8 दिन में 29 लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, दो करोड़ से ज्यादा के बिके लड्डू

Amresh Kushwaha | Aug 09, 2026, 12:40 IST
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महाकाल में बिके करोड़ों के लड्डू
महाकाल में बिके करोड़ों के लड्डू

उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रावण-भादो मास शुरू होते ही भीड़ बढ़ गई है। 30 जुलाई से 6 अगस्त तक 29 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसी दौरान मंदिर समिति को लड्डू प्रसाद बिक्री से दो करोड़ 35 लाख रुपए से ज्यादा की आय हुई।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • उज्जैन में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी है।
  • 30 जुलाई से 6 अगस्त तक 29 लाख से ज्यादा भक्तों ने दर्शन किए है।
  • श्रावण के पहले सोमवार को सबसे ज्यादा 6 लाख से ज्यादा दर्शनार्थी आए।
  • इसी दौरान मंदिर में 497 क्विंटल से ज्यादा लड्डू प्रसाद बिका।
  • लड्डू प्रसाद की बिक्री से मंदिर समिति को 2 करोड़ 35 लाख रुपए मिले।
उज्जैन का विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर श्रावण-भादो मास में श्रद्धालुओं से भरा हुआ है। 30 जुलाई से 6 अगस्त तक सिर्फ आठ दिनों में 29 लाख 28 हजार 349 भक्तों ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए।

मंदिर प्रशासन के मुताबिक यह संख्या हर दिन तेजी से बढ़ती जा रही है। भक्तों की यह भीड़ श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही देखने को मिली है। इस दौरान मंदिर परिसर में सुबह से लेकर रात तक दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं।

रोज कितने आए श्रद्धालु

मंदिर समिति के आंकड़ों के मुताबिक 30 जुलाई को दो लाख 23 हजार 542 भक्त पहुंचे।

अगले दिन 31 जुलाई को यह संख्या बढ़कर दो लाख 79 हजार 841 हो गई।

1 अगस्त को चार लाख 19 हजार 732 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।

2 अगस्त को यानी रविवार को चार लाख 76 हजार 109 भक्तों ने दर्शन किए।

3 अगस्त को यानी श्रावण के पहले सोमवार को सबसे ज्यादा भीड़ रही। इस दिन छह लाख 13 हजार 849 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

इसके बाद के तीन दिनों में भी भीड़ तीन लाख के आसपास बनी रही।

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पहले सोमवार पर उमड़ी सबसे ज्यादा भीड़

श्रावण के पहले सोमवार का हिंदू धर्म में खास महत्व माना जाता है। यही वजह है कि 3 अगस्त को महाकाल मंदिर में सबसे ज्यादा दर्शनार्थी पहुंचे। इस एक दिन में ही छह लाख से ज्यादा भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।

मंदिर प्रबंधन ने इस दिन के लिए पहले से खास इंतजाम किए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए गए थे। इसके बावजूद दर्शन के लिए भक्तों को घंटों कतार में इंतजार करना पड़ा।

497 क्विंटल से ज्यादा बिका लड्डू प्रसाद

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सीधा असर उज्जैन लड्डू प्रसाद की बिक्री पर भी पड़ा। 30 जुलाई से 6 अगस्त के बीच मंदिर में कुल 497.439 क्विंटल लड्डू प्रसाद बिका। इस बिक्री से मंदिर समिति को दो करोड़ 35 लाख 26 हजार 650 रुपए की आमदनी हुई। यह आंकड़ा दिखाता है कि सिर्फ आठ दिनों में ही प्रसाद से दो करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई हो गई। मंदिर समिति के लिए यह आय एक बड़ा स्रोत मानी जाती है।

किस दिन कितना बिका प्रसाद

30 जुलाई को 46.225 क्विंटल लड्डू प्रसाद बिका, जिससे 21 लाख 84 हजार 350 रुपए मिले।

31 जुलाई को यह आंकड़ा बढ़कर 52.765 क्विंटल हो गया।

1 अगस्त को 69.989 क्विंटल प्रसाद बिका और 33 लाख एक हजार 600 रुपए की कमाई हुई।

2 अगस्त को 76.010 क्विंटल प्रसाद की बिक्री से 35 लाख 90 हजार 400 रुपए मिले।

सके बाद के तीन दिनों में भी प्रसाद की बिक्री लगातार अच्छी रही।

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सबसे ज्यादा कमाई कब हुई

लड्डू प्रसाद की सबसे ज्यादा बिक्री भी श्रावण के पहले सोमवार यानी 3 अगस्त को हुई। इस दिन 77.360 क्विंटल लड्डू प्रसाद बिका, जो पूरे 8 दिनों में सबसे ज्यादा था। इससे मंदिर समिति को एक ही दिन में 36 लाख 70 हजार 800 रुपए की आय हुई।

दर्शनार्थियों की संख्या ज्यादा होने के साथ प्रसाद खरीदने वालों की संख्या भी बढ़ी। इसके बाद 4 अगस्त को बिक्री थोड़ी कम होकर 63.226 क्विंटल रह गई। 5 और 6 अगस्त को भी बिक्री स्थिर रही, जो क्रमशः 53.318 और 58.546 क्विंटल रही।

श्रावण-भादो मास का महत्व

हिंदू पंचांग के मुताबिक श्रावण और भादो का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। इसी वजह से इन दिनों देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। उज्जैन का महाकाल मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां श्रावण मास में हर सोमवार को खास पूजा और भस्म आरती होती है। यही वजह है कि इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

आगे क्या रहेगी व्यवस्था

मंदिर प्रशासन के मुताबिक श्रावण-भादो मास के बाकी सोमवारों पर भी भारी भीड़ की उम्मीद है। इसे देखते हुए मंदिर समिति ने पहले से ही सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था बढ़ा दी है। भक्तों की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि आने वाले सोमवारों में भीड़ और बढ़ सकती है। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर धार्मिक आस्था और सामाजिक व्यवस्था दोनों से जुड़ी है। महाकाल मंदिर में बढ़ती भीड़ प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। सही आंकड़े होने से भक्तों की सुरक्षा और सुविधा बेहतर तरीके से planned हो सकती है। मंदिर की आय से जुड़ी पारदर्शिता भी जरूरी है, क्योंकि यह धन धार्मिक और सामाजिक कार्यों में उपयोग होता है।

यह खबर नागरिकों को धार्मिक स्थलों में प्रशासनिक व्यवस्था समझने में मदद करती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुव्यवस्थित दर्शन उनका मौलिक अधिकार है। इसलिए ऐसे आंकड़े आम जनता तक पहुंचना जरूरी है।

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