मेधावी विद्यार्थी योजना के हजारों छात्रों पर फीस का संकट, दफ्तरों के काट रहे चक्कर

Kaushiki | Jul 21, 2026, 12:15 IST
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MP Medhavi Chhatravriti Yojana
MP Medhavi Chhatravriti Yojana

मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के तहत 95 हजार छात्रों की स्कॉलरशिप एक साल से अटकी है। फीस सहायता न मिलने से छात्रों पर बड़ा आर्थिक संकट आ गया है। छात्र अब कॉलेज, यूनिवर्सिटी और विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मुख्यमंत्री मेधावी योजना की स्कॉलरशिप एक साल से अटकी पड़ी है।
  • प्रदेश के करीब 95 हजार छात्र फीस संकट से जूझ रहे हैं।
  • अकेले भोपाल शहर के 10 हजार छात्र इससे बहुत परेशान हैं।
  • डिग्री पूरी होने के बाद भी छात्रों को पैसे नहीं मिले।
  • छात्र कॉलेज से लेकर सरकारी विभागों के लगातार चक्कर काट रहे हैं।
MP: Amendment in Chief Minister's Meritorious Student Scheme | मप्रः  मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में संशोधन
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स्कॉलरशिप हायर एजुकेशन का सहारा

Medhavi Chhatravriti Yojana 2026: हायर एजुकेशन में एंट्री लेने वाले छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बहुत बड़ा सहारा होता है। मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना भी इसी सोच के साथ शुरू की गई थी।

इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ और मैनेजमेंट जैसे प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन लेने वाले छात्रों को पूरी फीस सहायता का भरोसा दिया गया था। लेकिन आज हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

एक साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी हजारों छात्रों के बैंक खातों में स्कॉलरशिप की राशि नहीं पहुंची है। हर बार छात्रों को बस कुछ दिन और इंतजार करने का दिलासा दिया जाता है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और कॉलेज फीस जमा करने की अंतिम तारीखें भी बीत चुकी हैं।

इसके बावजूद छात्र और उनके अभिभावक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस देरी का जिम्मेदार कौन है और छात्रों को न्याय कब मिलेगा।

मेधावी योजना में हजारों छात्र परेशान

सत्र 2025-26 में प्रदेश के 95 हजार छात्रों ने मेधावी योजना में एंट्री लिया था। इनमें केवल भोपाल शहर से लगभग दस हजार छात्र शामिल हैं। इन छात्रों की पिछले सत्र की स्कॉलरशिप अमाउंट भी अभी तक पेंडिंग है।

नया सत्र शुरू होने पर कॉलेज अब तुरंत फीस की मांग कर रहे हैं। छात्र यूनिवर्सिटी और विभाग के बीच लगातार चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। कॉलेज उन्हें यूनिवर्सिटी भेजता है और यूनिवर्सिटी विभाग का रास्ता दिखाती है।

भारी-भरकम फीस और बढ़ता कर्ज

प्राइवेट कॉलेजों में प्रोफेशनल कोर्स की फीस बहुत ज्यादा होती है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई में 4 से 8 लाख रुपए का खर्च आता है। मेडिकल की पढ़ाई में 40 से 80 लाख रुपए तक लग जाते हैं।

लॉ और मैनेजमेंट की फीस भी लाखों में होती है। समय पर सरकारी सहायता न मिलने से परिवार कर्ज में डूब रहे हैं। ग्वालियर की एक छात्रा को पढ़ाई के लिए छह लाख रुपए का कर्ज लेना पड़ा।

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना क्या है

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना (mmvy scholarship) मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख शिक्षा पहल है। इसका उद्देश्य राज्य के होनहार और मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इसमें

  • फीस सहायता: 12वीं परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले छात्रों की ग्रेजुएशन (B.Tech, MBBS, Law, MBA आदि) की कॉलेज फीस सरकार भरती है।
  • क्वालिफिकेशन: MP बोर्ड से 12वीं में 70% या CBSE/ICSE बोर्ड में 85% नंबर होना जरूरी है।
  • आय सीमा: छात्र के परिवार की एनुअल इनकम छह लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
  • ये योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के करियर के सपनों को साकार करने में मदद करती है।

डिग्री पूरी हुई पर स्कॉलरशिप नहीं मिली

कई छात्र ऐसे हैं जिनकी पढ़ाई और डिग्री पूरी हो चुकी है। लेकिन योजना की राशि अभी तक उनके खातों में नहीं आई है। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग के 30 छात्रों की स्कॉलरशिप अभी अटकी है।

एलएलबी की पढ़ाई पूरी होने के बाद भी पैसा नहीं मिला है। अनाथ और गरीब छात्र ट्यूशन पढ़ाकर अगली पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं। सरकार से मदद न मिलने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

कॉलेज की पढ़ाई पर मंडराया खतरा

ये योजना Department of Technical Education के जरिए संचालित की जाती है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 70% राशि जारी हो चुकी है। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि यह राशि छात्रों तक नहीं पहुंची।

छात्र लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर पैसा कहां अटका हुआ है। कॉलेज और विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इस रवैये से छात्रों की मानसिक परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

फीस न भरने के कारण कॉलेजों ने छात्रों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कई कॉलेजों ने छात्रों को परीक्षा में बैठने से रोकने की चेतावनी दी है। मेधावी छात्र अब पढ़ाई छोड़कर दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

इससे उनकी पढ़ाई का भारी नुकसान भी हो रहा है। कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए यह स्थिति बहुत ही गंभीर बन गई है। अगर समय पर पैसा नहीं मिला तो कई छात्र पढ़ाई छोड़ सकते हैं।

विभाग की सुस्ती और छात्रों का दर्द

योजना का उद्देश्य गरीब और होनहार बच्चों को आगे बढ़ाना था। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण ये योजना खुद एक मुसीबत बन गई है। छात्र हर दिन हेल्पलाइन और अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहे हैं।

र जगह से केवल आश्वासन ही सुनने को मिल रहा है। छात्रों का कहना है कि अगर योजना का लाभ नहीं मिलना था, तो भरोसा क्यों दिया गया। इस अव्यवस्था से छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ रहा है।

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा ने इस पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप जारी कराना हमारी पहली प्राथमिकता है।

अटके हुए सभी मामलों का वेरिफिकेशन तेजी से कराया जा रहा है। राशि अभी तक जारी क्यों नहीं हो सकी, इसकी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिया है कि जल्द ही प्रक्रिया पूरी करके राशि दिलवाई जाएगी।

जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे छात्र

प्रदेश के हजारों छात्र और अभिभावक अब सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि सीएम को इस मामले में तुरंत दखल देना चाहिए। ताकि अटकी हुई राशि जल्द से जल्द छात्रों के खातों में ट्रांसफर हो सके।

इससे छात्र बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो छात्र आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं। सही समय पर मदद ही इस योजना की सफलता तय करेगी।

FAQ

  1. मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना की स्कॉलरशिप क्यों अटकी हुई है?
    तकनीकी शिक्षा विभाग की वेरिफिकेशन प्रोसेस में देरी और प्रशासनिक सुस्ती के कारण 95 हजार छात्रों की स्कॉलरशिप राशि एक साल से अटकी है। अधिकारी 70% राशि जारी करने का दावा कर रहे हैं, पर वह छात्रों के खातों तक नहीं पहुंची है।
  2. मेधावी योजना की स्कॉलरशिप न मिलने से छात्रों पर क्या असर पड़ रहा है?
    प्रोफेशनल कोर्स जैसे बीटेक, एमबीबीएस और एलएलबी की लाखों रुपए फीस जमा न होने से छात्रों पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। कई कॉलेजों ने फीस न मिलने पर छात्रों को परीक्षा से रोकने और एडमिशन रद्द करने की चेतावनी दी है।
  3. मेधावी स्कॉलरशिप की पेंडिंग राशि के लिए छात्र कहां कांटेक्ट करें?
    छात्र अपने कॉलेज के स्कॉलरशिप सेक्शन, संबंधित यूनिवर्सिटी के कल्याण विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग के पोर्टल पर स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से मिलकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
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