एमपी के सरकारी विभागों में नहीं सुधर रहे हालात, 3 महीने में बढ़ीं शिकायतें, खाद और जमीन के लिए भटक रहे लोग
Harrison Masih | Nov 06, 2026, 12:45 IST
एमपी के सरकारी विभागों में बढ़ीं शिकायतें, जनविश्वास अभियान की रिपोर्ट ने खोली सरकारी दावों की पोल
सरकारी दफ्तरों में लोगों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं किसानों को खाद नहीं मिल रही, तो कहीं लोग जमीन का पट्टा और कब्जा पाने के लिए परेशान हैं। शहरों में पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें बढ़ रही हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने जनता की समस्याएं दूर करने के लिए जनविश्वास अभियान शुरू किया है।
इसके बावजूद तीन महीने के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। राजस्व, कृषि, नगरीय विकास और वाणिज्यिक कर विभाग में शिकायतें कम होने के बजाय बढ़ गई हैं।
मध्यप्रदेश में जनविश्वास अभियान 1 अगस्त से शुरू हुआ है। यह 31 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसके तहत सरकारी विभागों के कामकाज और लोगों की शिकायतों की समीक्षा की जा रही है।
रिपोर्ट में 1 अगस्त से 2 नवंबर तक के आंकड़ों की तुलना की गई है। इसमें सीएम हेल्पलाइन और केंद्र व राज्य सरकार के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मिली शिकायतों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि कई विभागों में लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है।
राजस्व विभाग में पट्टा और कब्जा नहीं मिलने की शिकायतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। 1 अगस्त को ऐसी 1,757 शिकायतें थीं। 2 नवंबर तक इनकी संख्या बढ़कर 4,924 हो गई। यानी 180 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
राहत राशि के भुगतान से जुड़ी शिकायतें भी 1,034 से बढ़कर 2,020 हो गई हैं। इनमें 95 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कृषि विभाग में भी शिकायतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। किसानों को खाद नहीं मिलने की शिकायतें 3,035 से बढ़कर 6,392 हो गई हैं। इनमें 110 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वहीं, फसल सर्वे में गड़बड़ी की शिकायतें 4,933 से बढ़कर 8,392 हो गई हैं। इसमें 70 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि खाद और फसल सर्वे से जुड़ी समस्याएं किसानों के लिए परेशानी बनी हुई हैं।
नगरीय विकास विभाग से जुड़ी शिकायतें भी बढ़ी हैं। स्ट्रीट लाइट बंद रहने की शिकायतें 1,223 से बढ़कर 2,302 हो गई हैं। इनमें 88 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
पेयजल से जुड़ी शिकायतें 2,223 से बढ़कर 3,311 हो गई हैं। सफाई व्यवस्था की शिकायतें 3,323 से बढ़कर 4,690 तक पहुंच गई हैं। वहीं, पानी की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें 2,103 से बढ़कर 2,773 हो गई हैं।
वाणिज्यिक कर विभाग में अवैध शराब की बिक्री से जुड़ी शिकायतें 1,012 से बढ़कर 1,331 हो गई हैं। इनमें 31.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
ऊर्जा विभाग में खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतें 2,249 से बढ़कर 2,876 हो गई हैं। वन विभाग में वन्यप्राणियों से होने वाले नुकसान की शिकायतें भी 330 से बढ़कर 386 हो गई हैं।
रिपोर्ट में कुछ विभागों के लिए राहत की बात भी सामने आई है। श्रम विभाग में मौत के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता की शिकायतें 17 प्रतिशत कम हुई हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में पेट्रोल, डीजल और गैस पंपों के सत्यापन से जुड़ी शिकायतें 16 प्रतिशत घटी हैं। नगरीय विकास विभाग में गरीबी रेखा की सूची में नाम जोड़ने की शिकायतें 26 प्रतिशत कम हुई हैं।
राजस्व विभाग में अविवादित नामांतरण की शिकायतें 16 प्रतिशत और रिकॉर्ड सुधार की शिकायतें 23 प्रतिशत घटी हैं। वहीं, कृषि विभाग में खाद के लाइसेंस से जुड़ी शिकायतों में 16 प्रतिशत की कमी आई है।
जनविश्वास अभियान के दौरान कुछ जिलों में शिकायतों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अशोकनगर में 94.4 प्रतिशत, छतरपुर में 89.6 प्रतिशत और गुना में 88.5 प्रतिशत शिकायतें कम हुई हैं।
इसी तरह झाबुआ में शिकायतों में 82.9 प्रतिशत और अलीराजपुर में 82.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
जनविश्वास अभियान का उद्देश्य सरकारी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बढ़ाना है। लेकिन रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि कई विभागों में अभी सुधार की जरूरत है।
जमीन, खाद, फसल सर्वे, पानी और सफाई जैसी समस्याएं सीधे आम लोगों से जुड़ी हैं। अब अधिकारियों के सामने इन शिकायतों का जल्द समाधान करने की चुनौती है। देखना होगा कि आने वाले महीनों में विभागों के कामकाज में कितना सुधार होता है।
सरकारी योजनाओं और सेवाओं में शिकायतों का समय पर निपटारा जनता के भरोसे से जुड़ा है। पट्टा, खाद और फसल सर्वे जैसी बुनियादी सुविधाओं में शिकायतें बढ़ना बताता है कि जमीनी स्तर पर काम में कमी है। अभियान के आंकड़े सरकार और अधिकारियों की जवाबदेही को परखने का एक तरीका हैं।
तीन महीने में बढ़ीं शिकायतें
रिपोर्ट में 1 अगस्त से 2 नवंबर तक के आंकड़ों की तुलना की गई है। इसमें सीएम हेल्पलाइन और केंद्र व राज्य सरकार के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मिली शिकायतों को शामिल किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि कई विभागों में लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है।
पट्टा और कब्जा नहीं मिलने की शिकायतें 180% बढ़ीं
राहत राशि के भुगतान से जुड़ी शिकायतें भी 1,034 से बढ़कर 2,020 हो गई हैं। इनमें 95 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
किसानों को खाद नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
वहीं, फसल सर्वे में गड़बड़ी की शिकायतें 4,933 से बढ़कर 8,392 हो गई हैं। इसमें 70 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि खाद और फसल सर्वे से जुड़ी समस्याएं किसानों के लिए परेशानी बनी हुई हैं।
पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्या
पेयजल से जुड़ी शिकायतें 2,223 से बढ़कर 3,311 हो गई हैं। सफाई व्यवस्था की शिकायतें 3,323 से बढ़कर 4,690 तक पहुंच गई हैं। वहीं, पानी की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें 2,103 से बढ़कर 2,773 हो गई हैं।
अवैध शराब और ट्रांसफार्मर को लेकर भी शिकायतें
ऊर्जा विभाग में खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतें 2,249 से बढ़कर 2,876 हो गई हैं। वन विभाग में वन्यप्राणियों से होने वाले नुकसान की शिकायतें भी 330 से बढ़कर 386 हो गई हैं।
इन मामलों में कम हुई शिकायतें
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में पेट्रोल, डीजल और गैस पंपों के सत्यापन से जुड़ी शिकायतें 16 प्रतिशत घटी हैं। नगरीय विकास विभाग में गरीबी रेखा की सूची में नाम जोड़ने की शिकायतें 26 प्रतिशत कम हुई हैं।
राजस्व विभाग में अविवादित नामांतरण की शिकायतें 16 प्रतिशत और रिकॉर्ड सुधार की शिकायतें 23 प्रतिशत घटी हैं। वहीं, कृषि विभाग में खाद के लाइसेंस से जुड़ी शिकायतों में 16 प्रतिशत की कमी आई है।
इन जिलों में शिकायतें सबसे ज्यादा घटीं
इसी तरह झाबुआ में शिकायतों में 82.9 प्रतिशत और अलीराजपुर में 82.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती
जमीन, खाद, फसल सर्वे, पानी और सफाई जैसी समस्याएं सीधे आम लोगों से जुड़ी हैं। अब अधिकारियों के सामने इन शिकायतों का जल्द समाधान करने की चुनौती है। देखना होगा कि आने वाले महीनों में विभागों के कामकाज में कितना सुधार होता है।
यह खबर क्यों जरूरी है
- मध्यप्रदेश में जनविश्वास अभियान क्या है ?
जनविश्वास अभियान मध्यप्रदेश में 1 अगस्त से शुरू हुआ है और यह 31 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और लोगों की शिकायतों की समीक्षा करना है, ताकि सरकारी सेवाओं में सुधार किया जा सके और जनता का विश्वास बढ़ाया जा सके। - राजस्व विभाग में शिकायतों का कितना इजाफा हुआ है?
राजस्व विभाग में पट्टा और कब्जा नहीं मिलने की शिकायतें 1 अगस्त से 2 नवंबर के बीच 180 प्रतिशत बढ़कर 4,924 हो गई हैं। राहत राशि के भुगतान से जुड़ी शिकायतें भी 95 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,020 तक पहुंच गई हैं। - किस विभाग में शिकायतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है?
कृषि विभाग में किसानों को खाद नहीं मिलने की शिकायतें 110 प्रतिशत बढ़कर 6,392 हो गई हैं, जबकि फसल सर्वे में गड़बड़ी की शिकायतें 70 प्रतिशत बढ़कर 8,392 हो गई हैं।
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