मंत्री सिलावट के साथ कारोबारी तरीके से लिंक, संजय जैसवानी का यह है 10 हजार करोड़ का गेम प्लान
Sanjay Gupta | Sept 17, 2024, 13:27 IST
10 हजार करोड़ का खेल
सीए के अपहरण और मारपीट के आरोपी कन्फेक्शनरी कारोबारी संजय जैसवानी के भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट से किस तरह के कारोबारी रिश्ते हैं? इसका खुलासा द सूत्र ने किया है।
सीए को बंधक बनाकर मारने-पीटने के आरोपी कन्फेक्शनरी कारोबारी संजय जैसवानी और बीजेपी सरकार के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट के किस तरह कारोबारी संबंध है? इसका खुलासा द सूत्र ने किया। फिर यह भी खुलासा किया कि उनके बड़े बेटे नितीश सिलावट किस तरह इन कंपनियों में लिंक हैं और साथ ही सीबीआई, ईडी में भी वांटेड सटोरिया अमित सोनी उर्फ सांवेर, किस तरह वह भी इनसे जुड़ा हुआ है। अब एक और बड़ा खुलासा 'द सूत्र' कर रहा है। जैसवानी का अपने हाईप्रोफाइल मित्रों के साथ कोई सौ-दो सौ करोड़ का नहीं बल्कि पूरा दस हजार करोड़ का गेम प्लान है। क्या है यह गेम प्लान?
यह पूरा खेल है दस हजार करोड़ बाजार से जुटाने के लिए। इसके लिए शेयर बाजार में आईपीओ लाने की तैयारी जैसवानी ने साल 2021 में कर दी थी। पहले वह 2022 में आईपीओ लाने वाला था और शुरूआती टारगेट था बाजार से चार हजार करोड़ रुपए जमा करने का। इसके लिए उसने बाजार से मुंबई के एक फायनेंसर से प्री आईपीओ के लिए 50 करोड़ रुपए भी उठाए थे। इसके बाद उसकी मंशा बड़ा करने की हुई और इसके लिए हाईप्रोफाइल मित्रों का भी फंड मिला। फिर यह आईपीओ टाला गया और साल 2023 में लक्ष्य रखा गया दस हजार करोड़ का आईपीओ लाने का।
सामान्य तौर पर आईपीओ का नियम होता है कि वह टर्नओवर के पांच गुना तक आ सकता है, यानी यदि करोबार सौ करोड़ का है तो वह बाजार में 500 करोड़ का आईपीओ ला सकता है। शुरूआत में केम्को ग्रुप का टर्नओवर औसतन 300 करोड़ के करीब का था। इसे बढ़ाने के लिए उसने कई और कंपनियों को साथ में लेना शुरू किया। इसी में जीआरवी विस्किट की शेयर होल्डिंग अपने पास शिफ्ट करना भी अहम था। साथ ही मुंबई के फायनेंसर व अन्य हाईप्रोफाइल मित्रों से लंबा फाइनेंस लिया गया, जिसे ग्रुप में लगाया गया ताकि टर्नओवर अधिक से अधिक बढ़ाकर दिखाया जा सके।
इन सभी को प्री आईपीओ शेयर देने की डील हुई, यानी इसके तहत शेयर बाजार में आईपीओ लांच से पहले इन्हें शेयर का एक बड़ा हिस्सा दिया जाएगा, जिससे यह मुनाफा कमा सकेंगे। इससे सभी कारोबारी हाईप्रोफाइल मित्र खुश हुए और एक बड़ी राशि यहां फंसा दी। एक और खेल हुआ, ग्रुप की ही कंपनियों में आपस में खरीदी-बिक्री दिखाई गई, जिससे कागजों पर टर्नओवर अधिक से अधिक हो सके। साथ ही बैंकों से भी जमकर लोन लिए गए। हुआ यह कि इन सभी से इसका टर्नओवर 700 करोड़ के करीब तक पहुंच गया।
700 करोड़ के टर्नओवर से यह आईपीओ करीब चार हजार करोड़ का आ सकता था, लेकिन इसकी तैयारी होने के बाद जैसवानी की मंशा और लक्ष्य दस हजार करोड़ की हुई। इसके लिए उसने कैम्को मार्ट का प्लान किया, जो डी मार्ट की तर्ज पर था। इसमें लोगों से जमकर पैसा लगवाया, फ्रेंचाइजी दी और यह जगह-जगह खोले गए। इससे फायदा यह होता कि टर्नओवर अधिक बढ़ जाता और इसे बढ़ाकर करीब दो हजार करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य था। इससे आईपीओ आसानी से दस हजार करोड़ का आ जाता।
लेकिन इसी बीच बाजार की देनदारियां बढ़ती गई। वहीं आईपीओ के इंतजार में फाइनेंसर ने भी राशि मांगनी शुरू कर दी। बैंकों की भी देनदारी ढाई सौ करोड़ के करीब हो गई। साल 2023 में आईपीओ लाने की बात हुई थी,इसे 2024 किया गया और फिर अब 2025 में लाने का नया अश्वासन दिया। देनदारों का सब्र का बांध टूटने लगा और करीबी लोगों ने अपना फंड वापस मांगना शुरू कर दिया।
इन दबावों के बीच केम्को ग्रुप का टर्नओवर में गिरावट आने लगी, क्योंकि बाजार की ही 70 करोड़ से अधिक की देनदारी हो गई, लोगों ने बिना एडवांस कच्चा माल देना भी बंद कर दिया। हालत यह हुई कि जो महीने की टर्नओवर 60 से 70 करोड़ रुपए थी, वह घटकर 30 से 40 करोड़ रुपए के बीच आ गया।
ऐसे में आईपीओ की स्कीम फेल होने का खतरा पैदा हो गया। जब इस गिरते टर्नओवर को देखा तो जैसवानी ने अपने ही रिश्तेदार कंचन, नितिन जेवनानी के साथ ही सीए निशिथ नाहर, उनके मित्र रोहित इन सभी के साथ ही रशियन कारोबारी मित्र गौरव अहलावत पर धोखाधड़ी करने के आरोप लगा दिए और इनकी थाने में शिकायत की। उधर सीए को बंधक बनाने में सीए एसोसिएशन एकजुट हुआ और जैसवानी पर एफआईआर हो गई।
दस हजार करोड़ का आईपीओ के लिए यह पूरा खेल
इसके लिए हुआ टर्नओवर बढ़ाने का खेल
इन सभी को प्री आईपीओ शेयर देने की डील हुई, यानी इसके तहत शेयर बाजार में आईपीओ लांच से पहले इन्हें शेयर का एक बड़ा हिस्सा दिया जाएगा, जिससे यह मुनाफा कमा सकेंगे। इससे सभी कारोबारी हाईप्रोफाइल मित्र खुश हुए और एक बड़ी राशि यहां फंसा दी। एक और खेल हुआ, ग्रुप की ही कंपनियों में आपस में खरीदी-बिक्री दिखाई गई, जिससे कागजों पर टर्नओवर अधिक से अधिक हो सके। साथ ही बैंकों से भी जमकर लोन लिए गए। हुआ यह कि इन सभी से इसका टर्नओवर 700 करोड़ के करीब तक पहुंच गया।
यह भी लक्ष्य से कम था, फिर यह किया
यह समस्या आई, इससे फेल होना शुरू हुआ
इसलिए सीए को बंधक बनाने और धोखाधड़ी की हुई शिकायत
ऐसे में आईपीओ की स्कीम फेल होने का खतरा पैदा हो गया। जब इस गिरते टर्नओवर को देखा तो जैसवानी ने अपने ही रिश्तेदार कंचन, नितिन जेवनानी के साथ ही सीए निशिथ नाहर, उनके मित्र रोहित इन सभी के साथ ही रशियन कारोबारी मित्र गौरव अहलावत पर धोखाधड़ी करने के आरोप लगा दिए और इनकी थाने में शिकायत की। उधर सीए को बंधक बनाने में सीए एसोसिएशन एकजुट हुआ और जैसवानी पर एफआईआर हो गई।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari