इन IPS अफसरों को भूली मोहन सरकार, पहले नंबर वाले हैं बड़े तेजतर्रार
Ravi Kant Dixit | Nov 05, 2024, 09:50 IST
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मध्यप्रदेश पुलिस में आठ सीनियर आईपीएस अधिकारी ऐसे हैं, जो करीब चार साल से एक ही जगह पर पदस्थ हैं। ये अधिकारी पहले पुलिस महकमे में मैनस्ट्रीम के कई अहम दायित्व संभाल चुके हैं।
अफसरशाही में कोई इसलिए परेशान होता है कि उसका जल्दी-जल्दी ट्रांसफर होता है और कोई इसलिए चिंता में है कि वह लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ है। मध्यप्रदेश पुलिस में भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। आठ सीनियर आईपीएस अधिकारी ऐसे हैं, जो करीब चार साल से एक ही जगह पर पदस्थ हैं, या दूसरे शब्दों में कहें तो सरकार को उनकी चिंता नहीं है, जबकि ये अधिकारी पहले पुलिस महकमे में मैनस्ट्रीम के कई अहम दायित्व संभाल चुके हैं।
इनमें सबसे पहला नाम आईपीएस संजीव शमी का है। वे अक्टूबर 2019 से चयन और भर्ती सेक्शन में पदस्थ हैं, जबकि इससे पहले वे कई अहम पदों पर पदस्थ रहे हैं। उनकी गिनती तेजतर्रार आईपीएस अधिकारियों में होती है। वे 2008 के विधानसभा चुनाव में तब ज्यादा चर्चा में आए थे, जब उन्होंने इंदौर एसपी रहते हुए 265 नेताओं पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कराया था। वे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी के चीफ भी रह चुके हैं।
वहीं, आईपीएस मनीष शंकर शर्मा वर्ष 2021 से पुलिस मैन्युअल में हैं। आईपीएस रवि गुप्ता 2021 से डायरेक्टर स्पोर्ट्स हैं। आईपीएस साईं मनोहर वर्ष 2021 से दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में ओएसडी हैं। इससे पहले वे भोपाल जोन आईजी पदस्थ थे। एडीजी चंचल शेखर फरवरी 2021 से एससीआरबी में पदस्थ हैं। सितंबर 2021 से आईपीएस शैलेष सिंह पुलिस सुधार में पोस्टेड हैं, जबकि उनका स्पेशल डीजी के पद पर प्रमोशन हो चुका है।
प्रमोशन के बाद भी नीचे काम कर रहे MP के ये बड़े IPS अधिकारी
इसी तरह आईपीएस सुधीर शाही फरवरी 2021 से रेल डीजी हैं। एडीजी शाहिद अफसार भी फरवरी 2021 से ईओडब्ल्यू में काम कर रहे हैं। सरकार इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी नहीं दे रही है, लिहाजा ये 3 से 4 साल से एक ही जगह पर पदस्थ हैं। मध्यप्रदेश पुलिस में कई अफसरों का प्रमोशन भी हो चुका है, लेकिन वे अब तक पुराना ही काम कर रहे हैं।
इधर, प्रदेश में अब नए डीजीपी की तलाश भी तेज हो गई है। मौजूदा डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवम्बर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वे 4 मार्च 2022 को एमपी के डीजीपी बनाए गए थे। फिलहाल यह तय नहीं है कि सूबे में खाकी का अगला मुखिया कौन होगा, फिलहाल दो नाम चर्चा में आए हैं, लेकिन फिलहाल सरकार के स्तर पर केंद्र को पैनल नहीं भेजा गया है।
इनमें सबसे पहला नाम आईपीएस संजीव शमी का है। वे अक्टूबर 2019 से चयन और भर्ती सेक्शन में पदस्थ हैं, जबकि इससे पहले वे कई अहम पदों पर पदस्थ रहे हैं। उनकी गिनती तेजतर्रार आईपीएस अधिकारियों में होती है। वे 2008 के विधानसभा चुनाव में तब ज्यादा चर्चा में आए थे, जब उन्होंने इंदौर एसपी रहते हुए 265 नेताओं पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कराया था। वे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी के चीफ भी रह चुके हैं।
ये अधिकारी 2021 से एक ही जगह पोस्टेड
प्रमोशन के बाद भी नीचे काम कर रहे MP के ये बड़े IPS अधिकारी
सरकार ने नहीं दी नई जिम्मेदारी
30 नवम्बर को रिटायर हो रहे डीजीपी
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