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मध्य प्रदेश सरकार सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना चलाई जाती है। सरकार इसके जरिए किसानों को उनकी उपज का सही दाम देती है। सरल शब्दों में मंडी में भाव कम होने पर सरकार अंतर का पैसा किसानों को देती है।
यह योजना किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाती है। इससे प्रदेश के लाखों सोयाबीन उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा मिलता है। अगर आप भी मध्य प्रदेश के किसान हैं तो आपको भावांतर योजना की ये खबर आपको शानदार इनाम पाने का मौका दिला सकती है, इसलिए इस खबर को आखिर तक ध्यान से पढ़ें।
मध्यप्रदेश सरकार के वीर भारत न्यास के तहत किसानों के लिए देश की सबसे बड़ी क्विज़ शुरू की गई है। आपका पसंदीदा मीडिया हाउस "thesootr" भी इस महापर्व का हिस्सा है। "thesootr" का मकसद है कि इस बड़ी स्पर्धा में MP का हर किसान घर बैठे अपनी भागीदारी करे और करोड़ों रुपए के इनाम जीतने का मौका पाएं।
इनाम में क्या- क्या मिलेगा...
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- 55 बुलेट मोटर साइकल
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किसके लिए शुरू की गई थी भावांतर योजना?
भावांतर योजना किसानों को फसल का उचित दाम दिलाने के लिए शुरू की गई थी। इस योजना में मध्य प्रदेश सरकार किसानों को फसल का सही दाम देती है। अक्सर ज्यादा पैदावार होने पर कीमतें गिर जाती हैं। बाजार भाव एमएसपी से नीचे जाने पर सरकार मदद करती है। सरकार किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपाई खुद करती है।
भावांतर योजना में किसका भुगतान किया जाता है?
इस योजना से प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को बाजार और समर्थन मूल्य के अंतर का पैसा दिया जाता है। जब आप अपनी फसल मंडी में कम दाम पर बेचते हैं। सरकार बिक्री मूल्य और एमएसपी का अंतर (सरकारी योजनाएं) चेक करती है। यह अंतर राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है। पैसा सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता है। सरकार की इस योजना से किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
क्षतिपूर्ति का आकलन कैसे होगा?
सरकार ने मुआवजे की गणना के लिए तीन स्थितियां स्पष्ट की हैं:
बिक्री दर ≥ MSP: यदि किसान को मंडी में MSP (5328 रुपए) या उससे अधिक भाव मिलता है, तो कोई सहायता राशि नहीं दी जाएगी।
MSP > बिक्री दर > मॉडल भाव: यदि किसान की फसल MSP से कम लेकिन सरकार के औसत मॉडल भाव से अधिक में बिकती है, तो किसान को (MSP - विक्रय मूल्य) का अंतर दिया जाएगा।
बिक्री दर< मॉडल भाव: यदि मंडी की कीमत मॉडल भाव से भी नीचे है, तो किसान को (MSP - मॉडल भाव) की अधिकतम अंतर राशि दी जाएगी।
उदाहरण से समझें
| विवरण | राशि (प्रति क्विंटल) |
| सोयाबीन का MSP | ₹5 हजार 328 |
| मंडी में विक्रय मूल्य | ₹5 हजार |
| सरकार द्वारा भुगतान (भावांतर) | ₹328 |
आवेदन के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट
- ई-उपार्जन पोर्टल का रजिस्ट्रेशन नंबर (सोयाबीन भावांतर योजना)
- किसान आईडी (Kisan ID) और आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी (जो आधार से लिंक हो)
- अनुबंध पर्ची, तौल पर्ची और भुगतान पत्रक (मंडी विक्रय का प्रमाण)
- भंडारण या बिक्री का प्रमाण पत्र
भावांतर योजना के लाभ
सुरक्षा कवच (Safety Net): मंडी दरों में गिरावट होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
बाजार जोखिम से मुक्ति: किसानों को अब फसल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
पारदर्शी प्रक्रिया: पूरी राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म हो जाता है।
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