दोस्त की पत्नी संग बिल्लो रानी पर नाच रहे थे डॉक्टर साहब, पड़ोसी ने बुलाई पुलिस और फिर...

मंदसौर के दलौदा में रविवार रात बड़ा हंगामा हुआ। एक वेटरनरी डॉक्टर तेज म्यूजिक पर अपने दोस्त की पत्नी के साथ डांस कर रहा था। गाने के बोल थे "बिल्लो रानी" और "राणा जी"। पड़ोसियों ने इसे मुजरा समझकर पुलिस को फोन कर दिया।

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Aman Vaishnav
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News In Short

  • मंदसौर में रविवार रात एक हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ।

  • एक घर में तेज आवाज में बिल्लो रानी जैसे गाने बज रहे थे।

  • डॉक्टर अपने दोस्त की पत्नी के साथ डांस कर रहा था।

  •  पड़ोसियों ने इसे मुजरा बताकर पुलिस को फोन किया।

  • पुलिस ने शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की है।

News In Detail

आधी रात का हाई वोल्टेज ड्रामा

मंदसौर के दलौदा में रविवार रात बड़ा हंगामा हुआ। अंबिका नगर में तेज म्यूजिक से सबकी नींद उड़ गई। शोर सुनकर आसपास के लोग घर से बाहर आ गए। 

दरअसल, वेटरनरी डॉक्टर अपने दोस्त की पत्नी के साथ डांस कर रहा था। पड़ोसियों को लगा कि वहां कोई मुजरा हो रहा है, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को कॉल कर दिया। पुलिस ने जल्दी से पहुंचकर मौके पर कार्रवाई की।

बिल्लो रानी गाने पर मची हलचल

पड़ोसियों ने बताया कि वहां अजीब सा माहौल बना हुआ था। पुरानी फिल्मों की तरह मुजरा जैसा नजारा दिखा। बिल्लो रानी और मुझको राणा जी माफ करना गलती मारे से हो गई  जैसे गाने बज रहे थे।

डॉक्टर रमेश इन गानों पर झूम रहा थे। महिला भी डॉक्टर के साथ वहां पर नाच रही थी। संगीत की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा मोहल्ला इससे परेशान था।

पड़ोसियों ने पुलिस को दी सूचना

क्षेत्र के लोगों को यह सब बहुत आपत्तिजनक लगा। उन्होंने इसे मुजरा समझकर पुलिस को सूचना दी। लोगों ने कहा कि यहां कुछ गलत हो रहा है। इसके बाद दलौदा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

वहां बड़ी भीड़ देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने तुरंत म्यूजिक बंद करवाया और कार्रवाई शुरू कर दी।

वेटरनरी डॉक्टर की हुई पहचान

पकड़े गए लोगों में डॉक्टर रमेश भील भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, रमेश पशुपालन विभाग में सरकारी डॉक्टर हैं और उनकी पोस्टिंग अफजलपुर के रातीखेड़ी में है। वह अपने दोस्त के घर पार्टी करने पहुंचे थे। रमेश भील का असली घर दलौदा में है। सरकारी पद पर होते हुए ऐसी हरकत करना चर्चा का विषय बन गया है।

तीन आरोपी पुलिस की हिरासत में

पुलिस ने मौके से तीन लोगों को पकड़ा है। डॉक्टर रमेश के साथ अनिल कीर भी पकड़ा गया। अनिल भीलवाड़ा का रहने वाला बताया जा रहा है। साथ ही अनिल की पत्नी को भी पकड़ा गया। दंपती दूसरे जिले से आकर यहां किराए से रह रहे थे। पुलिस ने तीनों को तुरंत हिरासत में ले लिया।

शांति भंग की धाराओं में केस

पुलिस ने तीनों पर शांति भंग की कार्रवाई की। फिलहाल पुलिस पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पता लगा रहे कि यहां पहले भी ऐसी कोई गतिविधी हुई है कि नहीं।

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लाउड स्पीकर से जुड़े नियम

रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक लाउडस्पीकर, सार्वजनिक संबोधन प्रणाली, या तेज संगीत बजाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

निजी परिसरों के अंदर भी इस समय के दौरान तेज आवाज करना मना है यदि इससे दूसरों की शांति भंग हो।

आवासीय क्षेत्रों के लिए ध्वनि की निर्धारित सीमाएं इस प्रकार हैं

दिन के समय (6 AM - 10 PM): अधिकतम 55 डेसिबल (dB)।
रात के समय (10 PM - 6 AM): अधिकतम 45 डेसिबल (dB)।

लाउडस्पीकर या किसी भी एम्प्लीफाइड साउंड सिस्टम का उपयोग करने के लिए स्थानीय अधिकारियों (जैसे पुलिस या नगर निगम) से लिखित अनुमति लेना आवश्यक है।

अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, और अदालतों के 100 मीटर के दायरे में शोर मचाना या लाउडस्पीकर बजाना प्रतिबंधित है।

इन नियमों के उल्लंघन पर पुलिस उपकरण (जैसे DJ या स्पीकर) जब्त कर सकती है और भारी जुर्माना लगा सकती है। साथ ही, इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 (सार्वजनिक उपद्रव) के तहत दंडनीय माना जा सकता है।

ये भी जानें...

  • अपने घर में ऐसी कोई भी वस्तु न रखें जो कानूनन प्रतिबंधित हो। जैसे कि बिना लाइसेंस के हथियार, नशीले पदार्थ, या चोरी का सामान।
  • यदि पुलिस आपके घर आती है, तो आपको उनसे सर्च वारंट या गिरफ्तारी वारंट  दिखाने के लिए कहने का अधिकार है।
  • बिना वारंट के पुलिस को घर में प्रवेश करने से रोकने का आपको कानूनी अधिकार है, बशर्ते मामला किसी गंभीर या संज्ञेय अपराध  से न जुड़ा हो।
  • घर के अंदर ऐसी गतिविधियां न करें जिससे पड़ोसियों को परेशानी हो या सार्वजनिक शांति भंग हो (जैसे बहुत तेज शोर-शराबा), क्योंकि पुलिस शांति भंग के आरोप में कार्रवाई कर सकती है।
  • यदि पुलिस पूछताछ के लिए आती है, तो उनके साथ विनम्रता से व्यवहार करें। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत आपको अपने खिलाफ गवाही देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
  • यदि आपको लगता है कि आपको गलत तरीके से परेशान किया जा रहा है, तो आप National Legal Services Authority (NALSA) के माध्यम से मुफ्त कानूनी सलाह या सहायता ले सकते हैं। 

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