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पूरी खबर 5 पॉइंट में समझें...
मोहन सरकार की आज की बैठक ई-कैबिनेट के रूप में होगी।
सभी मंत्रियों और विभागीय सचिवों को टैबलेट दिए गए हैं।
ई-कैबिनेट एप्लीकेशन का प्रजेंटेशन और प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अब मंत्री कहीं भी डिजिटल माध्यम से एजेंडा देख सकेंगे।
इस नई व्यवस्था से कागज और समय की भारी बचत होगी।
ई-कैबिनेट के रूप में होगी बैठक
मोहन सरकार की आज (6 जनवरी) होने वाली बैठक बहुद खास है। यह बैठक ई-कैबिनेट के रूप में आयोजित होगी। इसके लिए सभी मंत्रियों को टैबलेट दिए गए हैं। विभागीय सचिवों को भी टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। यह डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम है।
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मंत्रियों और सचिवों को मिलेगी ट्रेनिंग
बैठक के दौरान प्रजेंटेशन दिया जाएगा। मंत्रियों को ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के बारे में बताया जाएगा। इंचार्ज सेक्रेटरी को भी इस ऐप की ट्रेनिंग मिलेगी।। इसका उद्देश्य डिजिटल सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
एजेंडा हुआ पूरी तरह डिजिटल
आज की बैठक का एजेंडा दो प्रारूपों में होगा। यह फिजिकली और डिजिटली दोनों तरह से उपलब्ध रहेगा। इसके बाद भविष्य में यह केवल डिजिटल भेजा जाएगा। मंत्री अब कभी भी कैबिनेट कार्यसूची देख सकेंगे। कहीं भी बैठकर एजेंडा पढ़ना आसान हो जाएगा।
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गैलेक्सी एस-11 टैबलेट मिलेंगे
कैबिनेट बैठक की शुरुआत शाम 4 बजे से होगी। इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव, दोनों उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला व जगदीश देवड़ा समेत मंत्रिमंडल के सभी 31 सदस्यों को गैलेक्सी एस-11 टैबलेट प्रदान किए जाएंगे। साथ ही इन पर काम करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
सुरक्षित और गोपनीय है प्रणाली
ई-कैबिनेट एप्लीकेशन एक आधुनिक तकनीक है। यह पूरी तरह पेपरलेस प्रोसेस है। यह सिस्टम काफी सुरक्षित और गोपनीय बनाया गया है। इसमें सूचनाओं की गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके लिए मंत्रियों को अपनी सुविधा अनुसार पहुंच मिलेगी।
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समय और कागज की होगी बचत
इस ई-कैबिनेट एप्लीकेशन को लागू करने से पहले राज्य सरकार ने 1960 से लेकर 2005 तक की सभी कैबिनेट बैठकों में लिए गए फैसलों को डिजिटलाइज करा लिया गया है। अब पुराने फैसलों को देखने के लिए फाइलें पलटने की जरूरत खत्म हो जाएगी। इससे कागज और समय दोनों बचेंगे। ऐप पर पुराने सारे रिकॉर्ड आसानी से मिल जाएंगे। पहले लिए गए फैसलों पर क्या काम हुआ, इसकी रिपोर्ट भी देखी जा सकेगी।
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