तीन नामों के पैनल से छनकर बाहर आएगा नए जिलाध्यक्ष का नाम
Sanjay Sharma | Jan 02, 2025, 19:31 IST
MP District President Selection BJP Discussion Mohan Yadav VD Sharma Photograph: (the sootr)
भाजपा प्रदेश कार्यालय में जिला अध्यक्षों के चयन को लेकर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ रही और इंदौर, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर एवं सभी जिलों के जिला अध्यक्ष के पैनलों पर चर्चा होती रही।
BHOPAL : बीजेपी प्रदेश कार्यालय में जिला अध्यक्षों के चयन के लिए गुरुवार को संगठन के पदाधिकारियों ने मंथन किया। प्रदेश कार्यालय में रायशुमारी के बाद नतीजों को जानने के लिए सुबह से रात तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। हर कोई अपने जिले के लिए नए जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की टोह लेते टहल रहा था। इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल जिला अध्यक्षों के नामों को लेकर कार्यकर्ताओं में ज्यादा जिज्ञासा बनी रही। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में केंद्रीय संगठन से आई प्रदेश संगठन चुनाव प्रभारी सरोज पांडेय, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश दिनभर जिला अध्यक्षों के पैनलों में शामिल नाम पर मंथन करते रहे। इस मैराथन बैठक के बाद जिला अध्यक्षों के नाम की अंतिम सूची तैयार की जाएगी। गुरुवार को देर शाम तक चली बैठक में सभी जिलों के लिफाफे खोल लिए गए हैं, अब प्रभारी के दिल्ली पहुंचने के बाद 5 दिसंबर तक घोषणा कर दी जाएगी। गुरुवार सुबह 11 बजे प्रदेश बीजेपी कार्यालय में प्रदेश भर से पदाधिकारियों के अलावा जिला अध्यक्ष के दावेदार और कार्यकर्ताओं ने डेरा जमा लिया था। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी प्रदेश संगठन चुनाव प्रभारी और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री के साथ कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय पहुंचने के बाद तीनों नेताओं की मौजूदगी में बंद कमरे में रायशुमारी का दौर शुरू हुआ। इस दौरान सबसे पहले जिलों से आए तीन-तीन नामों के पैनल पर चर्चा की गई। वहीं कुछ जिलों के पैनल में दावेदारों को लेकर बड़े नेताओं से सहमति बनाने पर भी मंथन हुआ। प्रदेश बीजेपी संगठन के सभी जिलों के लिए जिला स्तर से आए नामों के पैनल पर देर शाम तक चर्चा और मंथन चलता रहा। फिलहाल गुरुवार शाम तक किसी जिले के लिए अध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं की गई है। कुछ जिलों के लिए रायशुमारी के बाद जिला अध्यक्ष के नाम तय करने की जानकारी है। हालांकि विधिवत घोषणा अन्य सभी जिलों के अध्यक्षों के चयन के बाद की जा सकती है। प्रदेश बीजेपी कार्यालय में इंदौर शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्ष के नाम पर सभी गुटों में सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच सहमति के बाद ही शहर और कैलाश विजयवर्गीय, विधायक उषा ठाकुर, मनोज पटेल के साथ मंत्री तुलसी सिलावट के बीच एक राय बनाकर ग्रामीण अध्यक्ष का नाम तय किया जाना है। राजधानी भोपाल में भी जिला अध्यक्ष को लेकर नेताओं में खींचतान थम नहीं रही है। सांसद आलोक शर्मा, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर अपनी पसंद के नाम पर ठप्पा लगवाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। ये खबर भी पढ़ें.. बदलेंगे चेहरे-मुहरे, सीमाएं बदलेंगी... सियासत को नई दिशा देगा 2025 VD शर्मा संभालेंगे कमान या किसी नए चेहरे को मिलेगी जिम्मेदारी? जानें जबलपुर में पूर्व मंत्री अजय विश्नोई और प्रभात साहू गुट के कार्यकर्ता मंत्री राकेश सिंह के खेमे से जिलाध्यक्ष बनाने से सहमत नहीं है। नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष का चयन मंत्री प्रहलाद पटेल और उदय प्रताप के गुटों के आमने-सामने होने की वजह से दिलचस्प हो गया है। दोनों मंत्री अपने-अपने खेमों से जिला अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। ग्वालियर-चंबल अंचल के जिलों में ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के अलावा स्थानीय नेता भी लाबिंग कर रहे हैं। इस वजह से पैनल तैयार करने में भी कई नेताओं में सहमति नहीं बनाई जा सकी है। सागर जिला अध्यक्ष के लिए भी तीन दर्जन नेताओं ने दावेदारी की है। हालांकि इनमें से तीन नामों का पैनल भोपाल भेजा गया है। विधायक भूपेन्द्र सिंह, गोपाल भार्गव, शैलेन्द्र जैन में सहमति न बनने पर मामला अटका हुआ है। वहीं पूर्व विधायक हरवंश सिंह और अनिल तिवारी भी अपनी दावेदारी पेश कर आगे आ गए हैं। वे दिनभर प्रदेश कार्यालय में डेरा जमाए रहे। टीकमगढ़ से सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक अपने लोकसभा क्षेत्र के जिलों में अपनी पसंद के जिला अध्यक्ष बनाने का दबाव बनाए हुए हैं तो पूर्व विधायक राकेश गिरी टीकमगढ़ से अपनी दावेदारी पर अड़े हुए हैं। विंध्य अंचल के सतना में सांसद गणेश सिंह और मंत्री प्रतिमा बागरी के बीच जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर टकराव है। रीवा में डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल और सांसद जनार्दन मिश्रा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा के करीबी डॉ.अजय सिंह पटेल को दूसरी बार जिला अध्यक्ष बनने की राह को मुश्किल कर रहे हैं। छिंदवाड़ा में पूर्व मंत्री चंद्रभान सिंह और हाल ही में सांसद बने विवेक साहू बंटी के बीच पटरी नहीं बैठ रही है। बालाघाट में पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन अपनी बेटी को जिला अध्यक्ष बनाना चाहते हैं तो पूर्व मंत्री रामकिशोर कांवरे अपने समर्थक के लिए ताकत लगा रहे हैं। सिवनी में स्थानीय भाजपा नेताओं का विरोध नवागत बीजेपी विधायक मुनमुन राय से चल रहा है। प्रदेश बीजेपी कार्यालय में जिला अध्यक्षों को पैनल पर केंद्र और प्रदेश पदाधिकारियों के बीच घंटों मंथन जारी रहा। बताया जा रहा है ज्यादातर जिलों से आए पैनलों में से जिलाध्यक्ष के संभावित नाम तय कर लिए गए हैं। हालांकि कुछ जिलों को लेकर अभी भी चर्चा होना शेष है। कुछ जिलों में प्रदेश पदाधिकारियों के बीच भी सहमति बनाने के प्रयास हो रहे हैं। हालांकि, गुरुवार को दिनभर जिला अध्यक्ष के नामों को लेकर प्रदेश कार्यालय में मंथन जारी रहा। कुछ जिलों में वरिष्ठ नेता, केंद्रीय और प्रदेश सरकार के मंत्री अपने पसंद के नाम पर मुहर लगवाने का दबाव बनाए हुए हैं। वहीं संगठन चुनाव प्रभारी और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री पहले ही बिना समन्वय किसी नाम को आगे न बढ़ाने का मन बना चुके हैं। ऐसे किसी जिलाध्यक्ष को भी मौका मिलना मुश्किल है जिनसे कार्यकर्ता असंतुष्ट रहे हैं या उनकी शिकायतें संगठन तक पहुंची हैं। इसी वजह से संगठन चुनाव की कमान संभाल रहे पदाधिकारी जिला अध्यक्षों के चयन में विशेष रायशुमारी कर रहे हैं।
जिले से आए पैनलों पर घंटों चली चर्चा
इंदौर शहर-ग्रामीण को लेकर गुत्थम गुत्था
मंत्री के ही खेमे के सामने स्थानीय नेता
सागर- टीकमगढ़ में भी नहीं बनी सहमति
विंध्य में भी बीजेपी नेता आमने-सामने
शुक्रवार को चर्चा से छूटे जिलों पर रायशुमारी
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