न शिक्षक, न टॉयलेट, न बिजली; MP की शिक्षा व्यवस्था पर हाईकोर्ट नाराज

Sandeep Kumar | Jul 01, 2026, 19:57 IST
Share
MP की शिक्षा व्यवस्था पर हाईकोर्ट नाराज
MP की शिक्षा व्यवस्था पर हाईकोर्ट नाराज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सरकारी स्कूलों की बदहाली पर नोटिस जारी किया है। याचिका में 40 फीसदी शिक्षक पद खाली होने और हजारों स्कूलों में टॉयलेट, बिजली तथा कंप्यूटर नहीं होने का दावा किया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश में करीब 40 फीसदी शिक्षक पद खाली हैं।
  • सरकारी स्कूलों में जरूरी सुविधाओं की भारी कमी है।
  • हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई की।
  • केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी हुआ।
  • दोनों सरकारें 17 अगस्त तक जवाब देंगी।

सेंधवा के वकील ने दायर की याचिका

यह जनहित याचिका सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बीएल जैन ने दायर की है। याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट अभिषेक तुगनावत कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। लाखों बच्चों को संविधान और शिक्षा के अधिकार कानून के तहत मिलने वाली सुविधाएं तक नहीं मिल रहीं।

40 फीसदी शिक्षक पद खाली

सुनवाई में कोर्ट को बताया गया कि प्रदेश में 2.89 लाख शिक्षक पद मंजूर हैं। इनमें से 1.15 लाख पद खाली पड़े हैं।यानी करीब 40 फीसदी पद रिक्त हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक तैनात नहीं है।

कैग रिपोर्ट में खुलासे

याचिका में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग (CAG – Comptroller and Auditor General) की 2025 की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। प्रदेश के 83,514 स्कूलों में से करीब 5 हजार स्कूलों के भवन जर्जर और असुरक्षित हैं। 3,400 स्कूलों में शौचालय नहीं है। करीब 10 हजार स्कूलों में बिजली तक नहीं पहुंची है। 40 हजार स्कूलों में बाउंड्रीवाल नहीं बनी है। हजारों स्कूलों में साफ पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं है। कुछ स्कूल आज भी झोपड़ियों में चल रहे हैं।

डिजिटल शिक्षा से भी कोसों दूर

याचिका के मुताबिक 59 हजार से ज्यादा स्कूलों में कंप्यूटर सुविधा नहीं है। डिजिटल शिक्षा की बात करने वाले प्रदेश के लिए यह बड़ा सवाल है।पिछले दस साल में सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या 22 लाख से ज्यादा घटी है। जबकि इसी दौरान प्रदेश की आबादी बढ़ी है।याचिका में इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर घटते भरोसे का संकेत बताया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में एक अहम आदेश दिया था। इसमें सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय अनिवार्य किए गए थे।साथ ही छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी पैड देने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन कई स्कूलों में इन आदेशों का पालन अब तक नहीं हो रहा है।

सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं पर पर्याप्त खर्च नहीं हो रहा। जबकि दूसरे मदों में बड़ी रकम खर्च की जा रही है।निर्माण और मरम्मत कार्यों में भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया गया है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से बच्चों के शिक्षा संबंधी संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की है।अब अगली सुनवाई में केंद्र और राज्य सरकार को 17 अगस्त तक अपना जवाब पेश करना होगा।

FAQ

  1. हाईकोर्ट ने किस मामले में नोटिस जारी किया?
    कोर्ट ने सरकारी स्कूलों में शिक्षक और सुविधाओं की कमी को लेकर नोटिस जारी किया। यह जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हुआ। केंद्र और राज्य सरकार दोनों को नोटिस भेजा गया है।
  2. प्रदेश में कितने शिक्षक पद खाली हैं?
    प्रदेश में 2.89 लाख मंजूर शिक्षक पदों में से 1.15 लाख पद खाली हैं। यह करीब 40 फीसदी है। 1895 स्कूलों में तो एक भी शिक्षक नहीं है।

ये भी पढ़ें...

चयनित ने ईमानदारी से आपराधिक रिकॉर्ड बताया तो नौकरी से नहीं हटा सकते-इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

मप्र विधानसभा सचिवालय में प्रमोशन, 13 अफसरों को नया पद, 5 अधिकारी बने अवर सचिव

इंदौर कलेक्टोरेट में बड़ा बदलाव जल्द, ट्रांसफर हुए सभी SDM हुए कार्यमुक्त

पिनैकल डिजायर में 1000 करोड़ का प्लान, फ्रंट में अहमदाबाद की कंपनी, पर्दे के पीछे इंदौर की

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • इंदौर हाईकोर्ट
  • मध्य प्रदेश
  • CAG
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
  • कैग रिपोर्ट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच