महू उपद्रव के आरोपी एहमद उर्फ अहमद दरबारी की जिलाबदर रोक की याचिका खारिज

इंदौर में उपद्रव के आरोपी अहमद दरबारी की याचिका हाईकोर्ट में खारिज हो गई। दरबारी ने इंदौर कलेक्टर के 6 माह के जिलाबदर आदेश के खिलाफ अपील की थी। दरबारी महू तहसील में 9-10 मार्च की रात को हुए उपद्रव के मामले का आरोपी है।

author-image
Sanjay Gupta
New Update
ahmad-darbar
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

Indore. इंदौर में उपद्रव के मामले में आरोपी एहमद उर्फ अहमद दरबारी की याचिका हाईकोर्ट में खारिज हो गई है। दरबारी ने इंदौर कलेक्टर के 6 माह के लिए जिलाबदर करने के आदेश के खिलाफ अपील की थी। दरअसल अहमद दरबारी महू तहसील में 9-10 मार्च की रात को हुए उपद्रव के मामले का आरोपी है।

हाईकोर्ट ने यह कहा

हाईकोर्ट में दरबारी ने कलेक्टर आदेश पर रोक की मांग की थी। इस पर शासन ने आपत्ति ली थी कि उनके पास अपील के अधिकार हैं। इसलिए याचिका का कोई मतलब नहीं है। दरबारी ने कहा कि जब तक अपील नहीं होती, कलेक्टर के आदेश पर रोक लगाई जाए। इस पर भी हाईकोर्ट ने राहत नहीं दी। कोर्ट ने साफ लिखा कि अपील के अधिकार मौजूद हैं, उनका उपयोग करें। हालांकि हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिए कि अपीलीय अधिकारी अपील पेश होने पर सात दिन में तय करेंगे। 

मप्र विधानसभा में अटकी 2100 याचिकाएं : विधायक परेशान, विकास फाइलों पर धूल

जजों को नए घर, जनता को मिले नए आधुनिक कोर्ट, चीफ जस्टिस ने किया वर्चुअल उद्घाटन

दरबारी के खिलाफ यह हुआ था आदेश 

इंदौर कलेक्टर के आदेश के तहत दरबारी को 6 माह के लिए जिलाबदर किया गया। साथ ही उज्जैन, धार, देवास, खरगोन और खंडवा जिलों में भी निषेध किया गया है। कलेक्टर ने उसे आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति माना है। उस पर लगे आरोप भी गंभीर माने गए हैं। 

उपद्रव में हुई थी एफआईआर

दरबारी पर पहले भी पांच से ज्यादा गंभीर धाराओं में अपराध रहे हैं। महू उपद्रव के दौरान 10 मार्च को उस पर फरियादी के आवेदन पर केस दर्ज हुआ था। फरियादी ने बताया कि उसने 16-17 अपने लोग जमा करके पथराव किया था और उपद्रव किया। 

मौसम पूर्वानुमान (28 नवंबर): मध्यप्रदेश में दिन में बढ़ेगी ठंड, उत्तर में बर्फबारी-दक्षिण भारत में ठंडी और तेज हवा की चेतावनी

इंदौर हाईकोर्ट ने मेट्रो प्रोजेक्ट पर मांगी डिटेल रिपोर्ट, क्या है लागत और टाइमबाउंड प्रोग्राम

साल 2021 से केस हो रहे दर्ज

इंदौर ग्रामीण एसपी के प्रतिवेदन पर यह कार्रवाई हुई है। इसमें बताया गया कि दरबारी साल 2021 से लगातार आपराधिक गतिविधियां कर रहा है। दरबारी के खिलाफ मारपीट, हथियारों से बलवा, धमकी, उन्माद और दंगे जैसे अपराध कायम हैं। कलेक्टर ने नोटिस जारी कर दरबारी का पक्ष सुना। इसमें उसने कहा कि वह निर्दोष है और अधिकांश केस में बरी हो चुका है। लेकिन अपराधों की गंभीरता को देखते हुए जिलाबदर के आदेश हो गए।

मध्यप्रदेश इंदौर हाईकोर्ट इंदौर जिलाबदर एहमद उर्फ अहमद दरबारी
Advertisment