एमपी में खसरा की वापसी, तेजी से बढ़ रहे मरीज, बच्चों को ज्यादा खतरा, ऐसे करें बचाव

Kaushiki | May 11, 2026, 10:08 IST
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Measles Mumps
Measles Mumps

मध्यप्रदेश में खसरा (मीजल्स) एक बार फिर फैल रहा है। सतना जिले में 15 दिनों में 5 मरीज पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें 4 छोटी बच्चियां और 1 युवती हैं। पूरे प्रदेश में अब तक 24 मरीज सामने आए हैं। विशेषज्ञ टीकाकरण में लापरवाही को मुख्य वजह बता रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश में खसरा (मीजल्स/Measles) के मरीज एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं।
  • सतना जिले में सिर्फ 15 दिनों में 18 लोगों में लक्षण मिले और 5 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
  • पूरे प्रदेश के 6 जिलों में अब तक 24 मरीज सामने आ चुके हैं।
  • पॉजिटिव मरीजों में 4 छोटी बच्चियां और एक 26 साल की युवती शामिल हैं।
  • रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ. एमएस शर्मा ने कहा कि दूसरे टीके में लापरवाही इसकी सबसे बड़ी वजह है।
Measles-Rubella Cases in MP:मध्यप्रदेश में खसरे की वापसी हो रही है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में सतना में मामले सामने आने लगे। स्वास्थ्य विभाग ने 15 से 30 अप्रैल के बीच अलग-अलग क्षेत्रों से सैंपल लिए।

जांच में मामलों की पुष्टि हुई तो बीमारी के संभावित खतरे को देखते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ा दी। अब सिर्फ सतना नहीं, रतलाम, आलीराजपुर, शिवपुरी, दतिया और बुरहानपुर में भी मरीज मिल चुके हैं। पूरे प्रदेश में कुल 24 मरीज सामने आए हैं।

सतना में 5 पॉजिटिव: कौन-कहां से?

सतना जिले के नागोद ब्लॉक में सलैया उन्मुक्त की एक साल की बच्ची और चित्रकूट के कुसुमी क्षेत्र की दो साल की बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मझगवां ब्लॉक के देवलहा गांव की पांच साल की बच्ची और पिंडरा गांव की छह साल की बच्ची भी संक्रमित पाई गईं।

नागोद ब्लॉक के चकरगोहान की 26 साल की युवती भी पॉजिटिव निकली। फिलहाल दो ब्लॉक, नागोद और मझगवां, में पॉजिटिव केस आए हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग को पूरे जिले में संक्रमण फैलने की आशंका है।

विभाग क्या कर रहा है

स्वास्थ्य विभाग (healthy lifestyle)का कहना है कि सभी संदिग्धों की जांच करवाई जा रही है। सभी रिपोर्ट कन्फर्म हैं। अभी विभाग सर्वे, निगरानी, इलाज और टीकाकरण अभियान चला रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, मीजल्स अत्यंत संक्रामक बीमारी है और बच्चों को यह सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।

2024 में महेर में 2 बच्चों की मौत

यह पहली बार नहीं है जब एमपी में खसरे ने डराया हो। साल 2024 में महेर में खसरे से 2 बच्चों की मौत हो चुकी है। रिटायर्ड सीएमएचओ (Chief Medical and Health Officer) डॉ. एमएस शर्मा ने कहा कि यह टीकाकरण में लापरवाही का नतीजा है। उनके मुताबिक, पहला डोज लगवाने के बाद दूसरा डोज समय पर नहीं लगवाया जाता। यही लापरवाही बच्चों को खतरे में डाल रही है।

MMR टीका क्यों जरूरी है

डॉक्टर साफ कहते हैं कि एमएमआर (MMR/Measles Mumps Rubella) वैक्सीन की दो खुराकें बच्चे को जरूर लगवानी चाहिए। पहली खुराक 9 महीने की उम्र पर और दूसरी खुराक 16 से 24 महीने के बीच लगती है। अगर दोनों टीके सही समय पर लग जाएं तो खसरे से पूरी सुरक्षा मिलती है।

खसरे के लक्षण क्या हैं

खसरे (Measles) में शुरुआत तेज बुखार और खांसी से होती है। नाक बहना, आंखें लाल होना भी आम लक्षण हैं। इसके बाद त्वचा पर लाल दाने उभरने लगते हैं और मुंह के अंदर सफेद धब्बे दिखते हैं। अगर इनमें से कोई भी लक्षण बच्चे में दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और खुद से दवा देने से बचें।

खसरे से क्या खतरे हो सकते हैं

खसरा सिर्फ दाने और बुखार तक सीमित नहीं है। इससे निमोनिया, दस्त और कान में इन्फेक्शन हो सकता है। गंभीर मामलों में दिमाग में सूजन यानी एन्सेफेलाइटिस (Encephalitis) जैसी जटिलताएं भी आ सकती हैं। यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है, खासकर छोटे बच्चों के लिए।

खसरा कैसे फैलता है और बचाव क्या है

यह वायरस हवा के जरिए फैलता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से दूसरे लोग संक्रमित हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों से दूरी बनाए रखें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें। हाथों को साबुन से बार-बार धोते रहें। टीकाकरण ही सबसे मजबूत और असरदार बचाव है।

यह खबर क्यों जरूरी है

खसरा (मप्र में खसरा-रुबेला मामले)एक ऐसी बीमारी है जिसे वैक्सीनेशन से पूरी तरह रोका जा सकता है। मध्यप्रदेश में 24 मरीज और सतना में 15 दिनों में 5 पॉजिटिव केस यह संकेत हैं कि सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में लापरवाही हो रही है।

2024 में महेर में दो बच्चों की मौत पहले ही यह चेतावनी दे चुकी है। बच्चों का जीवन और उनका स्वास्थ्य सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति और नागरिकों की जागरूकता पर निर्भर करता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर बच्चे को स्वस्थ जीवन का अधिकार है।

यह खबर माता-पिता को सचेत (Measles infection) करती है और प्रशासन को जवाबदेह बनाती है। डिजिटल और सामाजिक जिम्मेदारी के पैमाने पर यह खबर सही जानकारी फैलाकर अफवाहों को रोकने में भी मदद करती है।

FAQ

  1. खसरा (मीजल्स) क्या है और यह कैसे फैलता है?
    खसरा एक वायरल संक्रमण है जो बहुत तेजी से फैलता है। यह हवा के जरिए फैलता है, जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता या बात करता है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, नाक बहना, आंखें लाल होना, त्वचा पर लाल दाने और मुंह में सफेद धब्बे शामिल हैं। यह बीमारी खासकर 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बहुत खतरनाक होती है। गंभीर मामलों में निमोनिया, एन्सेफेलाइटिस और मौत तक हो सकती है।
  2. खसरे से बचाव के लिए बच्चे को कौन सा टीका और कब लगवाना चाहिए?
    खसरे से बचाव के लिए एमएमआर (MMR/Measles Mumps Rubella) वैक्सीन लगाई जाती है। यह वैक्सीन दो बार दी जाती है। पहली खुराक बच्चे के 9 महीने का होने पर और दूसरी खुराक 16 से 24 महीने के बीच दी जाती है। दोनों खुराक सही समय पर लेने पर बच्चे को खसरे से पूरी सुरक्षा मिलती है। पहला टीका लगवाने के बाद दूसरा न लगवाना सबसे बड़ी लापरवाही मानी जाती है।
  3. मध्यप्रदेश में खसरा इस बार क्यों फैल रहा है?
    मध्यप्रदेश में इस बार खसरा फैलने की सबसे बड़ी वजह टीकाकरण में लापरवाही है। रिटायर्ड सीएमएचओ डॉ. एमएस शर्मा के अनुसार, बहुत से बच्चों को पहला टीका तो लग जाता है लेकिन दूसरा टीका समय पर नहीं लगाया जाता। इससे बच्चे पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाते। सतना जिले में अप्रैल महीने में 15 दिनों में 5 बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। 2024 में महेर में 2 बच्चों की मौत भी इसी लापरवाही का नतीजा थी।
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