एमपी साइबर ठगी का नया जाल: आपके व्हाट्सएप और बैंक अकाउंट की सुरक्षा खतरे में, जानें कैसे
BHOPAL. भोपाल में साइबर अपराधियों का एक नया ठगी का तरीका सामने आया है। इस बार ठग मोबाइल कॉल और मैसेज को अपने नंबर पर फॉरवर्ड कर ठगी कर रहे हैं। वहीं, इसके जरिए ठग लोगों के WhatsApp, बैंक खातों और सोशल मीडिया अकाउंट्स तक पहुंच बना रहे हैं। भोपाल साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों को सावधान करते हुए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है।
ऐसा है ठगों का नया फ्रॉड पैटर्न
इसके बाद ठग व्हाट्सऐप, सोशल मीडिया या बैंकिंग ऐप में लॉगिन कर अकाउंट्स को हैक कर लेते हैं। कई मामलों में तो अपराधी पीड़ित के नाम से दोस्तों या रिश्तेदारों से भी पैसे वसूल चुके हैं।
साइबर पुलिस की एडवायजरी: इन 5 बातों का रखें ध्यान
- किसी अजनबी के कहने पर कभी भी *21 या इसी तरह के कोड डायल न करें।
- किसी को OTP, बैंक डिटेल या मोबाइल सेटिंग्स की जानकारी न दें।
- संदिग्ध कॉल या मैसेज आते ही ब्लॉक करें और रिपोर्ट करें।
- अपने फोन की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग्स समय-समय पर जांचें।
- याद रखें - बैंक या कंपनी कभी भी आपसे कोड डायल या OTP बताने को नहीं कहती।
यदि कॉल या मैसेज फॉरवर्ड हो गए हों तो तुरंत करें ये काम
यदि आपको शक है कि आपके नंबर से कॉल या मैसेज किसी और को फॉरवर्ड हो रहे हैं, तो तुरंत ##21# डायल करें। यह कोड सभी फॉरवर्डिंग सेवाएं बंद कर देता है। इसके साथ ही - बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क कर पासवर्ड बदलें और नजदीकी थाने या साइबर क्राइम यूनिट में शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर फ्रॉड की यहां करें शिकायत
यदि आप साइबर ठगी के शिकार हुए हैं या किसी संदिग्ध कॉल/मैसेज की जानकारी देना चाहते हैं, तो तुरंत संपर्क करें -
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन: ☎️ 1930
- भोपाल साइबर क्राइम हेल्पलाइन: ☎️ 9479990636
- ऑनलाइन शिकायत: www.cybercrime.gov.in
साइबर क्राइम सेल ने किया अलर्ट
भोपाल साइबर क्राइम सेल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में ठगी के तरीके हर दिन बदल रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही आपके मोबाइल डेटा और पैसों को खतरे में डाल सकती है। इसलिए, किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या कोड पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। सतर्क रहें, सोच-समझकर क्लिक करें, और अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखें।