कांग्रेस में पदों की छंटनी का प्लान, 253 से 125 चेहरों तक सिमटेगा संगठन..?
Ramanand Tiwari | Aug 16, 2026, 22:20 IST
एमपी कांग्रेस टीम
मध्यप्रदेश कांग्रेस 2028 के चुनाव से पहले संगठन का चेहरा बदलने की तैयारी में है। मौजूदा बड़ी कार्यकारिणी को छोटा कर सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारी देने की कवायद चल रही है। दोहरी जिम्मेदारी और गुटीय संतुलन भी नई टीम के सबसे बड़े टेस्ट होंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- 53 की टीम अब करीब 125 तक सिमट सकती है
- निष्क्रिय चेहरों की छुट्टी का संकेत
- दोहरी जिम्मेदारी वाले नेताओं पर फैसला
- गुट से ज्यादा काम को महत्व देने की तैयारी
- नई टीम का लक्ष्य सीधे मिशन 2028
कांग्रेस में अब ‘कितने नेता’ नहीं, ‘कितना काम’
253 से 125 का सफर क्यों?
संगठन में संतुलन साधने की कवायद के बीच सचिव और सह सचिव जैसे पद बढ़ते गए। करीब 150 सदस्यों से शुरू हुई टीम आगे चलकर करीब 253 पदाधिकारियों तक पहुंच गई।
अब पार्टी के भीतर सवाल यही उठ रहा है कि इतनी बड़ी टीम के बावजूद अगर जमीनी गतिविधियों में अपेक्षित तेजी नहीं आई, तो संख्या बढ़ाने का फायदा क्या मिला?
नई टीम में टिकट के दावेदारों की भूमिका बदलेगी?
इसका असर उन नेताओं पर पड़ सकता है जो वरिष्ठ नेताओं के करीबी माने जाते हैं और खुद आगामी चुनावों में टिकट की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे चेहरों को संगठन की जिम्मेदारी देने के बजाय चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है।
दोहरी जिम्मेदारी पर भी चलेगी कैंची
मकसद साफ है कि प्रदेश का काम प्रदेश स्तर का नेता संभाले और जिले की कमान पूरी तरह जिला संगठन को मिले।
दिल्ली की समीक्षा के बाद फॉर्मूला बदला
इस बार संकेत यह है कि बड़ा नाम या किसी खेमे की सिफारिश अकेला आधार नहीं होगी। सक्रियता और संगठन को समय देने की क्षमता को ज्यादा महत्व मिल सकता है।
मिशन 2028 की पहली बड़ी संगठनात्मक परीक्षा
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुसार नई टीम में युवा ऊर्जा और अनुभव का मिश्रण होगा और सभी को ‘टीम कांग्रेस’ के रूप में मिशन 2028 पर काम करना होगा।
सबसे बड़ा टेस्ट: गुट बनाम ग्राउंड
यानी मध्यप्रदेश कांग्रेस में इस बार फेरबदल का सवाल सिर्फ नई सूची का नहीं है। यह तय करेगा कि 2028 की लड़ाई कांग्रेस पुराने गुटीय समीकरणों से लड़ेगी या कम चेहरों वाली ज्यादा जवाबदेह ‘टीम कांग्रेस’ के साथ।
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