रजिस्ट्री ऑफिस के चक्करों से मुक्ति: अब तहसीलदार ही करेंगे मुफ्त रजिस्ट्री
Amresh Kushwaha | Jul 10, 2026, 10:10 IST
रजिस्ट्री ऑफिस के चक्करों से मुक्ति
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सब रजिस्ट्रार का पॉवर दिया है। इससे आबादी भूमि पर काबिज 48 लाख से ज्यादा परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री मिलेगी। स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ किया गया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- मध्य प्रदेश सरकार ने रेवेन्यू अफसरों को सब रजिस्ट्रार पॉवर दिए हैं।
- 48 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री मिलेगी।
- तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी अब रजिस्ट्री कर सकेंगे।
- स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ किया गया है।
- सरकार पर करीब 3800 करोड़ रुपए का भार आएगा।
48 लाख परिवारों को फायदा
अब ये अधिकारी भी रजिस्ट्री कर सकेंगे। पहले सिर्फ सब रजिस्ट्रार ही यह काम करते थे। प्रदेश में फिलहाल 235 सब रजिस्ट्रार काम कर रहे हैं। अब राजस्व न्यायालय संभालने वाले अफसर भी रजिस्ट्री में मदद करेंगे। इससे ग्रामीणों को लंबी लाइन और भागदौड़ से राहत मिलेगी।
कैबिनेट का बड़ा फैसला
इस फैसले को लागू करने के लिए दो विभागों ने अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए हैं। पंजीयन विभाग ने पंजीयन और मुद्रांक शुल्क माफ करने का आदेश दिया है। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत उपकर माफ करने का आदेश जारी किया है। अब यह उपकर की राशि सरकार खुद पंचायतों को देगी। इससे पंचायतों की आय पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
रजिस्ट्री होगी आसान
सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। एक साथ कई अधिकारी काम करेंगे तो रजिस्ट्री जल्दी पूरी होगी। इससे योजना का लाभ ज्यादा लोगों तक तेजी से पहुंचेगा।
अब मिलेगा आसानी से लोन भी
इस सुविधा के बाद लोग अपनी जमीन पर घर बना सकेंगे। कुछ लोग व्यवसाय या खेती के लिए भी लोन ले सकेंगे। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सरकार का मकसद है कि जमीन का मालिकाना हक सिर्फ कागजी न रहे। इसका असली फायदा लोगों की जिंदगी में दिखे।
निगरानी के लिए बनेगी कमेटी
योजना के प्रचार-प्रसार के लिए भी सरकार ने बजट रखा है। इसके लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। यह राशि छपाई और जनजागरूकता कार्यक्रमों पर खर्च होगी। राजस्व विभाग को योजना से जुड़े स्पष्टीकरण जारी करने का अधिकार भी दिया गया है।
अब तक इतने अभिलेख हुए तैयार
यह पूरी कवायद डिजिटलीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रशासन लगातार अधिकार अभिलेखों को डिजिटल रूप दे रहा है। इससे रिकॉर्ड रखना आसान होगा और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी। सरकार का दावा है कि इससे नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रिया भी पहले से सरल होगी।
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