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पूरी खबर को 5 पॉइंट में समझें...
- मध्य प्रदेश में साल 2025 में कुल 581 करोड़ रुपए की साइबर ठगी हुई।
- पुलिस ने साइबर ठगी के 137 करोड़ रुपए होल्ड कर बचाए।
- ठगी की रकम फ्रीज कराने में मप्र देश में 22वें से 6वें स्थान पर पहुंचा।
- साइबर हमले की होल्ड की गई राशि में पिछले वर्ष की तुलना में 191% बढ़ोतरी हुई।
- मध्य प्रदेश के SAFE CLICK अभियान से 33 लाख से ज्यादा लोग जागरूक हुए।
मध्य प्रदेश में साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। साल 2025 के आंकड़े डराने वाले हैं। इस बार हजारों लोग ठगी का शिकार हुए। जालसाजों ने लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाला है। पुलिस ने भी इन अपराधियों के खिलाफ टेक्निक का सहारा लिया है। करोड़ों रुपए की ठगी गई राशि को होल्ड कराया गया है।
करोड़ों की ठगी और पुलिस की रिकवरी
2025 में 55 हजार 659 लोगों के साथ साइबर फ्रॉड हुआ। इन मामलों में कुल 581 करोड़ रुपए की ठगी की गई। पुलिस ने फुर्तीदिखाते हुए 137 करोड़ रुपए होल्ड करा दिए। साइबर फ्रॉड रकम फ्रीज कराने में प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। एमपी अब देश में 22वें स्थान से बढ़कर छठे स्थान पर आ गया है।
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2024 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन
साल 2024 में ऑनलाइन पैसों की धोखाधड़ी की 58 हजार 643 शिकायतें मिली थीं। तब केवल 47 करोड़ रुपए ही होल्ड किए जा सके थे। 2025 में होल्ड राशि में करीब 191% की बढ़ोतरी हुई है। यह बैंकिंग सिस्टम और मध्य प्रदेश पुलिस के मिलकर काम करने की वजह से मुमकिन हो पाया है।
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जागरूकता अभियानों का असर
साइबर पुलिस ने 2017 से 2025 तक 26 हजार 200 कार्यक्रम किए। इनके जरिए 21 करोड़ से ज्यादा लोगों को सचेत किया गया। फरवरी 2025 में विशेष SAFE CLICK अभियान चलाया गया। इसमें डिजिटल और भौतिक रूप से 33 लाख लोग जुड़े।
SAFE CLICKमध्यप्रदेश साइबर पुलिस द्वारा फरवरी 2025 में चलाया गया एक विशेष अवेयरनेस अभियान है। इसके माध्यम से डिजिटल और भौतिक रूप से कुल 33 लाख लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन खतरों के प्रति सचेत करना और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
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हेल्पलाइन 1930 और तकनीकी ढांचा
1930 साइबर हेल्पलाइन को और ज्यादा मजबूत बनाया गया है। हेल्पलाइन के लिए 15 सदस्यीय कुल 5 टीमें तैनात हैं। वर्ष 2025 में इसके जरिए 55 हजार 659 शिकायतें दर्ज की गईं। ऑनलाइन फ्रॉड को तुरंत रोकने के लिए एक खास सेंटर (SCFMC) बनाया गया है। यहां 4 लोगों की स्पेशल टीम च25 घंटे काम कर रही है।
टास्क फोर्स और ऑपरेशन NAYAN
हर जिले में पुलिस अधीक्षकों की देखरेख में एक खास टीम बनाई गई है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ऑपरेशन नयन शुरू किया गया है। इसके तहत 50 मामलों में सख्त एक्शन लिया गया। लगभग 40 साइबर अपराधी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही पूरी हो चुकी है। पुलिस इस काम के लिए बैंकों और दूसरी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही है।
Operation NAYAN MP साइबर पुलिस द्वारा महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले ऑनलाइन अपराधों को रोकने के लिए चलाया गया एक विशेष अभियान है। इसके तहत पुलिस साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करती है।
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