सावन के दूसरे दिन अलौकिक राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, देखें लाईव आरती
Kaushiki | Jul 31, 2026, 08:30 IST
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सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुका है। इसका समापन 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन होगा। इस दौरान मंदिर के खुलने के समय में बदलाव किया गया है।
Mahakal Bhasma Aarti: 30 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। इसका समापन 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन होगा। चारों तरफ शिव भक्ति की गूंज सुनाई दे रही है। सभी भक्त शिवजी की भक्ति में पूरी तरह डूब चुके हैं। देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा है।
ऐसे में सावन के इस पवित्र महीने में मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध उज्जैन महाकाल मंदिर भी पूरी तरह सज चुका है। यहां रोज सुबह होने वाली बाबा महाकालभस्म आरती का दृश्य अद्भुत होता है। भस्म आरती में शामिल होने दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। बाबा महाकाल के दर्शन पाकर भक्त खुद को धन्य मानते हैं।
सावन के दौरान महाकाल मंदिर में अलग ही रौनक देखने को मिलती है। हर दिन तड़के बाबा का भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया जाता है। इस बार भी मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए खास इंतजाम किए हैं।
आज शुक्रवार (31 जुलाई) सावन माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि शुक्रवार तड़के 4 बजे पर उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट खोले गए। परंपरा के मुताबिक, सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर आज्ञा ली गई। गर्भगृह के चांदी के द्वार खोले गए।
पुजारियों ने बाबा महाकाल का पुराना श्रृंगार उतारकर कर्पूर आरती की। इसके बाद भगवान का जल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और ताजे फलों के रस से पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद भांग, चंदन, सिंदूर, चांदी के शेषनाग मुकुट, मुंडमाला और ताजे फूलों से बाबा का राजा स्वरूप में दिव्य श्रृंगार हुआ।
नंदी मंडप में नंदी महाराज का भी पूजन किया गया। फिर मेवे-मिठाइयों का भोग लगाकर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को भस्म चढ़ाई गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद बाबा निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
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सावन महीने की शुरुआत आज 30 जुलाई से हो चुका है। इसका समापन 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन होगा। इस दौरान मंदिर के खुलने के समय में बदलाव किया गया है।
अब रोज तड़के 3:00 बजे मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। वहीं हर सावन सोमवार को सुबह 2:30 बजे ही कपाट खुल जाएंगे। यह नई व्यवस्था 7 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
भस्म आरती सामान्य दिनों में सुबह 3 से 5 बजे तक होगी। सोमवार के दिन यह आरती सुबह 2:30 से 4:30 बजे होगी। 8 सितंबर से पुराना समय फिर से लागू हो जाएगा।
![महाकाल सवारी 2025:नगर भ्रमण का हर स्वरूप होगा खास, जानें कब किस रूप में दर्शन देंगे महाकाल - Mp News Ujjain Mahakal Sawari 2025 Procession Will Be Taken Out For Six Days]()
सावन और भादौ के महीनों में बाबा (उज्जैन महाकाल सवारी)नगर भ्रमण पर निकलते हैं। वे अपनी प्रजा का हालचाल जानने शहर में घूमते हैं। इस बार सावन के चार और भादौ के दो सोमवार पड़ेंगे।
बाबा की पहली सवारी 3 अगस्त को निकाली जाएगी। वहीं अंतिम राजसी सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी। सवारी शाम 4 बजे मंदिर परिसर से बाहर निकलेगी।
सवारी शाम 5 बजे रामघाट पहुंचेगी और जलाभिषेक होगा। इसके बाद पूजन और आरती करके सवारी वापस मंदिर लौटेगी। शाम 7 बजे तक सवारी मंदिर वापस आ जाएगी। उज्जैन का महाकाल मंदिर
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सावन में रोज करीब 4 लाख भक्तों के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए दर्शन के लिए नई व्यवस्था की गई है। आम भक्तों को दो अलग-अलग द्वारों से प्रवेश मिलेगा।
भक्त जलपात्र के माध्यम से बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। नंदी द्वार, मानसरोवर भवन और टनल मार्ग से प्रवेश मिलेगा। इसके बाद कार्तिक और गणेश मंडपम से दर्शन होंगे।
आरती के दौरान भक्तों को चलित दर्शन कराए जाएंगे। कार्तिक मंडपम की पहली तीन पंक्तियों से लोग दर्शन करेंगे। नीलकंठ द्वार वाले भक्त निर्माल्य द्वार से बाहर निकलेंगे।
![ठाठ से निकलेगी बाबा महाकाल की राजसी सवारी, 6 रूपों में भक्तों को देंगे दर्शन]()
महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में एक नई सुविधा शुरू हुई है। अब भक्तों को दक्षिण भारतीय भोजन भी परोसा जाएगा। मंगलवार और शुक्रवार को साउथ इंडियन डिश दी जाएगी।
मंगलवार को इडली, सांभर, स्टीम राइस और पोंगल मिलेगा। वहीं शुक्रवार को पुलिहरा, रसम और पायसम परोसा जाएगा। सावन के पूरे महीने में फलाहारी भोजन दिया जाएगा।
इस भोजन को बनाने के लिए खास शेफ रखा गया है। दो कर्मचारी सिर्फ यही खास डिश तैयार करेंगे। मध्य प्रदेश के किसी मंदिर में यह पहली बार हुआ है। अन्नक्षेत्र सुबह 11:30 से रात 9 बजे तक खुला रहता है।
अब अन्नक्षेत्र में ऑनलाइन दान की सुविधा भी शुरू हो गई है। भक्त घर बैठे ऑनलाइन दान देकर भोग लगवा सकते हैं। पहले दान के लिए भक्तों को खुद यहां आना पड़ता था। mahakal bhasm aarti
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ऐसे में सावन के इस पवित्र महीने में मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध उज्जैन महाकाल मंदिर भी पूरी तरह सज चुका है। यहां रोज सुबह होने वाली बाबा महाकालभस्म आरती का दृश्य अद्भुत होता है। भस्म आरती में शामिल होने दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। बाबा महाकाल के दर्शन पाकर भक्त खुद को धन्य मानते हैं।
सावन के दौरान महाकाल मंदिर में अलग ही रौनक देखने को मिलती है। हर दिन तड़के बाबा का भव्य और अलौकिक श्रृंगार किया जाता है। इस बार भी मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए खास इंतजाम किए हैं।
यहां पर देखें लाईव आरती...
महाकाल भस्म आरती और दिव्य श्रृंगार
पुजारियों ने बाबा महाकाल का पुराना श्रृंगार उतारकर कर्पूर आरती की। इसके बाद भगवान का जल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और ताजे फलों के रस से पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद भांग, चंदन, सिंदूर, चांदी के शेषनाग मुकुट, मुंडमाला और ताजे फूलों से बाबा का राजा स्वरूप में दिव्य श्रृंगार हुआ।
नंदी मंडप में नंदी महाराज का भी पूजन किया गया। फिर मेवे-मिठाइयों का भोग लगाकर महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को भस्म चढ़ाई गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद बाबा निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
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सावन में मंदिर खुलने का नया समय
अब रोज तड़के 3:00 बजे मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। वहीं हर सावन सोमवार को सुबह 2:30 बजे ही कपाट खुल जाएंगे। यह नई व्यवस्था 7 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
भस्म आरती सामान्य दिनों में सुबह 3 से 5 बजे तक होगी। सोमवार के दिन यह आरती सुबह 2:30 से 4:30 बजे होगी। 8 सितंबर से पुराना समय फिर से लागू हो जाएगा।
महाकाल सवारी 2025:नगर भ्रमण का हर स्वरूप होगा खास, जानें कब किस रूप में दर्शन देंगे महाकाल - Mp News Ujjain Mahakal Sawari 2025 Procession Will Be Taken Out For Six Days
बाबा महाकाल की भव्य राजसी सवारी
बाबा की पहली सवारी 3 अगस्त को निकाली जाएगी। वहीं अंतिम राजसी सवारी 7 सितंबर को निकाली जाएगी। सवारी शाम 4 बजे मंदिर परिसर से बाहर निकलेगी।
सवारी शाम 5 बजे रामघाट पहुंचेगी और जलाभिषेक होगा। इसके बाद पूजन और आरती करके सवारी वापस मंदिर लौटेगी। शाम 7 बजे तक सवारी मंदिर वापस आ जाएगी। उज्जैन का महाकाल मंदिर
महाकाल सवारी 2025:नगर भ्रमण का हर स्वरूप होगा खास, जानें कब किस रूप में दर्शन देंगे महाकाल - Mp News Ujjain Mahakal Sawari 2025 Procession Will Be Taken Out For Six Days
श्रद्धालुओं के लिए खास दर्शन व्यवस्था
भक्त जलपात्र के माध्यम से बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। नंदी द्वार, मानसरोवर भवन और टनल मार्ग से प्रवेश मिलेगा। इसके बाद कार्तिक और गणेश मंडपम से दर्शन होंगे।
आरती के दौरान भक्तों को चलित दर्शन कराए जाएंगे। कार्तिक मंडपम की पहली तीन पंक्तियों से लोग दर्शन करेंगे। नीलकंठ द्वार वाले भक्त निर्माल्य द्वार से बाहर निकलेंगे।
ठाठ से निकलेगी बाबा महाकाल की राजसी सवारी, 6 रूपों में भक्तों को देंगे दर्शन
अन्नक्षेत्र में नया साउथ इंडियन प्रसाद
मंगलवार को इडली, सांभर, स्टीम राइस और पोंगल मिलेगा। वहीं शुक्रवार को पुलिहरा, रसम और पायसम परोसा जाएगा। सावन के पूरे महीने में फलाहारी भोजन दिया जाएगा।
इस भोजन को बनाने के लिए खास शेफ रखा गया है। दो कर्मचारी सिर्फ यही खास डिश तैयार करेंगे। मध्य प्रदेश के किसी मंदिर में यह पहली बार हुआ है। अन्नक्षेत्र सुबह 11:30 से रात 9 बजे तक खुला रहता है।
अब अन्नक्षेत्र में ऑनलाइन दान की सुविधा भी शुरू हो गई है। भक्त घर बैठे ऑनलाइन दान देकर भोग लगवा सकते हैं। पहले दान के लिए भक्तों को खुद यहां आना पड़ता था। mahakal bhasm aarti
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