एमपी के 16, सीजी के 12 और राजस्थान के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
Amresh Kushwaha | Aug 22, 2026, 07:07 IST
बारिश का अलर्ट
मध्य भारत में मानसून का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मध्य प्रदेश के 16 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट है और नदियां उफान पर हैं। छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि राजस्थान में ट्रफ लाइन खिसकने से मानसून सुस्त पड़ा है।
Weather update:मध्य भारत में मानसून का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं। बाढ़ जैसे बिगड़े हालातों के बीच 16 जिलों में अलर्ट है।
छत्तीसगढ़ में भी एक हफ्ते तक बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां 12 जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है।
दूसरी तरफ, राजस्थान में ट्रफ लाइन खिसकने से मानसून सुस्त पड़ गया है। वहां बारिश थमने से उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। तीनों राज्यों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं।
MP Weather update: (मध्यप्रदेश का मौसम):मध्य प्रदेश में मानसून टर्फ, साइक्लोन और लो प्रेशर एरिया एक साथ एक्टिव होने की वजह से मौसम का मिजाज काफी सख्त हो गया है। पिछले दो दिनों से पूर्वी एमपी में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे कई नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शनिवार को भी मौसम विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
CG Weather update: (छत्तीसगढ़ का मौसम):छत्तीसगढ़ में अगले एक हफ्ते तक मानसून का जोर बना रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि 21 से 27 अगस्त के बीच प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है और बिजली कड़कने की भी आशंका है। हालांकि, अगले पांच दिनों तक तापमान में कुछ खास बदलाव नहीं होगा।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 12 जिलों में मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है:
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश देखने को मिली:
बारिश के बीच कोरबा के सुआरघुटरा (पोड़ी उपरोड़ा) से एक परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बम्हनी नदी पर पुल न होने की वजह से सिर्री और पिपरिया के स्कूलों में पढ़ने वाले 50 से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ी है। नदी में 4-5 फीट पानी भरा है।
यदि बच्चे 20 किलोमीटर लंबा चक्कर न लगाएं, तो उन्हें जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। परिजन डर के साए में बच्चों का हाथ पकड़कर नदी पार कराते हैं, वहीं ज्यादा बारिश होने पर बच्चे घर पर ही रहने को मजबूर हैं। स्थानीय सरपंच के मुताबिक, विधायक से कई बार पुल बनाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई मंजूरी नहीं मिली है।
Rajsthan weather update: (राजस्थान का मौसम): राजस्थान में मानसून का दौर फिलहाल सुस्त पड़ गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने 22 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के 18 जिलों में बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है।
इससे पहले 21 अगस्त को भी 15 जिलों में यलो अलर्ट था, लेकिन उनमें से 11 जिलों में तो धूप खिली रही और मौसम एकदम साफ रहा। जिन चार जिलों में मौसम थोड़ा बदला, वहां भी नाममात्र की (10 मिलीमीटर से कम) बारिश दर्ज की गई। बारिश थमने की वजह से ज्यादातर जिलों में उमस और गर्मी काफी बढ़ गई है, यहां तक कि अगस्त के महीने में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है।
मौसम विभाग ने सीकर, जयपुर, अजमेर, कोटा और झालावाड़ समेत 15 जिलों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की उम्मीद जताई थी। लेकिन दिनभर में बारिश की स्थिति कुछ ऐसी रही:
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सबसे ज्यादा बारिश 'ट्रफ लाइन' (हवा के दबाव वाले क्षेत्र) के आसपास होती है। ट्रफ लाइन असल में वह इलाका है जहां बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं और पाकिस्तान की तरफ से आने वाली पश्चिमी हवाएं आपस में टकराती हैं। इसी टकराने वाले हिस्से में अच्छी बारिश होती है।
फिलहाल यह ट्रफ लाइन उत्तर भारत में अमृतसर, मुजफ्फरनगर, कानपुर और दीघा से होकर गुजर रही है और राजस्थान के ऊपर से नहीं निकल रही है। यही वजह है कि राज्य में मानसून अभी थमा हुआ है।
ढाई महीने बाद भी एमपी में मानसून की चाल पड़ी सुस्त, सामान्य से 11% कम बारिश
अगस्त का मौसम: झमाझम बारिश या सिर्फ उमस का दौर? जानें पूरे महीने का वेदर रिपोर्ट
अगस्त का मौसम: झमाझम बारिश या सिर्फ उमस का दौर? जानें पूरे महीने का वेदर रिपोर्ट
मौसम लाइव अपडेट: केरल-कर्नाटक में बारिश का कहर, लैंडस्लाइड से 11 मौतें; कई लापता
छत्तीसगढ़ में भी एक हफ्ते तक बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां 12 जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी है।
दूसरी तरफ, राजस्थान में ट्रफ लाइन खिसकने से मानसून सुस्त पड़ गया है। वहां बारिश थमने से उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं। तीनों राज्यों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं।
मध्यप्रदेश मौसम रिपोर्ट - 22 अगस्त 2026
ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिले
- सिवनी और बालाघाट (अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट): अगले 24 घंटों के दौरान यहां लगातार 4 से 8 घंटे तक तेज बारिश हो सकती है।
- भारी बारिश का अलर्ट: दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और अशोकनगर।
- हल्की से तेज बारिश: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा और सतना समेत बाकी बचे लगभग सभी जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बौछारें पड़ती रहेंगी।
नदियां उफान पर, कई जगह बिगड़े हालात
- नदियां और डैम: डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर में नर्मदा और मंदाकिनी जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पन्ना में केन और व्यारमा नदियां उफान पर हैं, जिसकी वजह से तेंदुघाट बांध के 5 गेट खोलने पड़े हैं। वहीं उमरिया के जोहिला डैम के भी दो गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है।
- स्कूल-आंगनवाड़ी बंद: बाढ़ और भारी बारिश को देखते हुए पन्ना, मैहर और डिंडौरी में स्कूलों और आंगनवाड़ियों में छुट्टियां कर दी गई हैं।
- सड़कें बंद और रास्ते ठप: सतना में सेमरावल नदी का पानी पुल पर आने से सेमरिया रोड बंद हो गई है। सीधी के रामपुर नैकिन में पहाड़ से मिट्टी-पत्थर खिसकने की वजह से सड़क जाम हो गई, जिससे करीब 30 गांवों का संपर्क कट गया है।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: मैहर में एक ट्रक नाला पार करते वक्त 7 फीट गहरे पानी में फंस गया था। मुकुंदपुर चौकी प्रभारी ने खुद तैरकर और ग्रामीणों की मदद से रस्सा बांधकर ड्राइवर और क्लीनर की जान बचाई।
छत्तीसगढ़ मौसम रिपोर्ट - 22 अगस्त 2026
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 12 जिलों में मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है:
- यलो अलर्ट वाले जिले: राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया और जशपुर।
- बाकी 21 जिले: यहां भी गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं।
बीते 24 घंटों में कहां कितनी बारिश दर्ज हुई?
- सबसे ज्यादा बारिश: कोरिया के राजपुर में 42.5 MM और सूरजपुर के बिहीरपुर में 41 MM पानी गिरा।
- अन्य इलाके: दुर्ग में 16.6 MM, सारागांव में 14.1 MM, राजनांदगांव में 14 MM और साल्हेवारा में 13.1 MM बारिश हुई। चांपा, खरोरा, भैरमगढ़ और केल्हारी में भी 10 से 11 MM के आसपास पानी बरसा, जबकि रायपुर शहर में 5.1 MM बारिश दर्ज की गई।
जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे स्कूली बच्चे
यदि बच्चे 20 किलोमीटर लंबा चक्कर न लगाएं, तो उन्हें जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। परिजन डर के साए में बच्चों का हाथ पकड़कर नदी पार कराते हैं, वहीं ज्यादा बारिश होने पर बच्चे घर पर ही रहने को मजबूर हैं। स्थानीय सरपंच के मुताबिक, विधायक से कई बार पुल बनाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई मंजूरी नहीं मिली है।
राजस्थान मौसम रिपोर्ट - 22 अगस्त 2026
इससे पहले 21 अगस्त को भी 15 जिलों में यलो अलर्ट था, लेकिन उनमें से 11 जिलों में तो धूप खिली रही और मौसम एकदम साफ रहा। जिन चार जिलों में मौसम थोड़ा बदला, वहां भी नाममात्र की (10 मिलीमीटर से कम) बारिश दर्ज की गई। बारिश थमने की वजह से ज्यादातर जिलों में उमस और गर्मी काफी बढ़ गई है, यहां तक कि अगस्त के महीने में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है।
कहां कितनी बारिश हुई?
- बारां (किशनगंज, अटरू): 9 MM
- भरतपुर (बयाना, उच्चैन, वैर): 6 MM
- धौलपुर: 5 MM
- कोटा (कानावास): 3 MM
- उदयपुर (मावली): बिना किसी अलर्ट के भी 1 MM बारिश दर्ज हुई।
राजस्थान में मानसून क्यों पड़ा धीमा?
फिलहाल यह ट्रफ लाइन उत्तर भारत में अमृतसर, मुजफ्फरनगर, कानपुर और दीघा से होकर गुजर रही है और राजस्थान के ऊपर से नहीं निकल रही है। यही वजह है कि राज्य में मानसून अभी थमा हुआ है।
ये खबरें भी पढ़िए...
अगस्त का मौसम: झमाझम बारिश या सिर्फ उमस का दौर? जानें पूरे महीने का वेदर रिपोर्ट
अगस्त का मौसम: झमाझम बारिश या सिर्फ उमस का दौर? जानें पूरे महीने का वेदर रिपोर्ट
मौसम लाइव अपडेट: केरल-कर्नाटक में बारिश का कहर, लैंडस्लाइड से 11 मौतें; कई लापता
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari