फिर खाली हुआ खजाना, इस महीने 2500 करोड़ का कर्ज लेगी मोहन सरकार
Pratibha ranaa | Jun 09, 2024, 10:04 IST
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
केंद्र ने मप्र वित्त विभाग के प्रस्ताव पर राज्य को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेने की अनुमति दे दी है। प्रस्ताव लगभग डेढ़ महीने पहले भेजा गया था। दो दिन पहले ही स्वीकृति मिली है।
एमपी में राज्य सरकार का खजाना फिर खाली हो गया है। मप्र सरकार इसी महीने यानी जून में 2000 से 2500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए केंद्र ने मप्र वित्त विभाग के प्रस्ताव पर राज्य को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से लोन लेने की अनुमति दे दी है। ( mp government 2500 crore loan )
जानकारी के मुताबिक मप्र वित्त विभाग ने केंद्र को लगभग डेढ़ महीने पहले कर्ज लेने का प्रस्ताव भेजा था। केंद्र से अब इसको लेकर अनुमति मिल गई है। प्रदेश पर कुल 3.73 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। अगर मोहन सरकार इस महीने में कोई मार्केट लोन लेती है तो ये इस वित्तीय वर्ष का पहला लोन होगा। इससे पहले मोहन सरकार ने 27 मार्च को तीन अलग अलग तरीके से कुल 5000 करोड़ का कर्ज लिया था।
ये खबर भी पढ़िए...कैसे चलेगा खर्चा, कर्ज में डूब चुकी एमपी सरकार! जीतू पटवारी ने किया चौंकाने वाला दावा
आरबीआई के नियमों के मुताबिक किसी भी राज्य के एसजीडीपी के 3% के बराबर राज्य कर्ज ले सकता है। मप्र की एसजीडीपी लगभग 15 लाख करोड़ है, जिसके मुताबिक प्रदेश की कर्ज लिमिट 45,000 करोड़ है। वित्त विभाग ने पिछले महीने अन्य राज्यों में स्थित मप्र सरकार की संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। माना जा रहा है कि मप्र पर बढ़ते कर्ज के बीच विचार किया जा रहा है कि इन संपत्तियों में जो कानूनी पचड़ों से परे हैं, उन्हें किराए पर देकर या बेचकर अतिरिक्त आय जुटाई जाए। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र, यूपी, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में मप्र की 1 लाख करोड़ की संपत्तियां हैं।
ये खबर भी पढ़िए...Bank loot : कर्ज चुकाने बैंककर्मी ने दोस्तों के साथ मिलकर की थी बैंक में 41 लाख की लूट
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
सरकार ले सकती है 2000 से 2500 करोड़ का कर्ज
जानकारी के मुताबिक मप्र वित्त विभाग ने केंद्र को लगभग डेढ़ महीने पहले कर्ज लेने का प्रस्ताव भेजा था। केंद्र से अब इसको लेकर अनुमति मिल गई है। प्रदेश पर कुल 3.73 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। अगर मोहन सरकार इस महीने में कोई मार्केट लोन लेती है तो ये इस वित्तीय वर्ष का पहला लोन होगा। इससे पहले मोहन सरकार ने 27 मार्च को तीन अलग अलग तरीके से कुल 5000 करोड़ का कर्ज लिया था।
ये खबर भी पढ़िए...कैसे चलेगा खर्चा, कर्ज में डूब चुकी एमपी सरकार! जीतू पटवारी ने किया चौंकाने वाला दावा
दूसरे राज्यों में मप्र की 1 लाख करोड़ की संपत्तियां
आरबीआई के नियमों के मुताबिक किसी भी राज्य के एसजीडीपी के 3% के बराबर राज्य कर्ज ले सकता है। मप्र की एसजीडीपी लगभग 15 लाख करोड़ है, जिसके मुताबिक प्रदेश की कर्ज लिमिट 45,000 करोड़ है। वित्त विभाग ने पिछले महीने अन्य राज्यों में स्थित मप्र सरकार की संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। माना जा रहा है कि मप्र पर बढ़ते कर्ज के बीच विचार किया जा रहा है कि इन संपत्तियों में जो कानूनी पचड़ों से परे हैं, उन्हें किराए पर देकर या बेचकर अतिरिक्त आय जुटाई जाए। जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र, यूपी, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में मप्र की 1 लाख करोड़ की संपत्तियां हैं।
ये खबर भी पढ़िए...Bank loot : कर्ज चुकाने बैंककर्मी ने दोस्तों के साथ मिलकर की थी बैंक में 41 लाख की लूट
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
सबसे पहले और सबसे बेहतर खबरें पाने के लिए thesootr के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें। join करने के लिए इसी लाइन पर क्लिक करें
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava