मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय का यह याराना, फिर चर्चा में क्यों आया
Sanjay Gupta | Jul 11, 2024, 22:27 IST
THESOOTR
मध्य प्रदेश में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पारिवारिक दोस्ती एक बार फिर सार्वजनिक हुई। एक पेड़ मां के नाम अभियान में पौधा लगाने इंदौर पहुंचे ज्योतिरादित्य से विजयवर्गीय काफी देर तक गले लगे रहे...
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पारिवारिक दोस्ती एक बार फिर सार्वजनिक हुई। इसे दिखाने में सिंधिया ने किसी तरह की कोताही नहीं की और एक बार वह इंदौर में विजयवर्गीय का हाथ थामे हुए आगे बढ़ते दिखे। सिंधिया और कैलाश विजयवर्गीय का यह याराना...
दरअसल सिंधिया मंत्री विजयवर्गीय के एक पेड़ मां के नाम अभियान में 51 लाख पौधे लगाने की मुहिम के तहत पौधा लगाने गुरुवार को इंदौर पहुंचे थे। आयोजन स्थल पर जब सिंधिया विजयवर्गीय से मिले तो गले लगा लिया और काफी देर तक इसी तरह पर रहे। यह आत्मीयता को सभी ने देखा। इसके बाद पूरे समय दोनों साथ ही घूमे।
![thesootr]()
ये खबर भी पढ़ें...
इंदौर पौधारोपण : 24 घंटे में लगाए जाएंगे 11 लाख पौधे, असम का रिकॉर्ड तोड़ेगा मध्यप्रदेश
कार्यक्रम के बाद सिंधिया ने विजयवर्गीय को आवाज देकर अपनी कार में बुलाया, लेकिन उनका ध्यान नहीं था तो वह अपनी कार में बैठ गए। इस पर सिंधिया अपनी कार से उतरकर उनके पास गए और उनका हाथ पकड़कर साथ लेकर अपनी कार तक आए और कार में बैठाया। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट भी साथ थे।
सिंधिया ने यह पहली बार नहीं किया है। एमपीसीए के अवार्ड सेरेमनी में मंच पर सिंधिया थे, इसके बाद विजयवर्गीय आए और वह नीचे ही सोफे पर बैठ गए। यह देख सिंधिया मंच से उतरे और उनका हाथ आत्मीयता से खींचकर मंच पर ले गए और अपने पास बैठाया।
सिंधिया इसी तरह एक बार विजयवर्गीय के घर पर अपने पुत्र महानआर्यमन को लेकर पहुंच गए थे और साथ में भोजन किया था, इस दौरान उन्होंने महानआर्यमन को समझाते हुए कहा था कि इनके पैर छुओ। इस वक्त भी उन्होंने लंबा समय साथ गुजारा था।
वैसे दोनों की यह दोस्ती सिंधिया के बीजेपी में आने के बाद ही शुरू हुई है। इसके पहले सिंधिया जब कांग्रेस में थे, तब दोनों के बीच एमपीसीए के चुनाव के चलते भारी तनातनी थी। हालांकि काफी दम दिखाने के बाद भी विजयवर्गीय दोनों बार सिंधिया से चुनाव हार गए थे लेकिन तीसरी बार वह खुद मैदान से हट गए औऱ् सिंधिया का समर्थन कर दिया था, इसके बाद से दोनों के रिश्तों में सुधार हुआ। फिर जब सिंधिया बीजेपी में आ गए तो दोनों की पारिवारिक दोस्ती शुरू हो गई।
इस घटना ने दिखाया याराना
thesootr
ये खबर भी पढ़ें...
इंदौर पौधारोपण : 24 घंटे में लगाए जाएंगे 11 लाख पौधे, असम का रिकॉर्ड तोड़ेगा मध्यप्रदेश
इसके बाद यह किया सिंधिया ने
एक बार हाथ खींचकर मंच पर ले गए थे
घर पर भी अचानक पहुंच गए थे सिंधिया
एक समय राजनीतिक दुश्मनी भी तगड़ी रही
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari