लालच ने ले ली मासूमों की जान, कहीं गर्लफ्रेंड के शौक, तो कहीं मोबाइल वॉलेट बना कारण
Aman Vaishnav | May 21, 2026, 13:06 IST
mp crime news jhabua pithampur murder cases 2026
मध्य प्रदेश के झाबुआ और पीथमपुर से दिल दहला देने वाली खबरें आई हैं। यहां पैसों के लालच और महंगी लाइफस्टाइल के चक्कर में दो मासूम बच्चों की जान ले ली गई। फिलहाल पुलिस ने दोनों मामलों के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मध्य प्रदेश से दिल दहला देने वाली दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। इन दोनों ही घटनाओं को देखकर एक बात साफ हो जाती है। आजकल के युवाओं में पैसों का लालच और महंगी लाइफस्टाइल का भूत किस कदर हावी हो चुका है।
पहली घटना झाबुआ की है जहां भोपाल में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने अपने ही रिश्तेदार के घर डकैती डाल दी और एक मासूम बच्चे की जान ले ली।
वहीं दूसरी घटना पीथमपुर की है, जहां मात्र सात हजार रुपए के लिए एक 14 साल के मासूम बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आइए इन दोनों मामलों को विस्तार से समझते हैं।
झाबुआ हत्याकांड:
यह पूरी घटना झाबुआ जिले के कोदली गांव की है। यहां एक छात्र ने अपने ही रिश्तेदार के यहां डकैती कर दी। इस पूरी साजिश को रचने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार का व्यक्ति था। मुख्य आरोपी का नाम जितेंद्र उर्फ जीतू है ।
जितेंद्र उर्फ जीतू भोपाल में रहकर बीएचएमएस यानी होम्योपैथिक डॉक्टर बनने की पढ़ाई कर रहा था। जानकारी के अनुसार भोपाल में वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि जितेंद्र को झाबुआ के पब और होटलों में जाने का बहुत शौक था। अपनी गर्लफ्रेंड के महंगे खर्चे उठाने और अपनी हाई-फाई लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए उसे काफी पैसों की जरूरत थी।
इसी जरूरत और लालच को पूरा करने के लिए उसने अपने ही रिश्तेदारों के घर को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
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जितेंद्र ने अपने साथी चिराग नायक के साथ मिलकर 5 मई को कोदली गांव में लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी जब घर में घुसे तो उन्होंने 6 साल के उत्कर्ष को पकड़ लिया।
आरोपियों ने मासूम उत्कर्ष से घर की तिजोरी और नकदी के बारे में पूछा। जब छोटा बच्चा कुछ नहीं बता पाया तो इन बेरहम आरोपियों ने पास में रखे फावड़े से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
जब मासूम उत्कर्ष पर हमला हो रहा था, तो उसकी दादी रमीलाबाई उसे बचाने के लिए बीच में आईं। आरोपियों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया था।
सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने की वजह से 6 साल के मासूम उत्कर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दादी रमीलाबाई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वे पिछले 15 दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर है।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर में रखे सोने-चांदी के जेवर लूटकर वहां से फरार हो गए थे। शुरुआत में पीड़ित परिवार और आसपास के लोग इसे एक सामान्य हादसा मान रहे थे।
वहीं जब बच्चे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई तो उसमें किसी धारदार या भारी हथियार से हमला होने की बात साफ हो गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली और बुधवार, 20 मई को पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना क्षेत्र की है। यहां कपिला चौराहे के पास स्थित एक होटल में काम करने वाले 14 साल के एक नाबालिग बच्चे की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि उसके मोबाइल वॉलेट में कुछ पैसे जमा थे।
इस 14 साल के बच्चे ने अपनी मेहनत की कमाई से अपने मोबाइल वॉलेट में लगभग सात हजार रुपए का बैलेंस इकट्ठा किया था। होटल में आने-जाने वाले एक 30 वर्षीय युवक राहुल की नजर बच्चे के मोबाइल पर पड़ गई।
बातचीत के दौरान राहुल ने देख लिया था कि बच्चे के डिजिटल वॉलेट में सात हजार रुपए जमा हैं। इसी के बाद से राहुल के मन में लालच आ गया और उसने इन पैसों को हड़पने की पूरी साजिश रच डाली।
आरोपी राहुल ने पहले तो बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने झांसे में लिया। युवक ने पहले यह पैसे अपने आकाउंट में ट्रांसफर कराने की कोशिश की थी।
जब बच्चे ने इसका विरोध किया तो वह उसे लालच देकर 11 मई को बच्चे को कपिला चौराहे से दूर एक सुनसान जंगल में ले गया। वहां ले जाकर उसने बच्चे का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हत्या करने के बाद आरोपी ने बच्चे के शव को एक नाले के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया ताकि किसी को इस बात का पता न चले। इधर 11 मई से जब बच्चा घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
कई दिनों तक लापता रहने की वजह से झाड़ियों में पड़ा बच्चे का शव पूरी तरह से सड़ी-गली हालत में मिला।
बच्चे के गायब होने के बाद पीथमपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बच्चे के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की।
इन टेक्निकल इनपुट्स की मदद से पुलिस आखिरकार आरोपी राहुल तक पहुंच गई। जब पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को उस जगह का पता बताया जहां उसने शव को छिपाया था।
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पहली घटना झाबुआ की है जहां भोपाल में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने अपने ही रिश्तेदार के घर डकैती डाल दी और एक मासूम बच्चे की जान ले ली।
वहीं दूसरी घटना पीथमपुर की है, जहां मात्र सात हजार रुपए के लिए एक 14 साल के मासूम बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आइए इन दोनों मामलों को विस्तार से समझते हैं।
झाबुआ हत्याकांड: गर्लफ्रेंड के ने बनाया हत्यारा
भोपाल में कर रहा था BHMS की पढ़ाई
महंगी लाइफस्टाइल ने बनाया कर्जदार
इसी जरूरत और लालच को पूरा करने के लिए उसने अपने ही रिश्तेदारों के घर को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
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मासूम उत्कर्ष पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार
आरोपियों ने मासूम उत्कर्ष से घर की तिजोरी और नकदी के बारे में पूछा। जब छोटा बच्चा कुछ नहीं बता पाया तो इन बेरहम आरोपियों ने पास में रखे फावड़े से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने आई दादी को भी नहीं छोड़ा
सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने की वजह से 6 साल के मासूम उत्कर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दादी रमीलाबाई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वे पिछले 15 दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
वहीं जब बच्चे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई तो उसमें किसी धारदार या भारी हथियार से हमला होने की बात साफ हो गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली और बुधवार, 20 मई को पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया।
| विवरण (Details) | मामला - झाबुआ डकैती और हत्याकांड |
| मुख्य आरोपी | जितेंद्र उर्फ जीतू |
| वारदात की वजह | पब, होटल और गर्लफ्रेंड के खर्चे |
| वारदात की तारीख और जगह | 5 मई, कोदली गांव (झाबुआ) |
| मासूम शिकार | 6 साल का उत्कर्ष (मौत हो गई) |
| घायल व्यक्ति | दादी रमीलाबाई (15 दिनों से वेंटिलेटर पर) |
| लूटा गया सामान | सोने-चांदी के जेवर |
पीथमपुर हत्याकांड: साल हजार के लिए ली जान
बच्चे की छोटी सी बचत बनी दुश्मन
बातचीत के दौरान राहुल ने देख लिया था कि बच्चे के डिजिटल वॉलेट में सात हजार रुपए जमा हैं। इसी के बाद से राहुल के मन में लालच आ गया और उसने इन पैसों को हड़पने की पूरी साजिश रच डाली।
जंगल में ले जाकर घोंटा गला
जब बच्चे ने इसका विरोध किया तो वह उसे लालच देकर 11 मई को बच्चे को कपिला चौराहे से दूर एक सुनसान जंगल में ले गया। वहां ले जाकर उसने बच्चे का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
नाले के पास झाड़ियों में छिपाया शव
कई दिनों तक लापता रहने की वजह से झाड़ियों में पड़ा बच्चे का शव पूरी तरह से सड़ी-गली हालत में मिला।
पुलिस ने सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से पकड़ा
इन टेक्निकल इनपुट्स की मदद से पुलिस आखिरकार आरोपी राहुल तक पहुंच गई। जब पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को उस जगह का पता बताया जहां उसने शव को छिपाया था।
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