नहीं चलेगी सरकारी कार्यालयों में मनमानी, मध्य प्रदेश में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक करना होगा काम
Pratibha ranaa | Jun 26, 2024, 15:41 IST
MP Government Employees Office Timing
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे ऑफिस पहुंचने का निर्देश जारी किया है। यह आदेश सीनियर अधिकारियों पर भी लागू होगा। द सूत्र ने इस मामले को लेकर मुद्दा उठाया था।
मध्य प्रदेश में अब सरकारी ऑफिस में देरी से पहुंचने वालों की खैर नहीं है। सरकार ने इस मामले में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। अब सरकारी कार्यालयों में मनमानी नहीं चलेगी। कार्यालय सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खुलेंगे। सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर कर्मचारी ऑफिस देरी से पहुंचते हैं तो ऐसे में इस तरह के कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे ऑफिस पहुंचने का निर्देश जारी किया है। यह आदेश सीनियर अधिकारियों पर भी लागू होगा। प्रदेश सरकार ने सरकारी ऑफिस खोलने का समय 10 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया है।
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बता दें, सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुले हैं, लेकिन कई ऐसे कर्मचारी हैं, जो समय से ऑफिस नहीं आते हैं। कई बार ऐसे भी मामले सामने आते है, जहां पर कुछ ऑफिस निर्धारित समय पर न खुल रहे हैं और न बंद हो रहे हैं। द सूत्र ने इसका मुद्दा उठाया था।
बता दें, तीसरी बार देश की सरकार संभालने के साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने प्रशासनिक व्यवस्था ( administrative law ) में कसावट शुरू कर दी है। पीएम ने केंद्रीय अधिकारी- कर्मचारियों समय पर ऑफिस पहुंचने की हिदायत भी दी है।
इसके बावजूद मध्य प्रदेश में सरकारी अमला सुधरने का नाम नहीं ले रहा था। अक्सर अधिकारी समय पर ऑफिस पहुंचते नहीं है और फायदा उठाकर कर्मचारी भी गायब रहते हैं।
वहीं परेशानियों के समाधान की गुहार लगाने पहुंचने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यह स्थिति प्रदेश के किसी एक शहर या सरकारी दफ्तर की नहीं है। जिला और जनपद स्तर के सरकारी ऑफिस जहां खाली पड़े रहते हैं।
अधिकारियों की जनता से दूरी परेशान लोगों में नाराजगी की वजह बन रही है। अधिकांश ऑफिसों में कर्मचारियों ने जरूरतमंदों को अफसरों से दूर रखने की स्वघोषित व्यवस्था ही बना ली है।
प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में भर्राशाही का क्या हाल है ये किसी से छिपा नहीं है, लेकिन सरकार इस पर आंखें मूंदे बैठी है। द सूत्र की टीम मंगलवार ( 18 जून) को जनसुनवाई के दौरान राजधानी के सरकारी कार्यालयों का हाल देखने पहुंची। तब जो स्थिति सामने आई वह व्यवस्था की हकीकत से पर्दा उठाने वाली थी। जनसुनवाई का दिन होने के बाद भी कई अधिकारी ऑफिसों में मौजूद नहीं थे। ज्यादातर कर्मचारी भी कार्यालयों से गायब थे।
मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई में अपनी फरियाद सुनाने सुबह से ही लोग आ-जा रहे थे,लेकिन इसी परिसर में सुबह 11 बजे के बाद भी कई ऑफिसों से कर्मचारी गायब थे। यही नहीं कृषि, शिक्षा, राजस्व अधिकारी भी अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे।
अधिकतर चेंबरों में कुर्सियां खाली पड़ी थीं और जो एक-दो कर्मचारी थे वे भी काम नहीं कर रहे थे। कमिश्नर कार्यालय में कर्मचारियों के केबिनों में सनाका खिंचा हुआ था और यहां भी गिने-चुने कर्मचारी ही लोगों से आवेदन लेकर समस्याएं सुन रहे थे।
जनसुनवाई के दिन सुबह 11.30 बजे जब द सूत्र की टीम जिला शिक्षा केंद्र पहुंची तो वहां सफाई चल रही थी। डीपीसी ओपी शर्मा तब तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे और जो कर्मचारी आ गए थे वे भी गप्पबाजी में लगे थे। अपर आयुक्त ऊषा परमार का चेंबर भी खाली था।
उनके कार्यालय के चेंबरों से कर्मचारी भी गायब थे। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि सुमन पसारे भी समय पर ऑफिस नहीं आई थीं। जब उनके कर्मचारियों से उप संचालक के संबंध में पूछा तो वे यह भी नहीं बता पाए कि वे कब तक आएंगी।
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Office Timing In MP | Govt Employees | सीएम मोहन यादव | MP Government Employees Office Timing | सरकारी कार्यालयों में टाइमिंग
सुबह 10 से 6 बजे तक खुलेंगे सरकारी ऑफिस
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे ऑफिस पहुंचने का निर्देश जारी किया है। यह आदेश सीनियर अधिकारियों पर भी लागू होगा। प्रदेश सरकार ने सरकारी ऑफिस खोलने का समय 10 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया है।
letter 26 june
द सूत्र ने उठाया था मुद्दा
बता दें, सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुले हैं, लेकिन कई ऐसे कर्मचारी हैं, जो समय से ऑफिस नहीं आते हैं। कई बार ऐसे भी मामले सामने आते है, जहां पर कुछ ऑफिस निर्धारित समय पर न खुल रहे हैं और न बंद हो रहे हैं। द सूत्र ने इसका मुद्दा उठाया था।
पीएम मोदी कर रहे सुधार का प्रयास
बता दें, तीसरी बार देश की सरकार संभालने के साथ ही पीएम नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने प्रशासनिक व्यवस्था ( administrative law ) में कसावट शुरू कर दी है। पीएम ने केंद्रीय अधिकारी- कर्मचारियों समय पर ऑफिस पहुंचने की हिदायत भी दी है।
इसके बावजूद मध्य प्रदेश में सरकारी अमला सुधरने का नाम नहीं ले रहा था। अक्सर अधिकारी समय पर ऑफिस पहुंचते नहीं है और फायदा उठाकर कर्मचारी भी गायब रहते हैं।
वहीं परेशानियों के समाधान की गुहार लगाने पहुंचने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। यह स्थिति प्रदेश के किसी एक शहर या सरकारी दफ्तर की नहीं है। जिला और जनपद स्तर के सरकारी ऑफिस जहां खाली पड़े रहते हैं।
अधिकारियों की जनता से दूरी परेशान लोगों में नाराजगी की वजह बन रही है। अधिकांश ऑफिसों में कर्मचारियों ने जरूरतमंदों को अफसरों से दूर रखने की स्वघोषित व्यवस्था ही बना ली है।
सरकारी दफ्तरों में भर्राशाही
प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में भर्राशाही का क्या हाल है ये किसी से छिपा नहीं है, लेकिन सरकार इस पर आंखें मूंदे बैठी है। द सूत्र की टीम मंगलवार ( 18 जून) को जनसुनवाई के दौरान राजधानी के सरकारी कार्यालयों का हाल देखने पहुंची। तब जो स्थिति सामने आई वह व्यवस्था की हकीकत से पर्दा उठाने वाली थी। जनसुनवाई का दिन होने के बाद भी कई अधिकारी ऑफिसों में मौजूद नहीं थे। ज्यादातर कर्मचारी भी कार्यालयों से गायब थे।
जनसुनवाई के दिन भी खाली नजर आए ऑफिस
मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई में अपनी फरियाद सुनाने सुबह से ही लोग आ-जा रहे थे,लेकिन इसी परिसर में सुबह 11 बजे के बाद भी कई ऑफिसों से कर्मचारी गायब थे। यही नहीं कृषि, शिक्षा, राजस्व अधिकारी भी अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे।
अधिकतर चेंबरों में कुर्सियां खाली पड़ी थीं और जो एक-दो कर्मचारी थे वे भी काम नहीं कर रहे थे। कमिश्नर कार्यालय में कर्मचारियों के केबिनों में सनाका खिंचा हुआ था और यहां भी गिने-चुने कर्मचारी ही लोगों से आवेदन लेकर समस्याएं सुन रहे थे।
डीपीसी, अपर आयुक्त, उपसंचालक भी गायब
जनसुनवाई के दिन सुबह 11.30 बजे जब द सूत्र की टीम जिला शिक्षा केंद्र पहुंची तो वहां सफाई चल रही थी। डीपीसी ओपी शर्मा तब तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे और जो कर्मचारी आ गए थे वे भी गप्पबाजी में लगे थे। अपर आयुक्त ऊषा परमार का चेंबर भी खाली था।
उनके कार्यालय के चेंबरों से कर्मचारी भी गायब थे। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि सुमन पसारे भी समय पर ऑफिस नहीं आई थीं। जब उनके कर्मचारियों से उप संचालक के संबंध में पूछा तो वे यह भी नहीं बता पाए कि वे कब तक आएंगी।
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