मानसिंह पटेल की गुमशुदगी की जांच एसआईटी को, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को राहत
Sandeep Kumar | Aug 15, 2024, 16:35 IST
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सागर के ओबीसी नेता मानसिंह पटेल की गुमशुदगी के मामले की जांच एसआईटी करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मध्यप्रदेश सरकार को आदेश दिया है।
सागर. सागर जिले के ओबीसी नेता मानसिंह पटेल ( OBC leader Man Singh Patel ) के लापता होने का मामला तूल पकड़ने लगा है। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) ने मध्यप्रदेश के डीजीपी ( DGP of Madhya Pradesh ) को SIT बनाने का आदेश दिया है।
दरअसल, ओबीसी नेता मानसिंह पटेल की सागर जिले में जमीन थी। उस पर कब्जा हो गया था। इसे लेकर मानसिंह ने वर्ष 2016 में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से मानसिंह पटेल लापता हो गए। उन्हें पुलिस अब तक तलाश नहीं कर पाई है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) का दरवाजा खटखटाया था।
बता दें कि इस मामले में कथित तौर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का नाम आया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि मंत्री राजपूत को इस मामले में नोटिस जारी नहीं होगा। उनसे पूछताछ भी नहीं होगी।
ओबीसी महासभा (OBC Mahasabha ) और पीड़ित परिवार की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुइयां (Justice Suryakant and Ujjal Bhuiyan ) की बेंच ने सुनवाई की। इसके बाद बेंच ने डीजीपी को विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। साथ ही यह निर्देश दिया कि एसआईटी का एसआईटी का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
गोविंद सिंह ने कहा कि उन्हें आज तक इस मामले में न्यायालय से कोई नोटिस नहीं मिला है, बल्कि उनके राजनैतिक विरोधियों द्वारा षड्यंत्र रचा जा रहा है। इसलिए अनर्गल भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ मानहानि का दावा की कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, ओबीसी नेता मानसिंह पटेल की सागर जिले में जमीन थी। उस पर कब्जा हो गया था। इसे लेकर मानसिंह ने वर्ष 2016 में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद से मानसिंह पटेल लापता हो गए। उन्हें पुलिस अब तक तलाश नहीं कर पाई है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court ) का दरवाजा खटखटाया था।
बता दें कि इस मामले में कथित तौर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का नाम आया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि मंत्री राजपूत को इस मामले में नोटिस जारी नहीं होगा। उनसे पूछताछ भी नहीं होगी।
कोर्ट ने क्या दिए आदेश ?
मंत्री बोले- मेरे खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं
गोविंद सिंह ने कहा कि उन्हें आज तक इस मामले में न्यायालय से कोई नोटिस नहीं मिला है, बल्कि उनके राजनैतिक विरोधियों द्वारा षड्यंत्र रचा जा रहा है। इसलिए अनर्गल भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ मानहानि का दावा की कार्रवाई की जाएगी।
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