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Photograph: (the sootr)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कामकाज की दिशा और दशा तय करने वाली एक अहम समीक्षा 5 जनवरी को होने जा रही है। इस समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी एसपी-कलेक्टर शामिल होंगे। कलेक्टर–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों की समीक्षा मुख्य सचिव अनुराग जैन करेंगे। यह समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकताओं पर आधारित होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी जिलों की पड़ताल
मुख्य सचिव अनुराग जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों से सीधे संवाद करेंगे। इस दौरान पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर कितना अमल हुआ, इसकी विस्तार से जानकारी ली जाएगी।
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बनेगी अफसरों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, इस समीक्षा के बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यही रिपोर्ट आगे चलकर अफसरों की पदस्थापना और जिम्मेदारी तय करने का आधार बनेगी।
सरकार का फोकस: निवेश, रोजगार और सुशासन
राज्य सरकार ने हाल के महीनों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने, उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। रोजगार सृजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
85 कसौटियों पर कसे जाएंगे कलेक्टर-एसपी
अब इन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का आकलन जिलों में किया जा रहा है। कलेक्टर और एसपी के कामकाज को 85 अलग-अलग मानकों पर परखा जाएगा। इन कसौटियों पर प्रदर्शन ही अफसरों के भविष्य की दिशा तय करेगा।
सभी विभागों से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से कृषि, स्वास्थ्य-पोषण, रोजगार, उद्योग, निवेश, नगरीय विकास, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्यों से जुड़ी विस्तृत प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
जिला पंचायत से स्मार्ट सिटी तक जुड़ेंगे अधिकारी
5 जनवरी की समीक्षा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्मार्ट सिटी सीईओ और नगर निगम आयुक्त भी वर्चुअली शामिल होंगे। इसके आधार पर जिलों को शीर्ष, मध्यम और निम्न प्रदर्शन की तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर दिए जा चुके हैं सख्त निर्देश
गौरतलब है कि अक्टूबर में हुई कलेक्टर–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने साफ कहा था कि थानों में एफआईआर दर्ज न होने की शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। कानून-व्यवस्था के लिए एसपी की जवाबदेही तय होगी। महत्वपूर्ण सूचनाएं समय पर मीडिया तक पहुंचें।
इन अहम बिंदुओं पर रहेगी खास नजर
समीक्षा बैठक में जिन मुद्दों पर विशेष फोकस रहेगा, उनमें
- जिलों में खाद और बीज की उपलब्धता
- जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समितियों की मासिक बैठकें
- जिला अस्पतालों और शासकीय अस्पतालों का निरीक्षण
- रोगी कल्याण सुविधाओं में किए गए सुधार
स्मार्ट क्लास से लेकर स्वनिधि योजना तक समीक्षा
हर जिले में स्कूलों की एक कक्षा को स्मार्ट क्लास बनाने की प्रगति, पट्टा वितरण और अवैध कॉलोनियों का प्रबंधन,प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों की भी समीक्षा होगी। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना सहित स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति, बैंकों की मासिक और त्रैमासिक बैठकें समय पर हुईं या नहीं, लक्ष्यों की पूर्ति की स्थिति पर भी रिपोर्ट ली जाएगी।
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वृंदावन ग्राम और नर्मदापरिक्रमा पथ पर अपडेट
वृंदावन ग्राम योजना और नर्मदा परिक्रमा पथ के कार्यों की प्रगति, कलेक्टर और एसडीएम द्वारा तहसीलों का निरीक्षण,मासिक राजस्व समीक्षा और नक्शा दुरुस्ती की स्थिति का भी मूल्यांकन होगा।
5 जनवरी की यह समीक्षा केवल एक बैठक नहीं, बल्कि जिलों के प्रशासनिक भविष्य का रिपोर्ट कार्ड होगी। इसके नतीजे सीधे तौर पर अफसरों की जिम्मेदारी, पदस्थापना और सरकार की प्राथमिकताओं के क्रियान्वयन को प्रभावित करेंगे।
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