/sootr/media/media_files/2026/02/08/mp-class-9-11-annual-exams-board-pattern-2026-02-08-13-08-51.jpg)
News In Short
9वीं और 11वीं की परीक्षाएं पहली बार पूरी तरह बोर्ड परीक्षा की तरह होंगी।
क्वेश्चन पेपर थानों में रहेंगे और परीक्षा से सिर्फ 60 मिनट पहले ही बंडल बाहर निकलेंगे।
दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं दोपहर 1:30 बजे से 4:30 बजे तक चलेंगी।
नकल रोकने के लिए ए, बी, सी और डी सेट में क्वेश्चन पेपर बांटे जाएंगे।
कॉपियों की जांच निष्पक्षता के लिए दूसरे केंद्रों पर भेजी जाएंगी।
News In Detail
MP News. मध्य प्रदेश के 9वीं-11वीं के छात्रों के लिए इस साल की वार्षिक परीक्षाएं किसी बड़े मिशन से कम नहीं होंगी। राज्य शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं की गंभीरता बनाए रखने के लिए एक खास प्लान तैयार किया है। यह नियन अमूमन 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में देखने को मिलता है। आइए जानते हैं आखिर क्या है यह बोर्ड स्टाइल वाली नई व्यवस्था।

क्या है बोर्ड स्टाइल वाली नई व्यवस्था
परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक को रोकने के लिए विभाग ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक डीएस कुशवाहा के अनुसार, इस बार 9वीं और 11वीं के क्वेश्चन पेपर्स को सीधे पुलिस थानों में सुरक्षित रखा गया है। परीक्षा के दिन केंद्राध्यक्ष की मौजूदगी में पेपर निकाले जाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पेपर का बंडल परीक्षा शुरू होने से ठीक 60 मिनट पहले ही थाने से बाहर निकाला जा सकेगा। जिससे परीक्षा कॉन्फिडेंटिअलिटी बनी रहे।
/sootr/media/post_attachments/freepressjournal/2022-02/4d917cc9-d90f-4140-8773-efbb03c9af65/mp_board_exams-167867.jpg)
नकल रोकने के लिए चार सेट वाला फॉर्मूला
छात्रों के बीच नकल की संभावना को पूरी तरह खत्म करने के लिए क्वेश्चन पेपर को चार अलग-अलग सेट (A, B, C और D) में तैयार किया गया है। राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए गए ये पेपर रोटेशन के आधार पर बांटे जाएंगे। इसका मतलब है कि पास बैठे दो छात्रों के पास एक जैसा पेपर नहीं होगा। यह ट्रांसपेरेंट सिस्टम छात्रों में अनुशासन और अपनी मेहनत पर भरोसा पैदा करने के लिए की गई है।
/sootr/media/post_attachments/images/newimg/24032023/24_03_2023-mp_board_exam_23366259-196266.webp)
छात्रों को समय पर पहुंचना होगा एग्जाम सेंटर
परीक्षा के समय को लेकर भी विभाग ने स्पष्ट गाइडलाइन जारी की है। 9वीं और 11वीं दोनों की परीक्षाएं दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक एक ही पाली में होंगी। हालांकि, छात्रों को एग्जाम सेंटर पर कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचना होगा। देरी से आने पर प्रवेश में समस्या हो सकती है। कक्षा में बैठने के बाद, छात्रों को क्वेश्चन पेपर ठीक 5 मिनट पहले दिए जाएंगे ताकि वे उन्हें शांति से पढ़ सकें।
मूल्यांकन में भी बोर्ड जैसी सख्ती
सिर्फ परीक्षा ही नहीं, बल्कि कॉपियों की जांच यानी मूल्यांकन की प्रक्रिया भी बदल दी गई है। आंसर शीट्स की जांच अब स्कूल स्तर पर नहीं, बल्कि विकासखंड स्तर पर बनाए गए उपकेंद्रों पर होगी। एक्सीलेंट स्कूल को समन्वयक केंद्र बनाया गया है, जो निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के आधार पर ही नंबर दिए जाएंगे, जिससे परिणाम में एकरूपता बनी रहे।
शिक्षकों की ड्यूटी और रिजल्ट का शेड्यूल
इस साल करीब 20 लाख छात्र इन परीक्षाओं में बैठ रहे हैं। खास बात यह है कि 10वीं-12वीं की कॉपियां जांच रहे शिक्षकों को इस ड्यूटी से फ्री रखा गया है। उनकी जगह प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को पर्यवेक्षक बनाया गया है। विभाग ने लक्ष्य रखा है कि 17 मार्च को परीक्षा खत्म होने के बाद 23 मार्च तक मूल्यांकन का कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि समय पर परिणाम घोषित हो सकें।
ये खबरें भी पढ़ें...
एमपी बोर्ड परीक्षा 2026: परीक्षा से पहले हो रही घबराहट, तो इस हेल्पलाइन पर लें फ्री एडवाइस
एमपी बोर्ड परीक्षा 2026: लीक पेपर के नाम पर हो रही ठगी, साइबर पुलिस ने किया अलर्ट
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कर्मचारी नहीं कर सकेंगे हड़ताल, सरकार ने जारी किया बड़ा आदेश
एमपी बोर्ड परीक्षा रिजल्ट: खराब परिणाम वाले स्कूल प्राचार्यों से 20 मई को पूछे जाएंगे सवाल
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us