सीएम मोहन का बड़ा एलान: एमपी में एक शादी करने वाले को ही रहने का हक, कहा राम...

Manya Jain | Jul 18, 2026, 12:30 IST
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mohan yadav ucc one marriage statement
mohan yadav ucc one marriage statement

सीएम मोहन यादव ने कटनी में यूसीसी पर बड़ा बयान दिया। कहा, राम एक शादी करेंगे तो रहीम चार क्यों करे। तीन तलाक कहने पर अब जेल होगी। बिल मानसून सत्र में पेश होगा, इसमें 404 धाराएं हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी में यूसीसी पर बड़ा बयान दिया।
  • उन्होंने कहा कि सबके लिए एक ही शादी का कानून होना चाहिए।
  • साथ ही तीन तलाक कहने पर अब सीधे जेल भेजा जाएगा।
  • यूसीसी बिल मानसून सत्र में विधानसभा में पेश होगा।
  • प्रस्तावित बिल में कुल 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी (UCC – Uniform Civil Code) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राम एक ही शादी करेंगे, तो रहीम दो या चार शादियां क्यों करेगा। हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए। उनके मुताबिक सबके लिए एक ही कानून लागू होना चाहिए।

राम एक शादी, रहीम क्यों चार वाला बयान

सीएम यादव ने कहा कि अगर राम एक ही शादी करेंगे, तो रहीम दो या चार शादियां क्यों करेगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहनें भी हमारी बहनें हैं। इस बयान से साफ है कि यूसीसी के दायरे में विवाह से जुड़े नियम एक समान करने की तैयारी है। सीएम ने इसे भेदभाव खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

सिर्फ एक शादी को मिलेगी मान्यता

सीएम ने कहा कि यूसीसी के तहत मध्यप्रदेश में कानूनी रूप से रहने का अधिकार केवल उसी व्यक्ति को होगा जो एक शादी करेगा। उनके मुताबिक सबके लिए एक ही व्यवस्था लागू होगी। यह प्रावधान सीधे तौर पर बहुविवाह की प्रथा को खत्म करने की दिशा में है।

तीन तलाक कहने पर जेल

सीएम यादव ने कहा कि अगर अब कोई तलाक, तलाक, तलाक कहेगा, तो उसे जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन तलाक का दौर अब खत्म हो चुका है। उनके मुताबिक अब केवल एक ही शादी को कानूनी मान्यता दी जाएगी।

बयान पर सियासी हलचल तेज

सीएम के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। विवाह से जुड़े प्रावधानों को लेकर अलग-अलग वर्गों में चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है। बिल के मानसून सत्र में पेश होने के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

यूसीसी है क्या

यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता एक ऐसा प्रस्तावित कानून है जो शादी, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए एक जैसे नियम लागू करने की बात करता है। अभी अलग-अलग धर्मों के लिए अलग पर्सनल लॉ लागू होते हैं। यूसीसी लागू होने पर यह भेद खत्म हो जाएगा। मध्यप्रदेश ऐसा कानून लाने वाले राज्यों में शामिल होने की तैयारी में है।

मानसून सत्र में पेश होगा बिल

सीएम ने बताया कि राज्य सरकार यूसीसी कानून लेकर आ रही है क्योंकि नागरिकों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सब भारत माता की संतान हैं। सरकार आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक विधानसभा में पेश करने जा रही है। इससे पहले भोपाल के जगदीशपुर में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दी जाएगी।

उच्च स्तरीय समिति ने सौंपी रिपोर्ट

13 जुलाई सोमवार को समान नागरिक संहिता के लिए बनी उच्च स्तरीय समिति ने सीएम डॉ. मोहन यादव को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी। यह रिपोर्ट तीन अलग-अलग खंडों में तैयार की गई है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाएं और विभिन्न कानूनों का अध्ययन शामिल है। इसमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर की व्यवस्थाओं का विश्लेषण किया गया है। इस खंड में कुल 10 अध्याय हैं।

404 धाराओं वाला ड्राफ्ट तैयार

रिपोर्ट का दूसरा खंड सबसे अहम माना जा रहा है। इसमें यूसीसी विधेयक का पूरा प्रारूप तैयार किया गया है। समिति ने मध्यप्रदेश की मौजूदा व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए यह मसौदा बनाया है। प्रस्तावित विधेयक में 4 भाग, 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल हैं। यही मसौदा आगे चलकर कानून का आधार बन सकता है।

बिल पास होने से पहले का प्रोसेस

विधेयक विधानसभा में पेश होने से पहले कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। यह मंजूरी भोपाल के जगदीशपुर में होने वाली बैठक में ली जाएगी। इसके बाद ही बिल को मानसून सत्र में विधानसभा में लाया जाएगा। सदन में पास होने के बाद ही यह प्रदेश में कानून की शक्ल ले पाएगा।

क्यों अहम है यह ड्राफ्ट

प्रस्तावित ड्राफ्ट को समिति ने महीनों की स्टडी के बाद तैयार किया है। इसमें देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन शामिल है।

404 धाराओं और 7 अनुसूचियों वाला यह ड्राफ्ट अब तक का सबसे विस्तृत माना जा रहा है। अगर यह कानून बनता है तो मध्यप्रदेश यूसीसी लागू करने वाले चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा।

FAQ

  1. सीएम मोहन यादव ने यूसीसी को लेकर क्या कहा?
    सीएम ने कहा कि सबके लिए एक ही शादी का कानून होना चाहिए। उनके मुताबिक अगर राम एक शादी करेंगे तो रहीम को भी एक ही करनी चाहिए। यह बयान उन्होंने कटनी जिले में दिया।
  2. मध्यप्रदेश में यूसीसी बिल कब पेश होगा?
    उत्तर: सरकार यह बिल आगामी मानसून सत्र में विधानसभा में पेश करेगी। इससे पहले भोपाल के जगदीशपुर में कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।
  3. प्रस्तावित यूसीसी विधेयक में क्या शामिल है?
    विधेयक में कुल 4 भाग, 404 धाराएं और 7 अनुसूचियां शामिल हैं। यह मसौदा उच्च स्तरीय समिति ने महीनों के अध्ययन के बाद तैयार किया है।
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