देवरी विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने दिया इस्तीफा! पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो बोले- नहीं करनी ऐसी विधायकी
Vikram Jain | Oct 11, 2024, 01:50 IST
MP Deori BJP MLA Brijbihari Pateria offered to resign
बीजेपी विधायक बृज बिहारी पटैरिया ने कहा कि जब पुलिस सत्ता पक्ष के विधायक की भी नहीं सुन रही तो मुझे ऐसी विधायकी नहीं करनी है। उन्होंने स्पीकर के नाम पत्र भेजकर इस्तीफे की पेशकश की है।
BHOPAL. बुंदेलखंड अंचल से बीजेपी में लगातार बगावत की खबरें सामने आ रही हैं। अब सागर जिले की देवरी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटैरिया (BJP MLA Brijbihari Pateria) खफा हो गए हैं। एक मामले में केसली थाना पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो रात में विधायक पटैरिया अपने समर्थकों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। देर रात तक उनका प्रदर्शन जारी रहा।
मीडिया से बातचीत में विधायक पटैरिया ने कहा कि जब पुलिस सत्ता पक्ष के विधायक की भी नहीं सुन रही तो मुझे ऐसी विधायकी नहीं करनी है। उन्होंने स्पीकर ने नाम पत्र भेजकर इस्तीफे की पेशकश की है। बाद में उन्होंने मीडिया से यह कहा भी की मैंने इस्तीफा दे दिया है। यह मामला थाने में एक डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर ना लिखे जाने से जुड़ा है।
दरअसल, डॉ. दीपक दुबे पर आरोप है कि उन्होंने सर्पदंश के मामले की पोटमार्टम रिपोर्ट बनाने के लिए मृतक के परिजनों से पैसे की मांग की। इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विधायक पटेरिया की मांग है कि पुलिस डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे, लेकिन जब मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो विधायक पटेरिया भड़क गए।
रात में ही विधायक पटैरिया अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और एफआईआर नहीं लिखे जाने के विरोध में धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक डॉ. दीपक दुबे के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
![Deori BJP MLA Brijbihari Pateria]()
बीजेपी विधायक पटैरिया ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा बताई है, जिसमें उनकी बात नहीं सुनी जाने का जिक्र है। पत्र में लिखा है कि यदि उनकी मांग नहीं मांगी जाती तो वे विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। स्पीकर को लिखा उनका पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इधर, इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी विधायक पटैरिया का पत्र एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी के जनप्रतिनिधियों की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता फिर क्या ही उम्मीद कर सकती है!
पटैरिया का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे कह रहे हैं कि ऐसा निर्वाचित विधायक होने का कोई मतलब नहीं है, जिसमें विधायक को पीड़ित की रिपोर्ट लिखवाने के लिए विधायक को खुद थाने आना पड़े। पुलिस की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई न किए जाने की स्तिथि में उनका कदम क्या होगा? जब मीडिया ने उनसे यह सवाल किया तो विधायक पटैरिया ने कहा कि कदम तो मैंने उठा लिया है। विधायकी से इस्तीफा दे दिया है।
मध्य प्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेता और गढ़ाकोटा विधायक गोपाल भार्गव ने बृजबिहारी पटैरिया से बात कर उन्हें समझाइश दी है। उन्होंने देर रात फेसबुक पर लिखा, अभी-अभी देर रात जानकारी लगी कि मेरी नजदीकी विधानसभा क्षेत्र देवरी के विधायक बृजबिहारी पटैरिया ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को भेजा है और वे केसली थाना में धरने पर बैठ गए हैं। इसकी जानकारी लगते ही मैंने वरिष्ठ विधायक पटैरिया से चर्चा कर विषय जाना।
उन्होंने मुझे जो बताया उसे सुनकर मैं स्तब्ध हूं और सोच में पड़ गया। उन्होंने बताया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र के मेढ़की ग्राम के व्यक्ति की सर्पदंश से मृत्यु हुई, मृत्यु उपरांत ग्रामवासी एवं परिवारजन मृत सांप और मृतक के शरीर को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और चिकित्सक को घटना के संबंध में अवगत कराया। चिकित्सक द्वारा मृतक के परिवारजन से इस आशय का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 40 हजार रुपए की मांग की गई। पटैरिया ने बताया कि पीड़ित परिवारजन ने जब पूरे प्रकरण की जानकारी दी और सबंधित चिकित्सक के विरुद्ध FIR कराए जाने की कार्रवाई की मांग की, तो मैं स्वयं केसली थाना पहुंचा और डॉक्टर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा, परंतु प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
बृजबिहारी पटैरिया द्वारा बताया गया कि साक्ष्यों के उपरांत जब प्राथमिकी दर्ज करने के लिए मुझे पीड़ित पक्ष के साथ धरने पर तक बैठना पड़ा और कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे पद का क्या मतलब। यह घटनाक्रम दुखद है, किसी व्यक्ति मृत्यु की जैसी घटना पर भी शासकीय कर्मचारियों द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाने के लिए पैसे की मांग की जा रही है। बीजेपी की सरकार जो गरीबों के लिए ही दिन रात कार्य कर रही है, ऐसी सरकार में पुलिस के अधिकारियों या चिकित्सकों कोई भी हो जो जनता से चुने विधायक की भी न सुने उनकी ऐसी कार्यप्राणली बर्दास्त नहीं की जाएगी।
मेरे द्वारा विधानसभा देवरी के विधायक एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता बृजबिहारी पटैरिया से कहा गया है कि हमें क्षेत्र की जनता ने आशा और विश्वास के साथ चुना है, आप इस्तीफा न दें। मैं स्वयं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से संबंधित पुलिसकर्मी और दोषी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए बात कर रहा हूं।
इसके बाद मैंने जिले के अधिकारियों से बात कर संबंधित दोषियों के विरुद्ध अविलंब कार्रवाई करने को कहा है, साथ ही उन्हें बताया कि प्रदेश की बीजेपी सरकार आमजन के प्रति बेहद संवेदनशील है, इस प्रकार के गैरजिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुझे ऐसी विधायकी नहीं करनी
जानें पूरा मामला
रात में ही विधायक पटैरिया अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और एफआईआर नहीं लिखे जाने के विरोध में धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक डॉ. दीपक दुबे के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
Deori BJP MLA Brijbihari Pateria
विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
इधर, इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी विधायक पटैरिया का पत्र एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी के जनप्रतिनिधियों की ही सुनवाई नहीं हो रही है, तो आम जनता फिर क्या ही उम्मीद कर सकती है!
सोशल मीडिया में वायरल पत्र के अनुसार,
सागर जिले के देवरी से BJP विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम इस्तीफा भेजा है!
विधायक अपने क्षेत्र के एक पीड़ित के लिए थाना केसूली पहुंचे थे, लेकिन पीड़ित की एफआईआर दर्ज नहीं की गई!
मध्यप्रदेश में भाजपा के जनप्रतिनिधियों की… pic.twitter.com/4WdYdXNzdu
— MP Congress (@INCMP) October 10, 2024
सामने आया वीडियो, पटैरिया बोले- दे दिया इस्तीफा
गोपाल भार्गव ने बृजबिहारी पटैरिया से की बात
उन्होंने मुझे जो बताया उसे सुनकर मैं स्तब्ध हूं और सोच में पड़ गया। उन्होंने बताया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र के मेढ़की ग्राम के व्यक्ति की सर्पदंश से मृत्यु हुई, मृत्यु उपरांत ग्रामवासी एवं परिवारजन मृत सांप और मृतक के शरीर को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और चिकित्सक को घटना के संबंध में अवगत कराया। चिकित्सक द्वारा मृतक के परिवारजन से इस आशय का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 40 हजार रुपए की मांग की गई। पटैरिया ने बताया कि पीड़ित परिवारजन ने जब पूरे प्रकरण की जानकारी दी और सबंधित चिकित्सक के विरुद्ध FIR कराए जाने की कार्रवाई की मांग की, तो मैं स्वयं केसली थाना पहुंचा और डॉक्टर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा, परंतु प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
ऐसी कार्यप्राणली बर्दास्त नहीं
इस्तीफा न दें पटैरिया
इसके बाद मैंने जिले के अधिकारियों से बात कर संबंधित दोषियों के विरुद्ध अविलंब कार्रवाई करने को कहा है, साथ ही उन्हें बताया कि प्रदेश की बीजेपी सरकार आमजन के प्रति बेहद संवेदनशील है, इस प्रकार के गैरजिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली और व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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