एमपी में जातिगत गणना कराएगी कांग्रेस, अधिवेशन में तैयार होगा रोडमैप
मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने जाति आधारित गणना (Caste-Based Census) कराने का निर्णय लिया है। पार्टी इस गणना को पंचायत और वार्ड स्तर पर गठित यूनिट के माध्यम से करवाएगी। इसका विस्तृत रोडमैप मई-जून में आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश इकाई के पहले अधिवेशन में तैयार होगा।अधिवेशन नर्मदापुरम जिले के पर्यटन स्थल पचमढ़ी में प्रस्तावित है, जहां इस विषय पर विस्तृत चर्चा होगी।
राहुल गांधी उठाते रहे हैं जाति जनगणना की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशभर में जाति आधारित गणना की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस की तेलंगाना सरकार पहले ही एक व्यापक सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण करवा चुकी है। इसके पहले बिहार सरकार भी जातिगत सर्वेक्षण करा चुकी है।
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जाति आधारित गणना कैसे होगी?
जाति आधारित गणना को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को घर-घर भेजेगी। इस प्रक्रिया के तहत पार्टी ने कुछ विशेष प्रपत्र तैयार किए हैं। जिसमें नागरिकों से विस्तृत जानकारी ली जाएगी। सर्वे करने वाले लोग डेटा को ऑनलाइन कांग्रेस प्रदेश कार्यालय को भेजेंगे। इस डेटा के सभी आंकड़ों को प्रदेश स्तर पर सुरक्षित रखा जाएगा। इस गणना के आधार पर आरक्षण की मांग को मजबूती मिलेगी।
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मतदाता सूची का वेरिफिकेशन भी होगा
जाति आधारित गणना के साथ कांग्रेस पार्टी मतदाता सूची का भी पुनरीक्षण करेगी। निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया की तरह ही, यहवेरिफिकेशन अभियान सुनिश्चित करेगा कि सूची में कोई गड़बड़ी न हो। एमपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम घर-घर जाकर जाति गणना करेंगे और इसके डेटा के आधार पर सरकार से आरक्षण का दायरा बढ़ाने की मांग करेंगे।
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जनगणना के लिए कांग्रेस का ये प्लान
- मतदाताओं के नामों की पुष्टि के लिए घर-घर जाकर सत्यापन।
- फर्जी एंट्रियों को हटाने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने की पहल।
- पंचायत और वार्ड स्तर पर यूनिट बनाई जाएंगी।
- रीजनल कमेटी के माध्यम से सर्वे का संचालन।
- सभी जानकारियों का प्रदेश स्तर पर संरक्षण।
- निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन देकर गलत नाम हटाने की मांग।