एमपी गजब है 8.5 करोड़ की जनसंख्या, लेकिन 10.05 करोड़ समग्र आईडी कैसे? कौन जिम्मेदार
Rohit Sahu | May 22, 2025, 11:57 IST
MP NEWS samagra
राज्य में समग्र पोर्टल के जरिए फर्जी राशन कार्ड और डुप्लीकेट समग्र आईडी बनवाकर राशन की कालाबाजारी की गई है। शासन की हालिया बैठक और ओवाईसी (OYC) के विश्लेषण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
मध्यप्रदेश सरकार की समग्र ID योजना की सच्चाई अब खुद इसके आंकड़े बयां कर रहे हैं। प्रदेश की कुल आबादी जहां 8.5 करोड़ है, वहीं समग्र पोर्टल पर पंजीकृत समग्र आईडी की संख्या 10 करोड़ 5 लाख से पार कर चुकी है। यानी प्रदेश में जितने लोग रहते हैं, उससे कहीं अधिक लोगों के नाम से सरकारी सिस्टम में पहचान दर्ज हो चुकी है। अब सवाल उठ रहा है कि ये कैसे संभव है।
पोर्टल पर समग्र ID की संख्या में विसंगति देख शासन ने विशेष अभियान शुरू किया। इसी दौरान यह सामने आया कि बड़ी संख्या में डुप्लीकेट और फर्जी आईडी बनाई गई हैं। 27 मार्च 2025 तक करीब 5.50 करोड़ ई-केवाईसी कराए जा चुके हैं, जिससे फर्जी नामों को हटाया जा सके। डुप्लीकेट समग्र आईडी की जानकारी जिलेवार, निकाय, जनपद, वार्ड, ग्रामवार तैयार की गई है।
राज्य के बड़े शहर इंदौर में सबसे ज्यादा फर्जी समग्र ID पाए गए हैं। कई मामलों में एक ही परिवार के सदस्यों के नाम से अलग-अलग समग्र आईडी बनाई गईं, ताकि अधिक राशन का लाभ उठाया जा सके। कुछ मामलों में तो शादीशुदा महिला के पति ने पहले ही उसके नाम से फर्जी समग्र आईडी बनवा ली।
सीहोर जिले में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों सेवकों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों की समग्र आईडी आईएफएमआईएस (IFMIS) के कर्मचारी कोड से लिंक नहीं की गई है, उनका मई 2025 का वेतन रोका जाएगा।
सीहोर जिले में वर्तमान में 96 आहरण-संवितरण अधिकारी (DDO) कार्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनके अधीन 10,560 सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन इनमें से 1,442 कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी समग्र ID अब तक आईएफएमआईएस से लिंक नहीं हो सकी है।
प्रदेश सरकार का दावा है कि समग्र पोर्टल पर हर व्यक्ति का पूरा डेटा मौजूद है। लेकिन जब उसी डेटा का उपयोग कर राशन घोटाले किए जा रहे हों, तो तकनीक कितनी भी उन्नत क्यों न हो, सरकारी निगरानी की नाकामी साफ नजर आती है। ऐसा कैसे संभव है कि जनसंख्या से ज्यादा आईडी बन जाएं। इसके अलावा पात्र परिवारों से ज्यादा की संख्या में लोग राशन भी ले रहे हैं। अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि ये गड़बड़ी कहां हो रही है, नीचे के अधिकारियों की लापरवाही है या फिर ऊपर के अधिकारी निगरानी नहीं कर रहे हैं।
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मप्र पहला राज्य है, जिसने समग्र पोर्टल में नागरिकों का डाटा एकत्र किया है। सरकार ने किसी भी सरकारी सुविधा या योजना का लाभ लेने में समग्र आईडी का होना अनिवार्य कर दिया है। प्रदेश की 19 विभिन्न योजनाओं का लाभ लिए जाने की जानकारी भी एकत्रित की गई है।
समग्र क्या है: मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में रहने वाले हर परिवार और व्यक्ति की पहचान के लिए एक विशेष नंबर जारी किया है, जिसे समग्र आईडी कहा जाता है। राज्य की किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए समग्र आईडी का होना अनिवार्य है।
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राशन कार्ड | Samagra ID | सरकारी राशन दुकान | MP News
राशन दुकानों का खेल: फर्जी कार्ड से हो रही कालाबाजारी
सरकार अब नकली (डुप्लीकेट) पहचान पत्रों को हटाने के लिए एक खास अभियान चला रही है। हाल ही में मुख्य सचिव की बैठक में पता चला कि उचित मूल्य की राशन दुकानों के कई संचालकों ने फर्जी समग्र आईडी बनवाकर लोगों के नाम पर राशन जारी किया है। इस फर्जीवाड़े से ना सिर्फ जरूरतमंद वंचित हुए, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
केवाईसी से हटेंगी फर्जी आईडी
शहरों में सबसे ज्यादा फर्जी आईडी
सीहोर में कार्रवाई: 1,442 कर्मचारियों के वेतन रोका
सीहोर जिले में वर्तमान में 96 आहरण-संवितरण अधिकारी (DDO) कार्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनके अधीन 10,560 सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन इनमें से 1,442 कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी समग्र ID अब तक आईएफएमआईएस से लिंक नहीं हो सकी है।
सिस्टम है, डेटा है, पर जिम्मेदार गायब
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सरकार के पास है हर व्यक्ति का डाटा
समग्र क्या है: मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में रहने वाले हर परिवार और व्यक्ति की पहचान के लिए एक विशेष नंबर जारी किया है, जिसे समग्र आईडी कहा जाता है। राज्य की किसी भी सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए समग्र आईडी का होना अनिवार्य है।
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5 बिंदुओं में समझिए पूरी खबर
- 8.5 करोड़ की आबादी, लेकिन 10.05 करोड़ समग्र आईडी – आंकड़ों में सीधा अंतर।
- राशन दुकान संचालकों का फर्जीवाड़ा – एक ही व्यक्ति के नाम से कई कार्ड बनवाए।
- ई-केवाईसी में खुलासा – 5.5 करोड़ लोगों की जांच के बाद डुप्लीकेट की पहचान।
- बड़े शहरों में सबसे ज्यादा फर्जी आईडी – इंदौर टॉप पर
- सीहोर में सख्ती – 1,442 कर्मचारियों के वेतन रोके गए।
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राशन कार्ड | Samagra ID | सरकारी राशन दुकान | MP News
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