड़ा सांसारिक मोह; पहले पूरा किया माता-पिता का सपना, अब चुना संन्यास

By Amresh Kushwaha

प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास कर छोड़ा सांसारिक मोह; पहले पूरा किया माता-पिता का सपना, अब चुना संन्यास
एमपी में एप्को पर आर्थिक संकट के सवाल, 8 करोड़ का अनुदान रुका तो कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता

By Ramanand Tiwari

एमपी में एप्को पर आर्थिक संकट के सवाल, 8 करोड़ का अनुदान रुका तो कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता
पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक

By Mukesh Sharma

पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक
मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?

By Ramanand Tiwari

मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?
मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल

By Ramanand Tiwari

मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल